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World: ट्रंप समर्थित नासरी ने होंडुरास के राष्ट्रपति पद की शपथ ली; बिना लैंडिंग गियर के उतरा नासा का विमान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 29 Jan 2026 05:11 AM IST
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- फोटो : amar ujala graphics
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ट्रंप समर्थित कारोबारी नासरी असफुरा ने होंडुरास के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। नासरी असफुरा (67) ने रोजगार सृजन, अपराध पर कड़ा प्रहार और शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी सामाजिक सेवाओं को मजबूत करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि सरकार का आकार घटाकर कार्यकुशलता बढ़ाई जाएगी और संसाधन जरूरतमंदों तक पहुंचाए जाएंगे। उनका चुनाव विवादों में रहा, क्योंकि उन्हें 1% से भी कम अंतर से जीत मिली।
उत्तर कोरिया मजबूत करेगा परमाणु प्रतिरोधक क्षमता
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने की योजना का संकेत दिया है। जोंग ने एक बयान में कहा कि आगामी सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में देश के परमाणु कार्यक्रम को और मजबूत करने की योजनाओं का खुलासा किया जाएगा। सरकारी मीडिया के अनुसार, उत्तर कोरिया ने उन्नत बड़े-कैलिबर मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का लाइव-फायर अभ्यास किया, जिससे उसकी रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
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उत्तर कोरिया मजबूत करेगा परमाणु प्रतिरोधक क्षमता
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने की योजना का संकेत दिया है। जोंग ने एक बयान में कहा कि आगामी सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में देश के परमाणु कार्यक्रम को और मजबूत करने की योजनाओं का खुलासा किया जाएगा। सरकारी मीडिया के अनुसार, उत्तर कोरिया ने उन्नत बड़े-कैलिबर मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का लाइव-फायर अभ्यास किया, जिससे उसकी रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
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ईरान ने इस्राइल के लिए जासूसी के आरोप में एक व्यक्ति को दी फांसी
ईरान ने इस्राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में हमीदरेजा साबेत इस्माईलीपौर नामक व्यक्ति को फांसी दे दी। ईरानी न्यायपालिका की मीडिया इकाई मीजान के अनुसार, उसे 29 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उस पर मोसाद के लिए काम करते हुए गोपनीय दस्तावेज और सूचनाएं सौंपने का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सजा की पुष्टि और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उसे फांसी दी गई। ईरान और इस्राइल के बीच लंबे समय से चल रहे छद्म युद्ध के दौरान ऐसे मामलों में कई लोगों को सजा दी जा चुकी है।
ईरान ने इस्राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में हमीदरेजा साबेत इस्माईलीपौर नामक व्यक्ति को फांसी दे दी। ईरानी न्यायपालिका की मीडिया इकाई मीजान के अनुसार, उसे 29 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उस पर मोसाद के लिए काम करते हुए गोपनीय दस्तावेज और सूचनाएं सौंपने का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सजा की पुष्टि और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उसे फांसी दी गई। ईरान और इस्राइल के बीच लंबे समय से चल रहे छद्म युद्ध के दौरान ऐसे मामलों में कई लोगों को सजा दी जा चुकी है।
कैंब्रिज विश्वविद्यालय ने भारत में शुरू किया नया शोध केंद्र
ब्रिटेन के प्रतिष्ठित कैंब्रिज विश्वविद्यालय ने भारत में एक नए शोध केंद्र की शुरुआत की। विश्वविद्यालय ने मंगलवार को बताया कि कैंब्रिज-इंडिया सेंटर फॉर एडवांस्ड स्ट्डीज (सीएएस) नवाचार, शोध व शिक्षण पर केंद्रित होगा। यह ब्रिटेन के अग्रणी विश्वविद्यालय और भारत की तेजी से बढ़ती ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के बीच एक सेतु का कार्य करेगा। नया केंद्र भारत में कैंब्रिज विश्वविद्यालय की गतिविधियों के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में काम करेगा और बौद्धिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। कुलपति डेबोरा प्रेंटिस ने कहा, कैंब्रिज-इंडिया सीएएस भारत के श्रेष्ठ शोधकर्ताओं और नवोन्मेषकों से सहयोग स्थापित करने तथा इस तेजी से बढ़ती ज्ञान अर्थव्यवस्था के साथ संबंध मजबूत करने का एक रोमांचक अवसर है। इस हफ्ते दिल्ली आए वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहीं प्रो. प्रेंटिस ने यह भी ऐलान किया कि विश्वविद्यालय कुछ स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए अतिरिक्त आवश्यकताओं के साथ सीबीएसई की 12वीं कक्षा की योग्यता को मान्यता देगा।
ब्रिटेन के प्रतिष्ठित कैंब्रिज विश्वविद्यालय ने भारत में एक नए शोध केंद्र की शुरुआत की। विश्वविद्यालय ने मंगलवार को बताया कि कैंब्रिज-इंडिया सेंटर फॉर एडवांस्ड स्ट्डीज (सीएएस) नवाचार, शोध व शिक्षण पर केंद्रित होगा। यह ब्रिटेन के अग्रणी विश्वविद्यालय और भारत की तेजी से बढ़ती ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के बीच एक सेतु का कार्य करेगा। नया केंद्र भारत में कैंब्रिज विश्वविद्यालय की गतिविधियों के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में काम करेगा और बौद्धिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। कुलपति डेबोरा प्रेंटिस ने कहा, कैंब्रिज-इंडिया सीएएस भारत के श्रेष्ठ शोधकर्ताओं और नवोन्मेषकों से सहयोग स्थापित करने तथा इस तेजी से बढ़ती ज्ञान अर्थव्यवस्था के साथ संबंध मजबूत करने का एक रोमांचक अवसर है। इस हफ्ते दिल्ली आए वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहीं प्रो. प्रेंटिस ने यह भी ऐलान किया कि विश्वविद्यालय कुछ स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए अतिरिक्त आवश्यकताओं के साथ सीबीएसई की 12वीं कक्षा की योग्यता को मान्यता देगा।
चीन ने जापान से वापस मंगा लिया आखिरी पांडा जोड़ा
तनावपूर्ण संबंधों के बीच चीन ने जापान से पांडा के आखिरी जोड़े को वापस मंगवा लिया है। करीब 50 वर्षों में पहली बार जापान पांडा विहीन हो गया है। चीन ने संबंधों को सामान्य करने के उद्देश्य से 1972 में अपने पड़ोसी जापान को पहली बार पांडा भेंट किया था। चीन अक्सर पांडों का कूटनीतिक इस्तेमाल करता है। चीन व जापान के बीच आपसी बातचीत के आधार पर पांडों की वापसी फरवरी में तय थी। लेकिन, चीन ने बुधवार को ही पांडा शियाओ व लेई को वापस मंगवा लिया।
तनावपूर्ण संबंधों के बीच चीन ने जापान से पांडा के आखिरी जोड़े को वापस मंगवा लिया है। करीब 50 वर्षों में पहली बार जापान पांडा विहीन हो गया है। चीन ने संबंधों को सामान्य करने के उद्देश्य से 1972 में अपने पड़ोसी जापान को पहली बार पांडा भेंट किया था। चीन अक्सर पांडों का कूटनीतिक इस्तेमाल करता है। चीन व जापान के बीच आपसी बातचीत के आधार पर पांडों की वापसी फरवरी में तय थी। लेकिन, चीन ने बुधवार को ही पांडा शियाओ व लेई को वापस मंगवा लिया।
द. कोरिया- पूर्व प्रथम महिला कियॉन को 20 माह जेल की सजा
दक्षिण कोरियाई अदालत ने बुधवार को पूर्व प्रथम महिला किम कियॉन ही को भ्रष्टाचार के मामले में 20 महीने की जेल की सजा सुनाई। कियॉन पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की पत्नी हैं। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने किम को यूनिफिकेशन चर्च से व्यापारिक सुविधाओं के बदले रिश्वत लेने के आरोप में दोषी ठहराया और 20 महीने की जेल की सजा सुनाई।
दक्षिण कोरियाई अदालत ने बुधवार को पूर्व प्रथम महिला किम कियॉन ही को भ्रष्टाचार के मामले में 20 महीने की जेल की सजा सुनाई। कियॉन पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की पत्नी हैं। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने किम को यूनिफिकेशन चर्च से व्यापारिक सुविधाओं के बदले रिश्वत लेने के आरोप में दोषी ठहराया और 20 महीने की जेल की सजा सुनाई।
धमाके के साथ जाफर एक्सप्रेस बेपटरी हुई बलोचों ने ली जिम्मेदारी
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में धमाके के बाद जाफर एक्सप्रेस बेपटरी हो गई। ट्रेन के चार डिब्बे पटरी से उतर गए। संबंधित रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को धमाका अबाद स्टेशन पर हुआ। इसकी जिम्मेदारी बलोच सशस्त्र समूह ने ली है। मालूम हो कि इससे पहले भी बीते साल मार्च में बलूचिस्तान के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस को हाइजैक कर लिया था। इसमें 21 बंदियों की हत्या कर दी गई थी। हालांकि, सेना ने बाद में ट्रेन को छुड़ा लिया था और 33 विद्रोहियों को मारने का दावा किया था।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में धमाके के बाद जाफर एक्सप्रेस बेपटरी हो गई। ट्रेन के चार डिब्बे पटरी से उतर गए। संबंधित रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को धमाका अबाद स्टेशन पर हुआ। इसकी जिम्मेदारी बलोच सशस्त्र समूह ने ली है। मालूम हो कि इससे पहले भी बीते साल मार्च में बलूचिस्तान के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस को हाइजैक कर लिया था। इसमें 21 बंदियों की हत्या कर दी गई थी। हालांकि, सेना ने बाद में ट्रेन को छुड़ा लिया था और 33 विद्रोहियों को मारने का दावा किया था।
न्यूयॉर्क में बिखरी भारतीय संस्कृति-पर्यटन की छटा
न्यूयॉर्क में आयोजित प्रमुख प्रदर्शनी में भारत के पर्यटन व सांस्कृतिक स्थलों की छटा बिखरी। प्रदर्शनी के जरिये हजारों आगंतुकों को देश की समृद्ध विरासत व पाक कला के बारे में जानने का अवसर मिला। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने जैकब जेविट्स सेंटर में आयोजित ट्रैवल एंड एडवेंचर शो 2026 में भाग लिया। यहां 10 हजार से अधिक आगंतुकों ने भारत के पर्यटन व सांस्कृतिक परिदृश्य की झलक देखी। इस वर्ष भारत मंडप विशाल कन्वेंशन सेंटर के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही तैयार किया गया। भारतीय महावाणिज्य दूतावास के कांसुल जनरल बिनय प्रधान ने 24-25 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में भारत मंडप का उद्घाटन किया।
भारत मंडप में विशेष रूप से भारत की टूर एवं ट्रैवल कंपनियों ने भाग लिया और अपनी योजनाएं प्रदर्शित कीं। प्रधान ने बताया, हमारा प्रयास भारतीय पर्यटन को अमेरिका की मुख्यधारा में लाना है और भारतीय-अमेरिकी प्रवासियों की दूसरी, तीसरी और चौथी पीढ़ी को अपने पैतृक देश की यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। अमेरिका में रहने वाले 52 लाख प्रवासी भारतीय सांस्कृतिक रूप से भारत से जुड़े हुए हैं।
न्यूयॉर्क में आयोजित प्रमुख प्रदर्शनी में भारत के पर्यटन व सांस्कृतिक स्थलों की छटा बिखरी। प्रदर्शनी के जरिये हजारों आगंतुकों को देश की समृद्ध विरासत व पाक कला के बारे में जानने का अवसर मिला। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने जैकब जेविट्स सेंटर में आयोजित ट्रैवल एंड एडवेंचर शो 2026 में भाग लिया। यहां 10 हजार से अधिक आगंतुकों ने भारत के पर्यटन व सांस्कृतिक परिदृश्य की झलक देखी। इस वर्ष भारत मंडप विशाल कन्वेंशन सेंटर के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही तैयार किया गया। भारतीय महावाणिज्य दूतावास के कांसुल जनरल बिनय प्रधान ने 24-25 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में भारत मंडप का उद्घाटन किया।
भारत मंडप में विशेष रूप से भारत की टूर एवं ट्रैवल कंपनियों ने भाग लिया और अपनी योजनाएं प्रदर्शित कीं। प्रधान ने बताया, हमारा प्रयास भारतीय पर्यटन को अमेरिका की मुख्यधारा में लाना है और भारतीय-अमेरिकी प्रवासियों की दूसरी, तीसरी और चौथी पीढ़ी को अपने पैतृक देश की यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। अमेरिका में रहने वाले 52 लाख प्रवासी भारतीय सांस्कृतिक रूप से भारत से जुड़े हुए हैं।
बिना लैंडिंग गियर के उतरा नासा का विमान, निकलीं लपटें, टला हादसा
नासा का एक खोजी विमान हवा में ही खराब हो गया और बिना लैंडिंग गियर के उसे टेक्सास हवाईअड्डे पर उतरना पड़ा। विमान रनवे पर पेट के बल रगड़ खा रहा था और पीछे आग की लपटें निकल रही थीं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा बच गया। नासा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि चालक दल सुरक्षित हैं।
नासा का एक खोजी विमान हवा में ही खराब हो गया और बिना लैंडिंग गियर के उसे टेक्सास हवाईअड्डे पर उतरना पड़ा। विमान रनवे पर पेट के बल रगड़ खा रहा था और पीछे आग की लपटें निकल रही थीं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा बच गया। नासा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि चालक दल सुरक्षित हैं।
नेपाल में नकली भारतीय मुद्रा के साथ बिहार के दो युवक गिरफ्तार
नेपाल के रौतहट जिले में नेपाली सुरक्षा बलों ने बिहार के दो निवासियों को नकली भारतीय नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के प्रवक्ता मनीष थापा के अनुसार, सीतामढ़ी जिले के बिक्रम कुमार पासवान और राहेश कुमार साह को मंगलवार रात पकड़ा गया। दोनों भारतीय पंजीकरण वाली मोटरसाइकिल से नेपाल में प्रवेश कर रहे थे। उसी समय नियमित सुरक्षा जांच के दौरान उनके पास से 2500 रुपये की जाली मुद्रा बरामद हुई। इसमें एक 500 रुपये का नोट और दस 200 रुपये के नोट शामिल थे। आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपियों को जिला पुलिस कार्यालय, रौतहट को सौंप दिया गया है।
नेपाल के रौतहट जिले में नेपाली सुरक्षा बलों ने बिहार के दो निवासियों को नकली भारतीय नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के प्रवक्ता मनीष थापा के अनुसार, सीतामढ़ी जिले के बिक्रम कुमार पासवान और राहेश कुमार साह को मंगलवार रात पकड़ा गया। दोनों भारतीय पंजीकरण वाली मोटरसाइकिल से नेपाल में प्रवेश कर रहे थे। उसी समय नियमित सुरक्षा जांच के दौरान उनके पास से 2500 रुपये की जाली मुद्रा बरामद हुई। इसमें एक 500 रुपये का नोट और दस 200 रुपये के नोट शामिल थे। आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपियों को जिला पुलिस कार्यालय, रौतहट को सौंप दिया गया है।
प्रवासी समझौते को लेकर रवांडा ने ब्रिटेन पर किया मुकदमा
रवांडा ने ब्रिटेन के खिलाफ एक बड़े विवादित प्रवासी समझौते को लेकर मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय में दायर किया गया है। यह समझौता अप्रैल 2024 में लागू हुआ था, जिसके तहत ब्रिटेन अपने देश में अवैध रूप से आए शरणार्थियों को रवांडा भेजता और बदले में रवांडा को पैसे देता।
लेकिन जुलाई 2024 में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस समझौते को “खत्म और बेकार” बताते हुए रद्द कर दिया। रवांडा का कहना है कि यह फैसला बिना किसी पूर्व सूचना के लिया गया, जो दोनों देशों के बीच बनी साझेदारी की भावना के खिलाफ है। इस योजना के तहत केवल चार लोग ही स्वेच्छा से रवांडा गए थे। इससे पहले, ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में इस समझौते को गैरकानूनी करार दिया था और कहा था कि यह ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों का उल्लंघन करता है।
रवांडा का आरोप है कि ब्रिटेन ने तयशुदा भुगतान नहीं किए और समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया। ब्रिटेन को अप्रैल 2025 और अप्रैल 2026 में 50-50 मिलियन पाउंड देने थे, लेकिन उसने भुगतान से इंकार कर दिया। रवांडा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार केवल घरेलू अदालत का फैसला किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते को अपने आप खत्म नहीं करता। इसलिए वह मुआवजा और बकाया राशि की मांग कर रहा है। वहीं, ब्रिटेन साफ कर चुका है कि वह अब कोई और भुगतान नहीं करेगा। यह मामला दोनों देशों के रिश्तों में नई कानूनी टकराव की स्थिति पैदा कर सकता है।
रवांडा ने ब्रिटेन के खिलाफ एक बड़े विवादित प्रवासी समझौते को लेकर मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय में दायर किया गया है। यह समझौता अप्रैल 2024 में लागू हुआ था, जिसके तहत ब्रिटेन अपने देश में अवैध रूप से आए शरणार्थियों को रवांडा भेजता और बदले में रवांडा को पैसे देता।
लेकिन जुलाई 2024 में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस समझौते को “खत्म और बेकार” बताते हुए रद्द कर दिया। रवांडा का कहना है कि यह फैसला बिना किसी पूर्व सूचना के लिया गया, जो दोनों देशों के बीच बनी साझेदारी की भावना के खिलाफ है। इस योजना के तहत केवल चार लोग ही स्वेच्छा से रवांडा गए थे। इससे पहले, ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में इस समझौते को गैरकानूनी करार दिया था और कहा था कि यह ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों का उल्लंघन करता है।
रवांडा का आरोप है कि ब्रिटेन ने तयशुदा भुगतान नहीं किए और समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया। ब्रिटेन को अप्रैल 2025 और अप्रैल 2026 में 50-50 मिलियन पाउंड देने थे, लेकिन उसने भुगतान से इंकार कर दिया। रवांडा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार केवल घरेलू अदालत का फैसला किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते को अपने आप खत्म नहीं करता। इसलिए वह मुआवजा और बकाया राशि की मांग कर रहा है। वहीं, ब्रिटेन साफ कर चुका है कि वह अब कोई और भुगतान नहीं करेगा। यह मामला दोनों देशों के रिश्तों में नई कानूनी टकराव की स्थिति पैदा कर सकता है।
अमेरिका में मर्डर केस में जुलाई में ट्रायल शुरू करने की मांग
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में मैनहैटन के सरकारी वकीलों ने अदालत से मांग की है कि लुइगी मंगियोनी के खिलाफ राज्य स्तर पर चल रहे हत्या के मामले की सुनवाई जुलाई 2026 में शुरू की जाए। मंगियोनी पर यूनाइटेडहेल्थकेयर कंपनी के सीईओ ब्रायन थॉम्पसन की हत्या का आरोप है।
अभियोजकों का कहना है कि अगर राज्य का मुकदमा पहले शुरू नहीं हुआ और संघीय (फेडरल) मुकदमा पहले चल गया, तो न्यूयॉर्क कानून के तहत राज्य सरकार मंगियोनी पर दोबारा मुकदमा नहीं चला पाएगी। इसे “डबल जेपर्डी” कहा जाता है। फेडरल कोर्ट में इस केस की जूरी चयन प्रक्रिया सितंबर 2026 से शुरू होनी है। अगर वहां मौत की सजा का विकल्प रखा गया, तो ट्रायल का मुख्य हिस्सा जनवरी 2027 में शुरू होगा। ऐसे में राज्य सरकार चाहती है कि उसका केस पहले निपटाया जाए।
मंगियोनी की गिरफ्तारी दिसंबर 2024 में हुई थी। पुलिस के अनुसार उसने थॉम्पसन को होटल जाते समय पीछे से गोली मारी थी। घटना के दौरान इस्तेमाल की गई गोलियों पर “डिले, डिनाय और डिपोज” जैसे शब्द लिखे थे, जो बीमा कंपनियों की कार्यशैली पर कटाक्ष माने जाते हैं। मंगियोनी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। राज्य मामले में उसे उम्रकैद हो सकती है, जबकि फेडरल मामले में मौत की सजा का भी खतरा है। इस केस को लेकर अमेरिका में काफी चर्चा और बहस चल रही है।
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में मैनहैटन के सरकारी वकीलों ने अदालत से मांग की है कि लुइगी मंगियोनी के खिलाफ राज्य स्तर पर चल रहे हत्या के मामले की सुनवाई जुलाई 2026 में शुरू की जाए। मंगियोनी पर यूनाइटेडहेल्थकेयर कंपनी के सीईओ ब्रायन थॉम्पसन की हत्या का आरोप है।
अभियोजकों का कहना है कि अगर राज्य का मुकदमा पहले शुरू नहीं हुआ और संघीय (फेडरल) मुकदमा पहले चल गया, तो न्यूयॉर्क कानून के तहत राज्य सरकार मंगियोनी पर दोबारा मुकदमा नहीं चला पाएगी। इसे “डबल जेपर्डी” कहा जाता है। फेडरल कोर्ट में इस केस की जूरी चयन प्रक्रिया सितंबर 2026 से शुरू होनी है। अगर वहां मौत की सजा का विकल्प रखा गया, तो ट्रायल का मुख्य हिस्सा जनवरी 2027 में शुरू होगा। ऐसे में राज्य सरकार चाहती है कि उसका केस पहले निपटाया जाए।
मंगियोनी की गिरफ्तारी दिसंबर 2024 में हुई थी। पुलिस के अनुसार उसने थॉम्पसन को होटल जाते समय पीछे से गोली मारी थी। घटना के दौरान इस्तेमाल की गई गोलियों पर “डिले, डिनाय और डिपोज” जैसे शब्द लिखे थे, जो बीमा कंपनियों की कार्यशैली पर कटाक्ष माने जाते हैं। मंगियोनी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। राज्य मामले में उसे उम्रकैद हो सकती है, जबकि फेडरल मामले में मौत की सजा का भी खतरा है। इस केस को लेकर अमेरिका में काफी चर्चा और बहस चल रही है।
मानवाधिकार उजागर करने वाले चीनी नागरिक को अमेरिका में शरण
अमेरिका की एक इमिग्रेशन अदालत ने चीन के नागरिक गुआन हेंग को शरण देने का फैसला सुनाया है। जज ने कहा कि अगर गुआन को वापस चीन भेजा गया तो उन्हें उत्पीड़न और बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उनका डर पूरी तरह सही और कानूनी रूप से मान्य है। 38 साल के गुआन हेंग ने 2020 में चीन के शिनजियांग प्रांत में बने हिरासत केंद्रों की चोरी-छिपे वीडियो बनाई थी। इन वीडियो में उइगर और दूसरी अल्पसंख्यक जातियों के लोगों के साथ हो रहे कथित अत्याचार दिखाए गए थे। गुआन ने यह वीडियो बाद में यूट्यूब पर डाली। उनका कहना है कि उन्होंने यह काम शरण पाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को सच्चाई दिखाने के लिए किया था।
वीडियो सामने आने के बाद चीन में पुलिस ने उनके पिता से कई बार पूछताछ की। गुआन को तब समझ आ गया कि अगर वे चीन लौटे तो उनकी जान खतरे में पड़ सकती है। वे पहले हांगकांग गए, फिर इक्वाडोर और बहामास होते हुए 2021 में नाव से अमेरिका पहुंचे। हालांकि अदालत ने उन्हें शरण दे दी है, लेकिन वे अभी रिहा नहीं हुए हैं क्योंकि अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के पास फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। फिर भी यह फैसला ऐसे समय में बहुत अहम माना जा रहा है, जब अमेरिका में शरण पाने की दर काफी कम हो गई है।
अमेरिका की एक इमिग्रेशन अदालत ने चीन के नागरिक गुआन हेंग को शरण देने का फैसला सुनाया है। जज ने कहा कि अगर गुआन को वापस चीन भेजा गया तो उन्हें उत्पीड़न और बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उनका डर पूरी तरह सही और कानूनी रूप से मान्य है। 38 साल के गुआन हेंग ने 2020 में चीन के शिनजियांग प्रांत में बने हिरासत केंद्रों की चोरी-छिपे वीडियो बनाई थी। इन वीडियो में उइगर और दूसरी अल्पसंख्यक जातियों के लोगों के साथ हो रहे कथित अत्याचार दिखाए गए थे। गुआन ने यह वीडियो बाद में यूट्यूब पर डाली। उनका कहना है कि उन्होंने यह काम शरण पाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को सच्चाई दिखाने के लिए किया था।
वीडियो सामने आने के बाद चीन में पुलिस ने उनके पिता से कई बार पूछताछ की। गुआन को तब समझ आ गया कि अगर वे चीन लौटे तो उनकी जान खतरे में पड़ सकती है। वे पहले हांगकांग गए, फिर इक्वाडोर और बहामास होते हुए 2021 में नाव से अमेरिका पहुंचे। हालांकि अदालत ने उन्हें शरण दे दी है, लेकिन वे अभी रिहा नहीं हुए हैं क्योंकि अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के पास फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। फिर भी यह फैसला ऐसे समय में बहुत अहम माना जा रहा है, जब अमेरिका में शरण पाने की दर काफी कम हो गई है।
ईरानी-अमेरिकी पत्रकार की हत्या की साजिश रचने वाले को 15 साल की सजा
न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत ने ईरानी-अमेरिकी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद की हत्या की साजिश रचने वाले कार्लिस रिवेरा को 15 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह अधिकतम सजा है जो कानून के तहत दी जा सकती थी। जज ने कहा कि रिवेरा की बातचीत और उसकी योजनाएं बेहद डरावनी थीं। उसने न सिर्फ मसीह अलीनेजाद को, बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक और भावनात्मक नुकसान पहुंचाया। मसीह ने अदालत में बताया कि लगातार मिल रही धमकियों की वजह से उन्हें बार-बार घर बदलना पड़ा और अपने बच्चों से भी दूर रहना पड़ा।
मसीह अलीनेजाद ने कहा, “मैं सिर्फ एक औरत हूं, मेरा हथियार मेरी आवाज़ है और मेरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं।” उन्होंने जज से अपील की कि सख्त सजा देकर यह संदेश दिया जाए कि अमेरिका की धरती पर किसी नागरिक को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिवेरा ने अदालत में माफी मांगी और कहा कि उसे अपने किए पर पछतावा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह साजिश ईरान से जुड़ी थी और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कई बार मसीह की हत्या की कोशिश करवाई।
न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत ने ईरानी-अमेरिकी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद की हत्या की साजिश रचने वाले कार्लिस रिवेरा को 15 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह अधिकतम सजा है जो कानून के तहत दी जा सकती थी। जज ने कहा कि रिवेरा की बातचीत और उसकी योजनाएं बेहद डरावनी थीं। उसने न सिर्फ मसीह अलीनेजाद को, बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक और भावनात्मक नुकसान पहुंचाया। मसीह ने अदालत में बताया कि लगातार मिल रही धमकियों की वजह से उन्हें बार-बार घर बदलना पड़ा और अपने बच्चों से भी दूर रहना पड़ा।
मसीह अलीनेजाद ने कहा, “मैं सिर्फ एक औरत हूं, मेरा हथियार मेरी आवाज़ है और मेरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं।” उन्होंने जज से अपील की कि सख्त सजा देकर यह संदेश दिया जाए कि अमेरिका की धरती पर किसी नागरिक को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिवेरा ने अदालत में माफी मांगी और कहा कि उसे अपने किए पर पछतावा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह साजिश ईरान से जुड़ी थी और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कई बार मसीह की हत्या की कोशिश करवाई।
लैटिन अमेरिकी नेताओं ने बढ़ते राजनीतिक तनाव के खिलाफ एकता की अपील की
पनामा सिटी में हुए एक विकास मंच में लैटिन अमेरिका के कई नेताओं ने क्षेत्रीय एकता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण और बाहरी दखल के कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने बिना अमेरिका का नाम लिए कहा कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों का संगठन (CELAC) अब किसी भी अवैध सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ एकजुट बयान तक नहीं दे पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एकता के कमजोर होने का बड़ा संकेत है।
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने और भी साफ शब्दों में अमेरिका की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने वेनेजुएला पर बमबारी जैसी घटनाओं की आलोचना की और कहा कि पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर या तो उनके देश में मुकदमा चलना चाहिए या फिर एक क्षेत्रीय अदालत बननी चाहिए। इस बैठक में इक्वाडोर, बोलीविया, ग्वाटेमाला और चिली के नेता भी मौजूद थे। सभी ने माना कि अगर लैटिन अमेरिकी देश आपस में बंटे रहेंगे, तो बाहरी ताकतें उनके मामलों में दखल देती रहेंगी। नेताओं का कहना था कि विकास, शांति और सम्मान के लिए जरूरी है कि क्षेत्रीय संगठन मजबूत हों और देश आपसी मतभेदों को बातचीत से सुलझाएं।
पनामा सिटी में हुए एक विकास मंच में लैटिन अमेरिका के कई नेताओं ने क्षेत्रीय एकता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण और बाहरी दखल के कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने बिना अमेरिका का नाम लिए कहा कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों का संगठन (CELAC) अब किसी भी अवैध सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ एकजुट बयान तक नहीं दे पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एकता के कमजोर होने का बड़ा संकेत है।
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने और भी साफ शब्दों में अमेरिका की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने वेनेजुएला पर बमबारी जैसी घटनाओं की आलोचना की और कहा कि पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर या तो उनके देश में मुकदमा चलना चाहिए या फिर एक क्षेत्रीय अदालत बननी चाहिए। इस बैठक में इक्वाडोर, बोलीविया, ग्वाटेमाला और चिली के नेता भी मौजूद थे। सभी ने माना कि अगर लैटिन अमेरिकी देश आपस में बंटे रहेंगे, तो बाहरी ताकतें उनके मामलों में दखल देती रहेंगी। नेताओं का कहना था कि विकास, शांति और सम्मान के लिए जरूरी है कि क्षेत्रीय संगठन मजबूत हों और देश आपसी मतभेदों को बातचीत से सुलझाएं।
यूरोप खुद के खिलाफ युद्ध को कर रहा है फंड- बेसेंट
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने यूरोप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश रूस-यूक्रेन युद्ध में खुद के ही खिलाफ पैसा खर्च कर रहे हैं। उनका कहना है कि यूरोप भारत से ऐसे ईंधन उत्पाद खरीद रहा है जो रूसी कच्चे तेल से बने हैं, जबकि रूस पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। बेसेंट ने कहा कि इस तरह रूस का तेल अप्रत्यक्ष रूप से फिर से यूरोप के बाजार में पहुंच रहा है और इससे मॉस्को को आर्थिक फायदा मिल रहा है। उन्होंने इसे “खुद के खिलाफ युद्ध को फंड करना” बताया।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय नेता एक तरफ यूक्रेन का समर्थन करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ व्यापार के जरिए रूस को राहत भी दे रहे हैं। यह उनकी नीति में बड़ा विरोधाभास दिखाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और यूरोपीय संघ ने एक बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया है, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे साझा समृद्धि की नई शुरुआत बताया है।
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने यूरोप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश रूस-यूक्रेन युद्ध में खुद के ही खिलाफ पैसा खर्च कर रहे हैं। उनका कहना है कि यूरोप भारत से ऐसे ईंधन उत्पाद खरीद रहा है जो रूसी कच्चे तेल से बने हैं, जबकि रूस पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। बेसेंट ने कहा कि इस तरह रूस का तेल अप्रत्यक्ष रूप से फिर से यूरोप के बाजार में पहुंच रहा है और इससे मॉस्को को आर्थिक फायदा मिल रहा है। उन्होंने इसे “खुद के खिलाफ युद्ध को फंड करना” बताया।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय नेता एक तरफ यूक्रेन का समर्थन करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ व्यापार के जरिए रूस को राहत भी दे रहे हैं। यह उनकी नीति में बड़ा विरोधाभास दिखाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और यूरोपीय संघ ने एक बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया है, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे साझा समृद्धि की नई शुरुआत बताया है।
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