फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Govt Negligence Left Pakistani Children Infected with HIV: How Serious Is Threat and Where Does India Stand?

Explainer: सरकारी लापरवाही ने पाकिस्तानी बच्चों को किया HIV संक्रमित, ये कितना बड़ा खतरा, भारत की क्या स्थिति?

Thu, 16 Jul 2026 07:03 AM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Thu, 16 Jul 2026 07:03 AM IST
सार

पाकिस्तान में सामने आए एचआईवी के मामले बताते हैं कि स्वास्थ्य व्यवस्था में एक चूक भी हजारों जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है। दुनिया में संक्रमण और मौतों में कमी आई है, लेकिन चुनौती अभी भी बरकरार है। ऐसे में इसकी स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
Govt Negligence Left Pakistani Children Infected with HIV: How Serious Is Threat and Where Does India Stand?
पाकिस्तान पर एचआईवी की मार - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पाकिस्तान में एचआईवी से जुड़े दो मामले सुर्खियों में हैं। इन मामलों के सामने आने के बाद पड़ोसी देश में तेजी बढ़ते एचआईवी के मरीजों की संख्या चिंता का सबब बनी है। सरकारी लापरवाही के चलते बच्चों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान के ज्यादातर एचआईवी संक्रमितों के पता ही नहीं है कि वो किस जानलेवा बीमारी की चपेट में है। जिन्हें पता है उनमें से अधिकांश को इलाज नहीं मिल रहा है।

विज्ञापन


पाकिस्तान में एचआईवी को लेकर क्या खुलासा हुआ? एचआईवी क्या है? यह कैसे फैलता है? दुनिया में इसकी स्थिति कितनी गंभीर है और कितने लोग प्रभावित हुए हैं? कुछ देशों में यह तेजी से क्यों फैल रहा है? भारत में इसके आंकड़े कैसे हैं? और इससे बचाव व इलाज के क्या उपाय हैं? आइये जानते हैं... 

विज्ञापन

Govt Negligence Left Pakistani Children Infected with HIV: How Serious Is Threat and Where Does India Stand?
क्या कहते हैं आंकड़े? - फोटो : अमर उजाला

पाकिस्तान में एचआईवी को लेकर क्या खुलासा हुआ है?

पाकिस्तान की स्वास्थ्य संबंधी एक संसदीय समिति ने खुलासा किया है कि देश में तीन लाख से ज्यादा लोग एचआईवी से संक्रमित हैं। इनमें से महज 87 हजार लोगों की पहचान हो सकी है, यानी दो लाख से ज्यादा लोगों ऐसे हैं कि जिन्हें या तो पता ही नहीं है या फिर वो सामने नहीं आ रहे। जिन 87 हजार लोगों की पहचान हो सकी है उनमें से सिर्फ 34 हजार मरीज इलाज करा रहे हैं। 

दूसरा मामला सरकारी लापरवाही का है। दरअसल, पाकिस्तानी अखबार द डॉन की रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान के कराची स्थित कुलसूम बाई वलिका (KBV) अस्पताल में चिकित्सीय लापरवाही से फैले एचआईवी संक्रमण का मामला पिछले साल सामने आया था और तब से लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में कई बच्चों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया गया। जुलाई की शुरुआत में सिंध सरकार ने पुष्टि की कि 78 बच्चे एचआईवी से संक्रमित पाए गए हैं। एक परिवार के तीनों बच्चों के संक्रमित होने का मामला भी सामने आया, जिससे पूरे प्रकरण ने और गंभीर रूप ले लिया। इसके बाद सरकार ने अस्पताल और आसपास के इलाकों में व्यापक जांच अभियान चलाया। 10,500 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग में अब तक 120 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं।

पाकिस्तान में कितना जानलेवा एचआईवी? 

  • 2010 से 2024 के बीच पाकिस्तान में एचआईवी से अनुमानित मौतों की संख्या में 524% की बढ़ोतरी हुई।
  • करीब 3.5 लाख लोग पाकिस्तान में एचआईवी के साथ जीवन जी रहे हैं।
  • सिर्फ 21% संक्रमित लोगों को ही अपनी एचआईवी स्थिति की जानकारी है।
  • केवल 16%  मरीज एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी पर हैं।
  • सिर्फ 7% (करीब 22,930) मरीजों में इलाज के बाद वायरस का स्तर नियंत्रित है।

Govt Negligence Left Pakistani Children Infected with HIV: How Serious Is Threat and Where Does India Stand?
एचआईवी - फोटो : अमर उजाला

एचआईवी होता क्या है?

