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'ट्रंप प्रशासन से हुई चूक': एपस्टीन फाइल पर जेडी वेंस का बड़ा कबूलनामा, ईरान युद्ध को लेकर कही ये बड़ी बात
Thu, 16 Jul 2026 03:36 AM IST
राकेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 16 Jul 2026 03:36 AM IST
सार
जेडी वेंस ने जो रोगन के शो में खुलकर अपनी सरकार की बड़ी गलतियों को स्वीकार किया है। ईरान युद्ध और एपस्टीन फाइलों पर उठे इन तीखे सवालों ने ट्रंप प्रशासन की भावी राजनीतिक राह को बेहद पेचीदा और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
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जेडी वेंस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति
- फोटो : @अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हाल ही में मशहूर पॉडकास्टर जो रोगन के शो में शामिल हुए। इस शो में उन्होंने कई बड़े खुलासे किए हैं। वेंस ने पहली बार माना कि ट्रंप प्रशासन से बहुत बड़ी गलती हुई। उन्होंने कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन की फाइलें जारी करने में देरी की। वेंस के इस बयान से अमेरिकी राजनीति में हलचल मच गई है।
क्या सच में एपस्टीन फाइलों को रोकने की कोशिश की गई?
जो रोगन ने वेंस से एपस्टीन फाइलों को दबाने पर तीखे सवाल पूछे। इस पर वेंस ने अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा, 'हमसे इस मामले में चूक हुई है। हम इसके लिए दोषी हैं। इन फाइलों को बहुत पहले ही जारी कर दिया जाना चाहिए था।'
देरी की वजह बताते हुए वेंस ने कहा कि पीड़ितों की पहचान छिपाने के कारण वक्त लगा। रोगन ने सवाल उठाया कि कुछ ऐसे लोगों के नाम क्यों छिपाए गए जो पीड़ित नहीं थे? वेंस ने दावा किया कि कुछ पीड़ित ही असल में साजिशकर्ता भी थे। इसलिए अंतर करना मुश्किल था।
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वेंस ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी का भी बचाव किया। बोंडी ने राइट-विंग इन्फ्लुएंसर्स को ये फाइलें दी थीं। वेंस ने माना कि इससे लोगों का भरोसा टूटा। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का भी बचाव किया। वेंस ने कहा कि ट्रंप के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने एपस्टीन के अमेरिकी और इस्राइली खुफिया एजेंसियों से संबंध होने का भी आरोप लगाया।
ईरान युद्ध पर क्यों आमने-सामने आए वेंस और रोगन?
जो रोगन ईरान के साथ युद्ध के सख्त खिलाफ हैं। उन्होंने वेंस से वहां के ताजा हालात पूछे। वेंस ने कहा कि शांति वार्ता बिल्कुल सही दिशा में है। हालांकि, यह बातचीत काफी उतार-चढ़ाव भरी रहेगी। वेंस ने खुलासा किया कि जून में तेल के दाम कम हुए थे। इससे नाराज होकर ईरानी कट्टरपंथियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले तेज कर दिए। रोगन ने पूछा कि क्या अमेरिका इस्राइल के कहने पर इस युद्ध में गया? वेंस ने साफ मना किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप स्वतंत्र रूप से मानते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
यह भी पढ़ें: हवाई हमलों का दूसरा दौर शुरू: US ने ईरान के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, ट्रंप बोले- डेडलाइन देना पसंद नहीं
वेंस की पांच बड़ी बातें
क्या अब ट्रंप से पूरी तरह दूर हो गए हैं जो रोगन?
जो रोगन ने साल 2024 में ट्रंप का समर्थन किया था। लेकिन अब वह सरकार की नीतियों की खुलकर आलोचना कर रहे हैं। रोगन ने कहा कि ईरान युद्ध अमेरिकी जनता से किए गए वादों के खिलाफ है। उन्होंने एपस्टीन फाइलों के मामले को ट्रंप की छवि के लिए बड़ा नुकसान बताया। इस बीच, 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की चर्चा भी तेज है। पॉलिमार्केट के अनुसार, जेडी वेंस की दावेदारी 41% है। वहीं, मार्को रुबियो की दावेदारी 28% पर बनी हुई है।
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क्या सच में एपस्टीन फाइलों को रोकने की कोशिश की गई?
जो रोगन ने वेंस से एपस्टीन फाइलों को दबाने पर तीखे सवाल पूछे। इस पर वेंस ने अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा, 'हमसे इस मामले में चूक हुई है। हम इसके लिए दोषी हैं। इन फाइलों को बहुत पहले ही जारी कर दिया जाना चाहिए था।'
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देरी की वजह बताते हुए वेंस ने कहा कि पीड़ितों की पहचान छिपाने के कारण वक्त लगा। रोगन ने सवाल उठाया कि कुछ ऐसे लोगों के नाम क्यों छिपाए गए जो पीड़ित नहीं थे? वेंस ने दावा किया कि कुछ पीड़ित ही असल में साजिशकर्ता भी थे। इसलिए अंतर करना मुश्किल था।
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वेंस ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी का भी बचाव किया। बोंडी ने राइट-विंग इन्फ्लुएंसर्स को ये फाइलें दी थीं। वेंस ने माना कि इससे लोगों का भरोसा टूटा। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का भी बचाव किया। वेंस ने कहा कि ट्रंप के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उन्होंने एपस्टीन के अमेरिकी और इस्राइली खुफिया एजेंसियों से संबंध होने का भी आरोप लगाया।
ईरान युद्ध पर क्यों आमने-सामने आए वेंस और रोगन?
जो रोगन ईरान के साथ युद्ध के सख्त खिलाफ हैं। उन्होंने वेंस से वहां के ताजा हालात पूछे। वेंस ने कहा कि शांति वार्ता बिल्कुल सही दिशा में है। हालांकि, यह बातचीत काफी उतार-चढ़ाव भरी रहेगी। वेंस ने खुलासा किया कि जून में तेल के दाम कम हुए थे। इससे नाराज होकर ईरानी कट्टरपंथियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले तेज कर दिए। रोगन ने पूछा कि क्या अमेरिका इस्राइल के कहने पर इस युद्ध में गया? वेंस ने साफ मना किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप स्वतंत्र रूप से मानते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।
यह भी पढ़ें: हवाई हमलों का दूसरा दौर शुरू: US ने ईरान के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, ट्रंप बोले- डेडलाइन देना पसंद नहीं
वेंस की पांच बड़ी बातें
- वेंस ने माना कि एपस्टीन की फाइलें समय पर न देना बड़ी भूल थी।
- वेंस ने एपस्टीन के इस्राइली और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों से गहरे संबंध होने की बात कही।
- जून में तेल की कीमतें गिरने से नाराज होकर ईरान ने जहाजों पर हमले किए।
- वेंस ने कहा कि ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई इस्राइल के दबाव में नहीं की गई।
- जेडी वेंस 41% रेटिंग के साथ रिपब्लिकन उम्मीदवारी की रेस में सबसे आगे हैं।
क्या अब ट्रंप से पूरी तरह दूर हो गए हैं जो रोगन?
जो रोगन ने साल 2024 में ट्रंप का समर्थन किया था। लेकिन अब वह सरकार की नीतियों की खुलकर आलोचना कर रहे हैं। रोगन ने कहा कि ईरान युद्ध अमेरिकी जनता से किए गए वादों के खिलाफ है। उन्होंने एपस्टीन फाइलों के मामले को ट्रंप की छवि के लिए बड़ा नुकसान बताया। इस बीच, 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की चर्चा भी तेज है। पॉलिमार्केट के अनुसार, जेडी वेंस की दावेदारी 41% है। वहीं, मार्को रुबियो की दावेदारी 28% पर बनी हुई है।