{"_id":"69bb8e6255d6a571f2009c04","slug":"irgc-claims-qatar-oil-site-strikes-operation-true-promise-4-trump-warns-iran-energy-crisis-west-asia-tension-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Asia Crisis: 'गैस फील्ड पर हमला हुआ तो करारा जवाब देंगे', कतर के ऊर्जा ठिकाने पर हमले के बाद ईरान की धमकी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
West Asia Crisis: 'गैस फील्ड पर हमला हुआ तो करारा जवाब देंगे', कतर के ऊर्जा ठिकाने पर हमले के बाद ईरान की धमकी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:19 AM IST
विज्ञापन
सार
ईरान की सेना ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। ईरान ने इसे अपने खुफिया मंत्री की मौत का बदला बताया है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कतर के गैस ठिकानों को दोबारा निशाना बनाया गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा संसाधनों को पूरी तरह नष्ट कर देगा।
ईरान संकट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन
विस्तार
ईरान की सेना 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (आईआरजीसी) ने क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े तेल ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है। आईआरजीसी ने बताया कि ये हमले 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के 63वें चरण का हिस्सा थे। ईरान ने यह कार्रवाई अमेरिका और इस्राइल के उन हमलों के जवाब में की है जो पिछले दिनों ईरान पर हुए थे।
आईआरजीसी ने क्या कहा?
ईरानी सेना के जनसंपर्क कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि यह हमला ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब और अन्य साथियों की शहादत का बदला लेने के लिए भी थी। ईरान ने साफ किया कि उसका शुरुआती इरादा तेल ठिकानों पर हमला करने या पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का नहीं था। लेकिन जब दुश्मन ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया, तो ईरान को भी जवाबी हमला करना पड़ा। आईआरजीसी का कहना है कि अब यह युद्ध एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।
आईआरजीसी ने किया दावा
ईरान की आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने इस्राइल के भीतर लगभग 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें रिशोन लेजियन, रामला, लोद, ईलात और तेल अवीव के पास के कई महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं। इन हमलों में कई वारहेड वाली मिसाइलों और घातक ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर फिर से हमला हुआ, तो वह दुश्मन के ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर देगा और अगला हमला इससे भी ज्यादा भयानक होगा।
ये भी पढ़ें: US: ईरान युद्ध के खिलाफ इस्तीफा देने वाले अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू, खुफिया जानकारी लीक करने का शक
ट्रंप ने ईरान को दी चेतावानी
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने फिर से कतर की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया, तो अमेरिका ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह नष्ट कर देगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि कतर या अमेरिका को हालिया हमलों की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और ईरान ने गलतफहमी में कतर की एलएनजी सुविधा पर हमला किया है। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि इजरायल अब इस गैस फील्ड पर तब तक हमला नहीं करेगा, जब तक ईरान कतर जैसे निर्दोष देश को निशाना बनाना बंद रखता है।
ट्रंप ने साफ किया कि वह ईरान में तबाही नहीं चाहते क्योंकि इसका भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा, लेकिन कतर पर दोबारा हमला होने की स्थिति में वे सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। इस बीच, ईरान के गैस फील्ड और कतर की ऊर्जा सुविधाओं पर हुए इन हमलों के कारण वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। फिलहाल इस तनावपूर्ण स्थिति का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकलता दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे दुनिया भर में आर्थिक चिंताएं बढ़ गई हैं।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
आईआरजीसी ने क्या कहा?
ईरानी सेना के जनसंपर्क कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि यह हमला ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब और अन्य साथियों की शहादत का बदला लेने के लिए भी थी। ईरान ने साफ किया कि उसका शुरुआती इरादा तेल ठिकानों पर हमला करने या पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का नहीं था। लेकिन जब दुश्मन ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया, तो ईरान को भी जवाबी हमला करना पड़ा। आईआरजीसी का कहना है कि अब यह युद्ध एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आईआरजीसी ने किया दावा
ईरान की आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने इस्राइल के भीतर लगभग 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें रिशोन लेजियन, रामला, लोद, ईलात और तेल अवीव के पास के कई महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं। इन हमलों में कई वारहेड वाली मिसाइलों और घातक ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर फिर से हमला हुआ, तो वह दुश्मन के ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर देगा और अगला हमला इससे भी ज्यादा भयानक होगा।
ये भी पढ़ें: US: ईरान युद्ध के खिलाफ इस्तीफा देने वाले अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू, खुफिया जानकारी लीक करने का शक
ट्रंप ने ईरान को दी चेतावानी
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने फिर से कतर की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया, तो अमेरिका ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह नष्ट कर देगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि कतर या अमेरिका को हालिया हमलों की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी और ईरान ने गलतफहमी में कतर की एलएनजी सुविधा पर हमला किया है। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि इजरायल अब इस गैस फील्ड पर तब तक हमला नहीं करेगा, जब तक ईरान कतर जैसे निर्दोष देश को निशाना बनाना बंद रखता है।
ट्रंप ने साफ किया कि वह ईरान में तबाही नहीं चाहते क्योंकि इसका भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा, लेकिन कतर पर दोबारा हमला होने की स्थिति में वे सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। इस बीच, ईरान के गैस फील्ड और कतर की ऊर्जा सुविधाओं पर हुए इन हमलों के कारण वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। फिलहाल इस तनावपूर्ण स्थिति का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकलता दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे दुनिया भर में आर्थिक चिंताएं बढ़ गई हैं।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
कमेंट
कमेंट X