एचआईवी एक ऐसा वायरस है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है। यह शरीर की उन कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है जो संक्रमण से लड़ने का काम करती हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो एचआईवी आगे चलकर एड्स का रूप ले सकता है। एड्स होने पर शरीर सामान्य संक्रमणों और कई गंभीर बीमारियों से लड़ने में कमजोर हो जाता है।

दुनिया में एचआईवी की स्थिति कैसी है?

  • संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनएड्स के अनुसार, 2025 में दुनिया में करीब 4.09 करोड़ (40.9 मिलियन) लोग HIV के साथ जीवन जी रहे थे। 
  • इनमें लगभग 3.97 करोड़ वयस्क और 13 लाख बच्चे (0-14 वर्ष) शामिल हैं। 
  • एचआईवी संक्रमित लोगों में 51% महिलाएं और लड़कियां हैं।
  • 88% संक्रमित लोगों को अपनी एचआईवी स्थिति की जानकारी है, लेकिन करीब 50 लाख लोगों को अब भी यह नहीं पता कि वे एचआईवी से संक्रमित हैं।

हर साल कितने नए मामले सामने आ रहे हैं?

  • साल 2025 में दुनिया में करीब 12 लाख नए एचआईवी संक्रमण के मामले दर्ज किए गए। हालांकि, यह संख्या पहले के मुकाबले काफी कम हुई है।
  • 1995 में करीब 35 लाख नए मामले सामने आए थे।
  • 2010 के बाद से नए संक्रमणों में 43% की कमी आई है।
  • बच्चों में नए संक्रमण 2010 की तुलना में 69% घटकर 94 हजार रह गए हैं।
  • 2025 में नए संक्रमितों में 41% महिलाएं और लड़कियां थीं।

अब तक कितने लोग प्रभावित हुए?

यूएनएड्स के अनुसार एचआईवी महामारी की शुरुआत से अब तक,

  • 8.35 करोड़ (83.5 मिलियन) लोग एचआईवी से संक्रमित हो चुके हैं।
  • 4.32 करोड़ (43.2 मिलियन) लोगों की एड्स से जुड़ी बीमारियों के कारण मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

Govt Negligence Left Pakistani Children Infected with HIV: How Serious Is Threat and Where Does India Stand?
एचआईवी - फोटो : अमर उजाला

इलाज की स्थिति क्या है?

  • 2025 के अंत तक 3.21 करोड़ (32.1 मिलियन) लोग एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से इलाज प्राप्त कर रहे थे।
  • 2010 में यह संख्या केवल 77 लाख थी।
  • दुनिया में 78% एचआईवी संक्रमित लोगों को इलाज मिल रहा है।
  • 79% वयस्क और 54% बच्चों तक इलाज पहुंच चुका है।
  • 84% महिलाओं और 74% पुरुषों को एआरटी मिल रही है।
  • 87% एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं को ऐसी दवाएं मिल रही हैं, जिससे संक्रमण बच्चे तक पहुंचने का खतरा कम हो जाता है।

एड्स से कितनी मौतें होती हैं?

  • रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में एड्स से जुड़ी बीमारियों के कारण करीब 5.7 लाख (5,70,000) लोगों की मौत हुई। हालांकि, स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
  • 2004 में एड्स से 21 लाख लोगों की मौत हुई थी।
  • 2010 के बाद से एड्स से होने वाली मौतों में 57% की कमी आई है।
  • इसके बावजूद 2025 में हर एक मिनट में एक व्यक्ति की मौत एचआईवी से जुड़ी बीमारी के कारण हुई।

सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र कौन-सा है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार,अफ्रीकी क्षेत्र एचआईवी से सबसे अधिक प्रभावित है। दुनिया के कुल एचआईवी संक्रमित लोगों में दो-तिहाई से अधिक लोग इसी क्षेत्र में रहते हैं। यहां लगभग हर 30 वयस्कों में से एक व्यक्ति एचआईवी के साथ जीवन जी रहा है।

Govt Negligence Left Pakistani Children Infected with HIV: How Serious Is Threat and Where Does India Stand?
एचआईवी - फोटो : अमर उजाला

एचआईवी तेजी से क्यों फैलता है?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) में प्रकाशित शोध के अनुसार इसके तेजी से फैलने के पीछे केवल व्यक्तिगत व्यवहार नहीं, बल्कि कई सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं भी जिम्मेदार हैं।

  • कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था: जिन देशों में स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर हैं, वहां समय पर एचआईवी की जांच और इलाज नहीं हो पाता। इससे संक्रमित व्यक्ति लंबे समय तक बिना जानकारी के दूसरों तक संक्रमण फैला सकता है।
  • जांच और जागरूकता की कमी: कई लोगों को यह पता ही नहीं चलता कि वे एचआईवी से संक्रमित हैं। देर से जांच होने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
  • गरीबी और सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं: गरीब आबादी के लिए जांच और इलाज तक पहुंच मुश्किल होता है। आर्थिक तंगी के कारण लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते।
  • महिलाओं की सामाजिक स्थिति: खासकर उप-सहारा अफ्रीका में महिलाओं के पास स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच, आर्थिक निर्भरता और यौन संबंधों से जुड़े फैसले लेने की कम स्वतंत्रता होती है। इससे उनमें एचआईवी संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
  • सामाजिक और आर्थिक दबाव: कई बार गरीबी, शिक्षा की कमी और सामाजिक परिस्थितियां लोगों को ऐसे जोखिम भरे हालात में धकेल देती हैं, जहां संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। शोध के अनुसार, यौन उद्योग भी एचआईवी फैलने के प्रमुख कारणों में से एक है।

Govt Negligence Left Pakistani Children Infected with HIV: How Serious Is Threat and Where Does India Stand?
एचाआईवी - फोटो : अमर उजाला

भारत में एचआईवी की क्या है स्थिति?

  • भारत में करीब 26 लाख लोग एचआईवी के साथ रह रहे हैं।
  • 2024 में 64 हजार नए एचआईवी संक्रमण और 32 हजार मौतों का अनुमान है।
  • वयस्कों (15-49 वर्ष) में एचआईवी संक्रमण की दर 0.2% है।

इलाज की स्थिति

  • 84% लोगों को पता है कि उन्हें एचआईवी है।
  • 72% लोग एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) के जरिए इलाज करा रहे हैं।
  • 70% लोगों में इलाज के बाद वायरस का स्तर नियंत्रित है।
  • भारत अभी डब्ल्यूएचओ के 95-95-95 लक्ष्य से पीछे है।

भारत की उपलब्धियां

  • एचआईवी की पुष्टि होने के सात दिनों के भीतर इलाज शुरू करने की नीति लागू है।
  • संक्रमण से बचाव के लिए PrEP और डोलुटेग्राविर (DTG) आधारित आधुनिक दवा को राष्ट्रीय उपचार नीति में शामिल किया गया है।
  • देशभर में वायरल लोड (शरीर में वायरस की मात्रा) की जांच की सुविधा उपलब्ध है।
  • एआरटी दवाएं एक साथ तीन महीने के लिए देने की व्यवस्था है, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल नहीं जाना पड़ता और इलाज जारी रखना आसान होता है।

एचआईवी को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं क्या कर रहे हैं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एचआईवी की रोकथाम, जांच और इलाज को मजबूत बनाने के लिए दुनिया के कई देशों के साथ काम कर रहा है। डब्ल्यूएचओ लोगों की समय पर जांच, संक्रमित मरीजों को जल्द इलाज से जोड़ने, PrEP और PEP जैसी रोकथाम संबंधी दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, गर्भवती महिलाओं को उपचार उपलब्ध कराने और देशों की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देता है। साथ ही एचआईवी से जुड़े नए उपचार और लंबी अवधि तक असर करने वाली दवाओं पर भी काम किया जा रहा है।

वहीं यूनीसेफ का लक्ष्य 2030 तक एड्स महामारी को खत्म करने के वैश्विक प्रयासों में सहयोग करना है। इसके लिए वह 190 से अधिक देशों में सरकारों और अन्य संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है। यूनीसेफ का फोकस मां से बच्चे में एचआईवी संक्रमण रोकने, बच्चों और किशोरों की समय पर जांच व इलाज सुनिश्चित करने, युवाओं में जागरूकता बढ़ाने, एचआईवी से जुड़े सामाजिक भेदभाव को कम करने और जांच व उपचार सेवाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed