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Ebola Outbreak: कांगो में इबोला का कहर, मृतकों की संख्या 999 पहुंची; अब तक 2,473 मामले दर्ज
Wed, 22 Jul 2026 05:08 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, बुनिया
पीटीआई, बुनिया
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 22 Jul 2026 05:08 PM IST
सार
कांगो में इबोला संक्रमण तेजी से फैल रहा है और मृतकों की संख्या 999 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हजारों लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि सैकड़ों मरीज अस्पतालों और आइसोलेशन केंद्रों में उपचाराधीन हैं। इस बार संक्रमण बुंडीबुग्यो वायरस से जुड़ा है, जिसके लिए फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है। कई नए मामलों के संक्रमण स्रोत का पता नहीं चलने से स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
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इबोला का आतंक
- फोटो : Amarujala.com/AI
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विस्तार
कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्रकोप में अब तक कम से कम 999 लोगों की मौत हो चुकी है। इसे पहले ही इतिहास का सबसे तेजी से फैलने वाला इबोला प्रकोप घोषित किया जा चुका है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सोमवार तक इस प्रकोप के 2,473 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 999 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कम से कम 737 मरीज फिलहाल आइसोलेशन केंद्रों और अस्पतालों में भर्ती हैं। 15 मई को घोषित यह प्रकोप पिछले अधिकांश इबोला प्रकोपों से अलग है, क्योंकि इसके लिए जिम्मेदार बुंडीबुग्यो वायरस के खिलाफ अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है।
जानलेवा साबित हो रहा वायरस
यह प्रकोप अब तक दर्ज किसी भी इबोला महामारी की तुलना में अधिक तेजी से जानलेवा साबित हुआ है। वर्ष 2013 से 2016 के बीच फैले इबोला प्रकोप को अब तक का सबसे बड़ा प्रकोप माना जाता है, जिसमें कम से कम 28,000 मामलों में 11,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। उस महामारी में मृतकों की संख्या एक हजार तक पहुंचने में करीब आठ महीने लगे थे।
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इबोला एक दुर्लभ लेकिन बेहद संक्रामक बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ, जैसे उल्टी, खून या वीर्य के संपर्क में आने से फैल सकता है। इससे होने वाली बीमारी गंभीर होती है और कई मामलों में जानलेवा साबित होती है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नए मामलों में करीब 80 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनके संक्रमण की श्रृंखला का पता नहीं चल पाया है। इससे संकेत मिलता है कि संक्रमण स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी क्षमता से अधिक तेजी से फैल रहा है।
कांगो के किन प्रांतों में सर्वाधिक प्रकोप?
अधिकारियों ने बताया कि प्रकोप के केंद्र इतुरी प्रांत के अलावा चार अन्य प्रांतों में भी मामले सामने आए हैं और वहां रोकथाम के प्रयास तेज किए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों और राहत दलों पर हमलों के कारण कई इलाकों से अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों और सहायता संगठनों को हटना पड़ा है। वहीं, कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने यह कहते हुए हड़ताल कर दी है कि प्रकोप शुरू होने के बाद से उन्हें वेतन नहीं मिला है।
घाना में मंगलवार को आयोजित अफ्रीका स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के महानिदेशक डॉ. जीन कासेया ने संक्रमण रोकने के प्रयास और तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा, "अगर हम आज इस प्रकोप को नहीं रोक पाए, तो यह दुनिया में अब तक दर्ज सबसे गंभीर इबोला प्रकोपों में से एक बन सकता है।"
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स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सोमवार तक इस प्रकोप के 2,473 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 999 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कम से कम 737 मरीज फिलहाल आइसोलेशन केंद्रों और अस्पतालों में भर्ती हैं। 15 मई को घोषित यह प्रकोप पिछले अधिकांश इबोला प्रकोपों से अलग है, क्योंकि इसके लिए जिम्मेदार बुंडीबुग्यो वायरस के खिलाफ अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है।
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जानलेवा साबित हो रहा वायरस
यह प्रकोप अब तक दर्ज किसी भी इबोला महामारी की तुलना में अधिक तेजी से जानलेवा साबित हुआ है। वर्ष 2013 से 2016 के बीच फैले इबोला प्रकोप को अब तक का सबसे बड़ा प्रकोप माना जाता है, जिसमें कम से कम 28,000 मामलों में 11,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। उस महामारी में मृतकों की संख्या एक हजार तक पहुंचने में करीब आठ महीने लगे थे।
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इबोला एक दुर्लभ लेकिन बेहद संक्रामक बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ, जैसे उल्टी, खून या वीर्य के संपर्क में आने से फैल सकता है। इससे होने वाली बीमारी गंभीर होती है और कई मामलों में जानलेवा साबित होती है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नए मामलों में करीब 80 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनके संक्रमण की श्रृंखला का पता नहीं चल पाया है। इससे संकेत मिलता है कि संक्रमण स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी क्षमता से अधिक तेजी से फैल रहा है।
कांगो के किन प्रांतों में सर्वाधिक प्रकोप?
अधिकारियों ने बताया कि प्रकोप के केंद्र इतुरी प्रांत के अलावा चार अन्य प्रांतों में भी मामले सामने आए हैं और वहां रोकथाम के प्रयास तेज किए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों और राहत दलों पर हमलों के कारण कई इलाकों से अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों और सहायता संगठनों को हटना पड़ा है। वहीं, कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने यह कहते हुए हड़ताल कर दी है कि प्रकोप शुरू होने के बाद से उन्हें वेतन नहीं मिला है।
घाना में मंगलवार को आयोजित अफ्रीका स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के महानिदेशक डॉ. जीन कासेया ने संक्रमण रोकने के प्रयास और तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा, "अगर हम आज इस प्रकोप को नहीं रोक पाए, तो यह दुनिया में अब तक दर्ज सबसे गंभीर इबोला प्रकोपों में से एक बन सकता है।"