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Jaishankar: मनीला में जयशंकर-रूबियो की वार्ता, रक्षा और प. एशिया पर की चर्चा; व्यापार समझौते को लेकर क्या कहा?
Wed, 22 Jul 2026 06:17 PM IST
Devesh Tripathi
एएनआई, मनीला
एएनआई, मनीला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 22 Jul 2026 06:17 PM IST
सार
मनीला में हुई बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों के प्रमुख मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने, प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। वार्ता में पश्चिम एशिया, हिंद-प्रशांत, ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषय भी शामिल रहे।
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मनीला में भारत के विदेश मंत्री जयशंकर और उनके अमेरिकी समकक्ष
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को मनीला में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की। साथ ही रक्षा सहयोग की प्रगति की समीक्षा की और भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत में लिए गए द्विपक्षीय संकल्पों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की।
जयशंकर-रूबियो के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
बयान में कहा गया, "विदेश मंत्री रूबियो और मंत्री जयशंकर ने पश्चिम एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की।" दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "विदेश मंत्री और मंत्री जयशंकर ने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच पिछले वर्ष हुई प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए प्रमुख रक्षा समझौतों को अंतिम रूप देने पर चर्चा की।"
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व्यापार भी बैठक का अहम विषय रहा। दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के महत्व पर सहमति जताई। बयान में कहा गया, "रूबियो और मंत्री जयशंकर इस बात पर सहमत हुए कि लगभग तैयार हो चुके अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना महत्वपूर्ण है।"
आसियान से इतर क्वाड देशों की बैठक में क्या हुआ?
इससे पहले जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि उन्होंने मनीला में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की। यह बैठक आसियान से संबंधित बैठकों के इतर आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई।
जयशंकर ने लिखा, "मनीला में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात कर खुशी हुई। हमारी बैठक में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की प्राथमिकताओं वाले क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इनमें व्यापार और शुल्क, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता शामिल रहे।"
उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के क्वाड समूह के विदेश मंत्री मनीला में आसियान विदेश मंत्रियों की बैठकों के इतर क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग, उभरती प्रौद्योगिकियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे।
जयशंकर की दो दिवसीय मनीला यात्रा
जयशंकर दो दिवसीय यात्रा पर मनीला पहुंचे हैं। इस दौरान वह आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) के विदेश मंत्रियों की बैठक और आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) की बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' के तहत आसियान के साथ लगातार जुड़ाव और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस बीच, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर 13 जुलाई को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि भारत को इस समझौते को अंतिम रूप देने में कोई बाधा नहीं दिख रही है और उचित समय आने पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जून 2026 के व्यापार आंकड़ों पर मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, "भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की वार्ता में हमें कोई चुनौती नजर नहीं आती।"
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच तय ढांचे के तहत नियमित बातचीत जारी है। मई में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका गया था, जबकि जून में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आया था। राजेश अग्रवाल ने कहा, "बातचीत तय ढांचे के तहत आगे बढ़ रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा है और अन्य देशों के साथ अमेरिका की समानांतर बातचीत के बीच भी भारत-अमेरिका वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "दोनों पक्ष सार्वजनिक रूप से भी कह रहे हैं कि बातचीत अच्छी चल रही है।"
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अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत में लिए गए द्विपक्षीय संकल्पों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की।
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जयशंकर-रूबियो के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
बयान में कहा गया, "विदेश मंत्री रूबियो और मंत्री जयशंकर ने पश्चिम एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की।" दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "विदेश मंत्री और मंत्री जयशंकर ने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच पिछले वर्ष हुई प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए प्रमुख रक्षा समझौतों को अंतिम रूप देने पर चर्चा की।"
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व्यापार भी बैठक का अहम विषय रहा। दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के महत्व पर सहमति जताई। बयान में कहा गया, "रूबियो और मंत्री जयशंकर इस बात पर सहमत हुए कि लगभग तैयार हो चुके अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना महत्वपूर्ण है।"
आसियान से इतर क्वाड देशों की बैठक में क्या हुआ?
इससे पहले जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि उन्होंने मनीला में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की। यह बैठक आसियान से संबंधित बैठकों के इतर आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई।
जयशंकर ने लिखा, "मनीला में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात कर खुशी हुई। हमारी बैठक में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की प्राथमिकताओं वाले क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इनमें व्यापार और शुल्क, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता शामिल रहे।"
उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के क्वाड समूह के विदेश मंत्री मनीला में आसियान विदेश मंत्रियों की बैठकों के इतर क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री सहयोग, उभरती प्रौद्योगिकियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे।
जयशंकर की दो दिवसीय मनीला यात्रा
जयशंकर दो दिवसीय यात्रा पर मनीला पहुंचे हैं। इस दौरान वह आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) के विदेश मंत्रियों की बैठक और आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) की बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' के तहत आसियान के साथ लगातार जुड़ाव और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस बीच, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर 13 जुलाई को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि भारत को इस समझौते को अंतिम रूप देने में कोई बाधा नहीं दिख रही है और उचित समय आने पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जून 2026 के व्यापार आंकड़ों पर मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, "भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की वार्ता में हमें कोई चुनौती नजर नहीं आती।"
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच तय ढांचे के तहत नियमित बातचीत जारी है। मई में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका गया था, जबकि जून में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आया था। राजेश अग्रवाल ने कहा, "बातचीत तय ढांचे के तहत आगे बढ़ रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा है और अन्य देशों के साथ अमेरिका की समानांतर बातचीत के बीच भी भारत-अमेरिका वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "दोनों पक्ष सार्वजनिक रूप से भी कह रहे हैं कि बातचीत अच्छी चल रही है।"