सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   World ›   iran war may push millions into poverty un warns

प. एशिया संकट: 'तीन करोड़ लोगों को फिर से गरीबी के गर्त में धकेलेगा ईरान युद्ध', संयुक्त राष्ट्र ने किया आगाह

एजेंसी, बैंकॉक। । Published by: Nirmal Kant Updated Fri, 24 Apr 2026 05:11 AM IST
विज्ञापन
सार

यूएनडीपी प्रमुख अलेक्जेंडर डी क्रू ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध के असर से करोड़ों लोग फिर गरीबी में जा सकते हैं और खाद्य संकट तेजी से बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि उर्वरक व ईंधन आपूर्ति में बाधा से कृषि उत्पादन घट रहा है और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर गंभीर दबाव बन रहा है। पढ़िए रिपोर्ट-

iran war may push millions into poverty un warns
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के प्रमुख अलेक्जेंडर डी क्रू ने बृहस्पतिवार चेतावनी दी कि ईरान युद्ध के असर से तीन करोड़ से अधिक की आबादी फिर से गरीबी में जीने को मजबूर होगी। यहीं नहीं, ईंधन और किसानों के ठीक फसल बोने के वक्त उर्वरक आपूर्ति में भी रुकावटें आएंगी। यूएनडीपी प्रशासक क्रू ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाले मालवाहक जहाजों को अवरुद्ध करने से उर्वरकों की कमी से कृषि उत्पादन घटा है। इससे इस साल के आखिर में फसल की पैदावार पर असर पड़ सकता है।
Trending Videos


उन्होंने कहा कि कुछ महीनों में खाद्य संकट का खतरा अपने उच्चतम स्तर पर होगा और आप इसके बारे में अधिक कुछ नहीं कर सकते। इसके साथ ही ऊर्जा की कमी और कम होती आय भी दिक्कतें बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया उर्वरक का बड़ा उत्पादक है और इसका एक-तिहाई हिस्सा होर्मुज से गुजरता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: संयुक्त राष्ट्र: भारत ने कहा- सुरक्षा परिषद के ढांचे में तत्काल व्यापक सुधार जरूरी, यह समय की मांग

डी क्रू ने कहा, दशकों में बनी चीजों को खत्म करने में महज आठ हफ्ते का युद्ध काफी है। भले ही युद्ध कल ही बंद हो जाए, लेकिन इसके असर पहले से ही हैं और ये तीन करोड़ अधिक लोगों को गरीबी में धकेल देगा। इस महीने के शुरू में, विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम ने आगाह किया था कि युद्ध खाद्य कीमतों को बढ़ाएगा, जिससे दुनिया की सबसे कमजोर आबादी पर और बोझ पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस संकट के असर से पहले ही वैश्विक जीडीपी में 0.5 फीसदी से 0.8 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। सूडान, गाजा और यूक्रेन जैसे क्षेत्रों में मदद कम पड़ रही है, जिससे कई लोग और ज्यादा संकट में आ सकते हैं। उन्होंने कहा, जिन चीजों को बनने में दशकों लगते हैं, उन्हें खत्म करने में महज आठ हफ्ते का युद्ध ही काफी होता है।
 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed