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'मिसाइल का जवाब मिसाइल से': US-सऊदी हमलों के बाद इराकी मिलिशिया की खुली धमकी; हमले में कितने लोगों की हुई मौत?

Sun, 09 Aug 2026 01:22 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 09 Aug 2026 01:22 PM IST
सार

इराकी 'हरकत हिज्बुल्लाह अल-नुजाबा' मिलिशिया के नेता शेख अकरम अल-काबी ने पिछले महीने हुए अमेरिका-सऊदी संयुक्त हमलों का सैन्य जवाब देने की कसम खाई है। उन्होंने कहा कि 'मिसाइल का जवाब सिर्फ मिसाइल से ही दिया जा सकता है' और इराक में सक्रिय ईरान-समर्थित अर्धसैनिक संगठन 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज' के सदस्यों की मौत का बदला लेने की बात कही।

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Missiles can only be countered with missiles Iraqi militia vows revenge over US-Saudi strikes
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

इराकी ईरान-समर्थित मिलिशिया हरकत हिज्बुल्लाह अल-नुजाबा के नेता शेख अकरम अल-काबी ने अमेरिका और सऊदी अरब के संयुक्त हवाई हमलों के जवाब में सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। अल-काबी ने सऊदी अरब के साथ कूटनीति को खारिज करते हुए PMF सदस्यों की मौत का बदला लेने की बात कही और स्पष्ट चेतावनी दी कि 'मिसाइल का जवाब मिसाइल से' दिया जाएगा। यह बयान सेंटकॉम के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उसने पूर्वी इराक में ईरान-समर्थित समूहों के लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों पर अमेरिकी-सऊदी हवाई हमलों की पुष्टि की थी। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 20 लोग मारे गए और 32 घायल हुए। सेंटकॉम ने दावा किया है कि 2026 की शुरुआत में इराक में सक्रिय ईरान-समर्थित समूहों ने अमेरिकी नागरिकों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की 600 से अधिक कोशिशें की थीं।

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अल-काबी ने सऊदी अरब के साथ कूटनीति को क्यों किया खारिज?
PMF से जुड़े इस मिलिशिया समूह के महासचिव अल-काबी ने शनिवार को जारी एक बयान में ये बातें कहीं। उन्होंने सऊदी अरब के साथ कूटनीति की संभावना को खारिज करते हुए रियाद पर इराक और उसके लोगों के खिलाफ हमलों में शामिल होने का आरोप लगाया। अल-काबी ने कहा, 'घृणित वहाबी अल-सऊद शासन के साथ कूटनीति का विकल्प बेकार है।' उन्होंने आरोप लगाया कि सऊदी अरब 'इराक और उसके लोगों को निशाना बनाने वाली कई साजिशों' के पीछे रहा है।
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सऊदी अरब पर इराक में कार बम धमाकों का समर्थन करने का आरोप क्यों?
मिलिशिया नेता ने सऊदी अरब पर इराक में कार बम धमाकों समेत अन्य हमलों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि PMF के सदस्यों की मौत का जवाब सैन्य कार्रवाई के जरिए ही दिया जाना चाहिए। यह केवल एक उचित सैन्य जवाब के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है, जो 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज' के हमारे उन नेक शहीदों के खून के प्रति कर्तव्य को पूरा करे, जो इसकी धोखेबाजी का शिकार हुए।
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मुआवजे को अल-काबी ने क्यों बताया अपर्याप्त?
अल-काबी ने मारे गए लोगों के परिवारों को वित्तीय मुआवजा दिए जाने की अहमियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोई भी रकम मृतकों के परिवारों के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती। आप किस मुआवजे की बात कर रहे हैं जो उनके पवित्र खून के बराबर हो, और कौन सा पैसा उनके अनाथ बच्चों, शोक में डूबी माताओं और विधवा पत्नियों की खुशियां वापस ला सकता है? 

अल-काबी ने आखिर क्या चेतावनी दी?
बदले की कार्रवाई की चेतावनी के साथ अपना बयान खत्म करते हुए अल-काबी ने कहा,'मिसाइल का जवाब सिर्फ़ मिसाइल से और आग का जवाब सिर्फ़ आग से ही दिया जा सकता है।' उनके ये बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के उस बयान के कुछ दिनों बाद आए हैं, जिसमें कहा गया था कि सऊदी अरब की सेना और सेंटकॉम ने संयुक्त रूप से इराक में ईरान-समर्थित चरमपंथी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों में लॉजिस्टिक्स और हथियारों के संचालन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जगहों को निशाना बनाया गया था। सेंटकॉम ने कहा कि ये हमले 28 जुलाई को उन समूहों के खिलाफ किए गए, जिन्हें उसने ईरान-समर्थित आतंकवादी संगठन बताया था। अमेरिकी कमांड के मुताबिक, इन समूहों को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी सेना और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का निर्देश दिया था।

सेंटकॉम ने इन हमलों को किस कार्रवाई का जवाब बताया?
सेंटकॉम ने कहा कि पिछले 72 घंटों में IRGC के निर्देश पर हुए 30 से ज्यादा हवाई ड्रोन हमलों के कड़े जवाब में, अमेरिकी और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में आतंकवादियों के कई लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी सेना ने कहा कि अमेरिकी बलों पर हाल में किए गए ड्रोन हमले नाकाम रहे। सेंटकॉम ने आगे कहा कि अमेरिकी बलों पर किए गए ये गैर-जरूरी हमले सफल नहीं रहे।

ईरान-समर्थित समूहों ने कितने हमले करने की कोशिश की?
कमांड ने यह भी दावा किया कि फरवरी और अप्रैल 2026 के बीच इराक में सक्रिय ईरान-समर्थित आतंकवादी समूहों ने अमेरिकी नागरिकों और प्रतिष्ठानों पर हमले की 600 से ज्यादा कोशिशें कीं। सेंटकॉम ने चेतावनी दी कि IRGC और उसके आतंकवादी सहयोगियों को अमेरिकी सेना की और जवाबी कार्रवाई से बचने के लिए ये हमले बंद करने होंगे। 


अमेरिकी-सऊदी हमलों में कितने लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर है?
ईरान के सरकारी मीडिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के अनुसार, इन हमलों में 20 लोग मारे गए और 32 अन्य घायल हो गए।

ये भी पढ़ें: West Asia: 'सऊदी में गैस संयंत्र पर हमले के पीछे हूती विद्रोहियों का हाथ', इस्राइली मीडिया ने क्या दावे किए?

PMF ने हमलों के बाद क्या कहा?
IRIB द्वारा जारी एक बयान में PMF ने कहा कि शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इराक के विभिन्न प्रांतों में पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज़ (PMF) के कई आधिकारिक मुख्यालयों को निशाना बनाकर किए गए संयुक्त अमेरिकी-सऊदी हमलों में हमारे कम से कम 20 जवान शहीद हो गए और 32 अन्य घायल हो गए।

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