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Hamas Disarmament: नेतन्याहू और बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में हमास निरस्त्रीकरण समझौते पर चर्चा; गाजा में शांति कब?

Tue, 04 Aug 2026 02:36 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरूशलम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरूशलम Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 04 Aug 2026 02:36 AM IST
सार

गाजा में युद्ध के बाद शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश तेज हो गई है। बोर्ड ऑफ पीस के दूत ने नेतन्याहू से मुलाकात कर हमास के निरस्त्रीकरण समझौते और इस्राइली हमले रोकने पर चर्चा की।

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Israel Gaza War Board of Peace Envoy Meets Netanyahu Over Hamas Disarmament Deal
गाजा में थमेंगे हमले? - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

गाजा के युद्ध के बाद के संक्रमण की निगरानी कर रहे बोर्ड ऑफ पीस के अधिकारी ने सोमवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। बोर्ड ऑफ पीस के बयान के अनुसार, इस बैठक में हमास के साथ हुए नए निरस्त्रीकरण समझौते पर चर्चा की गई।

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क्या बैठक में निरस्त्रीकरण समझौते पर चर्चा हुई?
बोर्ड ऑफ पीस के अनुसार, गाजा के उच्च प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी टीम के साथ रचनात्मक और विस्तृत बातचीत की। बयान में कहा गया कि उद्देश्य स्पष्ट है और इसमें कोई बदलाव नहीं है। गाजा पट्टी में हथियारों को पूरी तरह हटाना और हथियारों के शासन से नागरिक प्रशासन की ओर संक्रमण सुनिश्चित करना इसका लक्ष्य है।
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क्या गाजा पर हमले रोकने की भी अपील की गई?
बैठक से परिचित दो लोगों के अनुसार, म्लादेनोव ने नेतन्याहू से गाजा पट्टी पर इस्राइली हमले रोकने का भी आग्रह किया। बताया गया कि म्लादेनोव और उनकी टीम, जिसमें वरिष्ठ सलाहकार एरीये लाइटस्टोन भी शामिल हैं, हमास के हथियारों के निरस्त्रीकरण समझौते को आगे बढ़ाने के साथ-साथ इस्राइल पर हमले रोकने का दबाव बना रहे हैं।
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हमास बोला- युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण पर कायम
हमास ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि संगठन और विभिन्न फलस्तीनी गुट युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण को लागू करने पर बनी सहमति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हमास के अनुसार, समझौते के तहत सभी पक्षों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभानी हैं। संगठन ने यह भी कहा कि वह निकोलाय म्लादेनोव और मध्यस्थ देशों की ओर से हुए समझौते पर स्पष्ट और आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।

गाजा पर इस्राइली हमलों की मध्यस्थ देशों ने की निंदा
वहीं, गाजा युद्धविराम वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे मिस्र, कतर और तुर्किये ने सोमवार को संयुक्त बयान जारी कर इस्राइल के लगातार जारी हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा ढांचे को निशाना बनाना तथा इसके कारण आम नागरिकों की जान जाना अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है। मध्यस्थ देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह इस्राइल पर समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने के लिए लगातार दबाव बनाए रखे।

क्या समझौता व्यापक युद्धविराम का हिस्सा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले गुरुवार इस समझौते की घोषणा की थी। यह समझौता पिछले वर्ष हुए व्यापक युद्धविराम समझौते का हिस्सा है। इसके तहत इस्राइल को अपने सैन्य अभियान रोकने और हमास तथा उसके सहयोगियों को सभी उग्रवादी गतिविधियां बंद करने का प्रस्ताव दिया गया था। समझौते में हथियारों के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया की भी सामान्य रूपरेखा दी गई है।

क्या इस्राइल ने समझौते पर आपत्ति जताई?
समझौते का मसौदा सार्वजनिक होने के बाद इस्राइल ने कहा कि उसे इससे जुड़ी "गंभीर सुरक्षा चिंताएं" हैं और उसने इन्हें अमेरिका के साथ साझा किया है। इसके बाद इस्राइल ने गाजा में हमले तेज कर दिए। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात से रविवार तक हुए हमलों में 17 लोगों की मौत हुई। हालांकि सोमवार को गाजा में किसी हवाई हमले की सूचना दर्ज नहीं की गई।

क्या युद्ध में अब तक बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है?
अक्तूबर में युद्धविराम समझौता होने के बाद से इस्राइली हमलों में 1,250 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समझौते ने दो वर्षों से जारी बड़े संघर्ष को समाप्त किया था। यह युद्ध तब शुरू हुआ था, जब हमास के नेतृत्व वाले लड़ाकों ने दक्षिणी इस्राइल पर हमला किया था। इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था।


गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके बाद इस्राइल के सैन्य अभियान में 73,375 लोगों की मौत हुई है। मंत्रालय के आंकड़े नागरिकों और लड़ाकों में अंतर नहीं करते, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा इन्हें सामान्य तौर पर विश्वसनीय माना जाता है।

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