लैटिन अमेरिका में अशांति: 'वैश्विक युद्ध रोकने के लिए अहम', ट्रंप से मुलाकात से पहले बोले कोलंबियाई राष्ट्रपति
वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद वैश्विक राजनीति दो धड़ों में बंटी है। इसी बीच दुनिया की नजरें कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो और डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में होने वाली बैठक पर टिकी हैं। पेट्रो ने इसे दुनिया में युद्ध रोकने की दिशा में अहम बताया है। हालांकि सवाल यह है कि क्या यह मुलाकात लैटिन अमेरिका में बढ़ते सैन्य तनाव को कम कर पाएगी?
विस्तार
वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई और फिर वहां के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने राष्ट्रपति ट्रंप की नीति को लेकर दुनिया को दो धरों में बांट दिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक सवाल, जवाब, समर्थन और विरोध का दौर जारी है। ऐसे में एक बार फिर वैश्विक राजनीति में चर्चा तब बढ़ गई जब बीते दिनों ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अरने पुराने मंशे को दोहराया। इस बात का जमकर विरोध भी हुआ। बहराल इस मामले में ताजा अपडेट यह है कि कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो और डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में मुलाकात करने वाले हैं। अब सवाल ये है कि लैटिन अमेरिका में जारी अशांति के बीच ये मुलाकात कितना असरदार हो सकता है?
सवाल ये खड़ा हो रहा है कि दक्षिण अमेरिका में जारी अशांति के बीच ये मुलाकात कितनी अहम है। इस मुलाकात के महत्व को ऐसे समझा जा सकता है कि ट्रंप से मुलाकात से पहले कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने व्हाइट हाउस में होने वाली इस बैठक के महत्व को लेकर संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत दुनियाभर में चल रहे युद्धों को रोकने के लिए अहम हो सकती है। कुल मिलाकर पेट्रो की चिंता लैटिन अमेरिका में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और वेनेजुएला के पास अमेरिका की कार्रवाई के बाद तनाव में वृद्धि को लेकर है।
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वैश्विक युद्धों को रोकने की पहल- पेट्रो
बता दें कि पेट्रो इस बैठक को टकराव की बजाय साझेदारी और शांति का रास्ता बनाने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। एक अमेरिकी चैनल से बातचीत के दौरान पेट्रों ने इस बात पर कई बार जोर दिया कि उनकी और ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में होने वाली बैठक दुनियाभर के युद्ध को रोकने में कारगर साबित हो सकती है।
लैटिन अमेरिका में तनाव कम करने के लिए असरदार- पेट्रो
पेट्रो ने बताया कि वह ट्रंप के व्हाइट हाउस आमंत्रण को स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि बातचीत से लैटिन अमेरिका में बढ़ रहे सैन्य तनाव को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मिलिटरी गतिविधियों के कारण चिंता बढ़ी है, खासकर वेनेजुएला के पास होने वाली कार्रवाइयों को लेकर, जहां हेलीकॉप्टर और मिसाइलों की तस्वीरें सामने आई हैं। उन्होंने चेताया कि अगर संघर्ष बड़ा होता है तो कोलंबिया, जिसका कोई एयर डिफेंस सिस्टम नहीं है, मुश्किल स्थिति में पड़ सकता है।
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क्या है बैठक का उद्देश्य, ये भी सवाल
इस दौरान जब उनसे सीधे पूछा गया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है, तो पेट्रो ने कहा कि दुनिया के युद्ध को रोकना। वे मानते हैं कि अगर अमेरिका और कोलंबिया नेतृत्व पर हमला होता है तो इससे कोलंबिया में गृह युद्ध और अमेरिका के प्रति नाराजगी फैलेगी, जो बेवकूफी भरी नीति होगी। गौरतलब है कि पेट्रो का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की है और फिर वहां के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ा है और सुरक्षा की स्थिति पर पेट्रो ने गंभीर चिंता जताई है।
पेट्रो ने आगे कहा कि संघर्ष से बचने का एक तरीका बातचीत और सहयोग है, न कि टकराव। उन्होंने वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिग्ज को साझा प्रयास के लिए आमंत्रित किया है ताकि कोलंबिया‑वेनेजुएला सीमा पर चल रहे ड्रग गिरोहों के खिलाफ मिलकर लड़ाई की जा सके। इस अपील से पहले दोनों नेताओं ने फोन पर बात कर जॉइंट एक्शन पर सहमति जताई थी।