सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   World ›   Middle East crisis Scott Bessent says US gave India exemption to buy Russian oil because of this Reason

US: भारत को इस वजह से मिली रूस से तेल खरीद की छूट, अमेरिकी वित्त सचिव ने दिया बड़ा बयान

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: अमन तिवारी Updated Sat, 07 Mar 2026 07:41 AM IST
विज्ञापन
सार

भारत को रूसी तेल खरीदने की छूट मिली है। इस पर बोलते हुए अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री रास्तों में रुकावट के कारण यह फैसला लिया गया। 

Middle East crisis Scott Bessent says US gave India exemption to buy Russian oil because of this Reason
अमेरिकी वित्त सचिव, स्कॉट बेसेंट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने फिर कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की इजाजत दी है। यह अनुमति पश्चिम एशिया में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर दी गई है। उन्होंने फॉक्स बिजनेस के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि भारत ने पहले रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया था। अब वैश्विक तेल आपूर्ति में अस्थायी कमी को दूर करने के लिए यह छूट दी गई है।
Trending Videos


क्या बोले अमेरिकी वित्त सचिव?
खाड़ी देशों में संकट की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री रास्ते बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस कारण अमेरिका ने गुरुवार को भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी। बेसेंट ने कहा कि यह एक छोटा और अस्थायी कदम है। इससे रूसी सरकार को कोई बड़ा आर्थिक फायदा नहीं होगा क्योंकि यह सिर्फ समुद्र में फंसे तेल के लेनदेन से जुड़ा है। भारत अमेरिका का एक जरूरी पार्टनर है और अमेरिका को उम्मीद है कि भारत उससे तेल की खरीद बढ़ाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईरान की वजह से दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर जो दबाव बढ़ रहा है, यह फैसला उसे कम करेगा। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40 फीसदी तेल मध्य पूर्व से लेता है। इसका एक बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है।

ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में जंग का असर: होर्मुज मार्ग पर मंडराए संकट के बादल, भारत के व्यापार व ऊर्जा आपूर्ति पर असर संभव

भारत की ऊर्जा स्थिति
सूत्रों के मुताबिक, भारत दिन में दो बार अपनी ऊर्जा स्थिति की समीक्षा कर रहा है। देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बहुत मजबूत स्थिति में है। भारत के पास तेल का पर्याप्त भंडार है और इसकी हर दिन भरपाई की जा रही है। दुनिया में एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। सरकार नागरिकों के लिए सस्ता और टिकाऊ ईंधन सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दे रही है।

आयात और रूसी तेल
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई अलग-अलग देशों से तेल खरीदना शुरू किया है। साल 2022 में रूस से सिर्फ 0.2 फीसदी तेल आता था, जो अब काफी बढ़ गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फरवरी में भारत ने अपनी जरूरत का लगभग 20 फीसदी तेल रूस से मंगाया। यह हर दिन लगभग 10.4 लाख बैरल था। अब भारत के पास कई स्रोतों से ऊर्जा सप्लाई के विकल्प मौजूद हैं।

वैश्विक तेल कीमतों पर असर
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया कि इस 30 दिन की छूट का मकसद दुनिया में तेल की कीमतों को काबू में रखना है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के पास समुद्र में टैंकरों में काफी रूसी तेल जमा है। अमेरिका चाहता है कि यह तेल जल्द से जल्द बाजार में आए ताकि सप्लाई की बाधाएं दूर हो सकें।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed