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Hindi News ›   World ›   LeT's Naseer Madani claimed that Hafiz Saeed sent 10,000 militants to Kashmir, Terrorist Group LET

घाटी में अशांति फैलाने की ना'पाक' साजिश: हाफिज सईद के गुर्गे का दावा-LeT ने 10 हजार आतंकियों को भेजा था कश्मीर

Tue, 18 Aug 2026 02:57 PM IST
Pavan वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बहावलनगर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बहावलनगर Published by: Pavan Updated Tue, 18 Aug 2026 02:57 PM IST
सार

पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के प्रति सहानुभूति और उन्हें महिमामंडित करने का सिलसिला एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी मौलवी नासिर मदनी ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 मुंबई आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल हाफिज सईद की तारीफ करते हुए दावा किया कि उसने कश्मीर में 10 हजार आतंकियों को भेजा था। पढ़ें एक रिपोर्ट...

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LeT's Naseer Madani claimed that Hafiz Saeed sent 10,000 militants to Kashmir, Terrorist Group LET
हाफिज सईद, लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पाकिस्तानी मौलवी नासिर मदनी गंभीर बीमारी से उबरने के कुछ ही हफ्तों बाद फिर सार्वजनिक मंच पर नजर आए हैं। 14 अगस्त को बहावलनगर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक कार्यक्रम में भाषण के दौरान उन्होंने जेल में बंद आतंकी संगठन के संस्थापक हाफिज सईद की तारीफ की। इस दौरान मदनी ने दावा किया कि हाफिज सईद ने कश्मीर में 10 हजार आतंकियों को भेजा था।
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10 हजार आतंकियों वाला दावा क्यों अहम?
मदनी का कथित 10 हजार आतंकियों वाला बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल भारत विरोधी बयानबाजी तक सीमित नहीं है। इसमें कश्मीर में आतंकियों की कथित लामबंदी और भेजे जाने की बात कही गई है। कश्मीर लंबे समय से पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के प्रचार का प्रमुख मुद्दा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन आतंकवाद को धार्मिक या राष्ट्रवादी संघर्ष के रूप में पेश करने की कोशिश करते रहे हैं। हालांकि, इन संगठनों पर आम नागरिकों, सुरक्षाबलों और राजनीतिक ठिकानों पर हमले करने के गंभीर आरोप हैं।
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हाफिज सईद को बताया बलिदान देने वाला
मदनी ने अपने भाषण में हाफिज सईद को ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश किया, जिसने कथित तौर पर अपने देश के लिए बलिदान दिया। उन्होंने सईद की ओर से बड़ी संख्या में आतंकियों को कश्मीर भेजे जाने की बात कही। मदनी के इस बयान को इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें कश्मीर में आतंकियों की कथित भर्ती और भेजे जाने का सीधे तौर पर जिक्र किया गया है। पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लंबे समय से कश्मीर को अपने प्रचार और आतंकी गतिविधियों का प्रमुख मुद्दा बनाते रहे हैं।

हाफिज सईद कौन है?
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। यह संगठन भारत समेत कई देशों में आतंकी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। 2008 के मुंबई आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 160 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। सईद को पाकिस्तान की अदालत ने आतंकवाद के लिए धन जुटाने से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया था और वह जेल में है। अमेरिका समेत कई देशों ने उसे आतंकी गतिविधियों से जोड़कर प्रतिबंधित किया है।


मदनी पर पहले भी लगे हैं आरोप
नासिर मदनी को कुछ रिपोर्टों और ऑनलाइन सामग्री में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से कथित तौर पर जुड़ा बताया गया है। हालांकि, इन दावों को आधिकारिक जांच या अदालत के निष्कर्ष के बिना स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। मदनी की पहचान मुख्य रूप से पाकिस्तानी धार्मिक वक्ता और सोशल मीडिया पर सक्रिय मौलवी के तौर पर रही है। उनकी बड़ी संख्या में फॉलोअर भी हैं। 2020 में पाकिस्तानी मीडिया ने बताया था कि खारियां इलाके में नमाज पढ़ाने के लिए बुलाए जाने के बाद मदनी का कथित तौर पर बंदूक की नोक पर अपहरण किया गया था और उनके साथ मारपीट की गई थी। इस मामले में पुलिस ने कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।

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कुछ हफ्ते पहले हुई थी तबीयत खराब
नासिर मदनी की सार्वजनिक मंच पर वापसी उनकी हालिया स्वास्थ्य समस्या के कुछ ही सप्ताह बाद हुई है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, 3 जुलाई को पंजाब के जहांनियां में मस्जिद अल-बशीर अहले हदीस में जुमे की नमाज से पहले भाषण देते समय वह अचानक गिर पड़े थे। शुरुआती रिपोर्टों में उन्हें दिल का दौरा या कार्डियक अरेस्ट होने की बात कही गई थी। इसके बाद उन्हें मुल्तान के अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई थी। अब उनकी वापसी चर्चा में इसलिए है क्योंकि उन्होंने जिस कार्यक्रम में भाषण दिया, वहां कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों की मौजूदगी थी और उनके भाषण में हाफिज सईद की खुलकर तारीफ की गई।
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