US-Venezuela: अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने वेनेजुएला अभियान का किया बचाव, ग्रीनलैंड और NATO को लेकर दी सफाई
Marco Rubio Statement on Venezuela: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने वेनेजुएला में ट्रंप सरकार की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और ग्रीनलैंड व NATO को लेकर सहयोगी देशों की चिंताओं पर सफाई दी।
विस्तार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष बयान देते हुए वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के लिए की गई सैन्य कार्रवाई का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में जरूरी था और इससे पश्चिमी गोलार्ध अधिक सुरक्षित हुआ है।
रूबियो ने कहा कि वेनेजुएला में अब अंतरिम सरकार के साथ मिलकर स्थिरता बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका फिलहाल किसी और सैन्य कार्रवाई की योजना नहीं बना रहा है। उनके अनुसार, प्रतिबंधों में ढील देकर वेनेजुएला को तेल बेचने की अनुमति दी जाएगी, जिससे मिलने वाली राशि का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाएगा।
वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाली की उम्मीद
रूबियो ने जोर देकर कहा कि अमेरिका का अंतिम लक्ष्य वेनेजुएला में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। उन्होंने विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो से मुलाकात के बाद कहा कि लोकतंत्र की बहाली ही अमेरिका की नीति का केंद्र बिंदु है, न कि सिर्फ तेल या आर्थिक हित। हालांकि, डेमोक्रेट सांसदों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या इससे वाकई हालात बेहतर होंगे या अमेरिका वैश्विक स्तर पर और उलझनों में फंस जाएगा।
#WATCH | Washington DC: US Secretary of State Marco Rubio testifies in the US Senate over the capture of former Venezuelan president Nicolás Maduro
US Secretary of State Marco Rubio says, "We want to reach a phase of transition where we are left with a friendly, stable,… pic.twitter.com/MfCnuRr2LS— ANI (@ANI) January 28, 2026
अमेरिका की निगरानी में होगा वेनेजुएला के तेल से मिलने वाले धन का इस्तेमाल
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि तेल बिक्री से आने वाला पैसा अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा नियंत्रित एक खाते में जमा होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका इस्तेमाल आम वेनेजुएला नागरिकों के हित में ही हो। उन्होंने कहा हम अस्थायी तौर पर इसकी निगरानी करेंगे ताकि देश में स्थिरता लाई जा सके। रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल उद्योग में निवेश को सब्सिडी नहीं देगा, बल्कि यह कदम केवल अंतरिम व्यवस्था के तौर पर उठाया गया है ताकि आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराने से बच सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए संक्रमण काल में जरूरी सेवाएं जारी रखी जा सकेंगी।
ये भी पढ़ें:- US-Iran Tension: 'बातचीत नहीं तो हमला तय', ट्रंप की ईरान को खुली धमकी, बोले- अगली कार्रवाई और भी भयानक होगी
ग्रीनलैंड और NATO को लेकर सफाई
ग्रीनलैंड को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से यूरोपीय सहयोगियों में बढ़ी चिंता पर रूबियो ने कहा कि हालात अब शांत हो रहे हैं और बातचीत के जरिए समाधान की कोशिशें चल रही हैं। उन्होंने नाटो को लेकर भी ट्रंप सरकार की आलोचनाओं को सामान्य बताते हुए कहा कि अमेरिका लंबे समय से सदस्य देशों से रक्षा बजट बढ़ाने की मांग करता रहा है। रूबियो ने कहा नाटो को नए दौर की चुनौतियों के मुताबिक ढालने की जरूरत है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका गठबंधन को कमजोर करने के बजाय मजबूत करना चाहता है।
चीन, ईरान और वैश्विक रणनीति
चीन-ताइवान मुद्दे पर रूबियो ने कहा कि बीजिंग का रुख लंबे समय से तय है और किसी भी अन्य वैश्विक घटना से उसमें बदलाव नहीं आएगा। वहीं ईरान को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सैन्य कार्रवाई की कोई योजना नहीं है, लेकिन मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी अपने कर्मियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.