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PAK के मंत्री ने ईरानी राष्ट्रपति से की मुलाकात: युद्धविराम पर भी हुई चर्चा, 90 मिनट के मुलाकात के क्या मायने?
पीटीआई, तेहरान
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Mon, 18 May 2026 01:59 AM IST
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सार
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से एक बेहद अहम मुलाकात की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव को कम करना और सीजफायर को मजबूत करना है। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पाकिस्तान के कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य नेतृत्व की जमकर तारीफ की। आइए, समझते हैं इस 90 मिनट की मुलाकात में क्या-क्या हुआ...
पेजेशकियन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने रविवार को तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से एक बेहद अहम और उच्च स्तरीय मुलाकात की है। आपको बता दें कि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति के प्रशासन और ईरान के बीच रिश्ते काफी खराब दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की पूरी कोशिश कर रहा है। यह अचानक किया गया कूटनीतिक दौरा क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस गुप्त और अचानक तय हुए दौरे का मुख्य मकसद क्षेत्र में जारी युद्ध जैसी स्थिति को रोकना और एक कमजोर युद्धविराम (सीजफायर) को किसी तरह मजबूत करना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी दूतावास ने बयान जारी कर बताया कि मोहसिन नकवी ने राष्ट्रपति भवन में ईरानी राष्ट्रपति के साथ करीब 90 मिनट तक अकेले में बातचीत की। उनका यह पूरा दौरा करीब तीन घंटे तक चला। इस लंबी बातचीत में मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस बड़े विवाद का कोई शांतिपूर्ण हल निकाला जाए। भारत के नजरिए से देखा जाए तो इस पूरे क्षेत्र में शांति होना बहुत जरूरी है, क्योंकि मध्य पूर्व की अस्थिरता का सीधा और बड़ा असर पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
ये भी पढ़ें- PM Modi Sweden Visit: पीएम मोदी को मिला स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान, इस खास योगदान के लिए हुए सम्मानित!
ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान और अन्य देशों की तारीफ क्यों की?
इस खास और महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और इराक की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन पड़ोसी देशों ने बहुत ही समझदारी और जिम्मेदारी के साथ काम किया है। इन देशों ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ होने वाले किसी भी हथियारबंद हमले या साजिश के लिए बिल्कुल नहीं होने दिया। पेजेशकियन ने यह भी कहा कि इस्लामी देशों के बीच यह आपसी एकता क्षेत्रीय शांति के लिए बहुत जरूरी है। इस एकता की वजह से बाहरी ताकतों और इस्राइल जैसे देशों को हमारे मामलों में दखल देने का मौका बहुत कम मिलता है।
युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान के नेताओं की क्या भूमिका रही?
ईरान के राष्ट्रपति ने हाल के भारी तनाव के दौरान पाकिस्तान की लगातार की गई कूटनीतिक कोशिशों की काफी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का नाम लेकर उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि युद्धविराम को लागू करने और बिगड़ते हालात को स्थिर करने में इन पाकिस्तानी नेताओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। वहीं, पाकिस्तानी मंत्री नकवी ने भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान लगातार तनाव कम करने और दुश्मनी खत्म करने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन कोशिशों से भविष्य के बड़े और रणनीतिक फैसलों के लिए एक बहुत मजबूत आधार तैयार हो गया है।
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों पर पेजेशकियन ने क्या कहा?
बैठक में क्षेत्र के अन्य बड़े और गंभीर मामलों पर भी विस्तार से बात हुई। ईरानी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ हाल ही में हुई सैन्य कार्रवाइयों की बेहद कड़ी निंदा की और उन्हें पूरी तरह से गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा कि इन हमलों का असली मकसद देश के भीतर अशांति फैलाना और उनकी स्थापित इस्लामी व्यवस्था को पूरी तरह से तोड़ना था। लेकिन देश की मजबूत राष्ट्रीय एकता के कारण दुश्मन अपने खतरनाक मंसूबों में बुरी तरह से नाकाम रहे हैं। इस खास मौके पर ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद रहे और उन्होंने भी अपनी बात रखी।
आपसी रिश्तों और द्विपक्षीय संबंधों की बात करें तो ईरानी राष्ट्रपति ने व्यापार, पढ़ाई-लिखाई और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने कहा कि हाल की इन घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का एक बहुत ही शानदार मौका दिया है। इसके जवाब में नकवी ने भी पाकिस्तान और ईरान के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जमीनी स्तर के संबंधों पर जोर दिया। इसके अलावा यह भी खबर है कि मोहसिन नकवी ने ईरान के संसदीय अध्यक्ष बाघेरी गालिबाफ से भी एक अलग मुलाकात की है, हालांकि इस मुलाकात के ज्यादा विवरण अभी सामने नहीं आए हैं।
इस गुप्त और अचानक तय हुए दौरे का मुख्य मकसद क्षेत्र में जारी युद्ध जैसी स्थिति को रोकना और एक कमजोर युद्धविराम (सीजफायर) को किसी तरह मजबूत करना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी दूतावास ने बयान जारी कर बताया कि मोहसिन नकवी ने राष्ट्रपति भवन में ईरानी राष्ट्रपति के साथ करीब 90 मिनट तक अकेले में बातचीत की। उनका यह पूरा दौरा करीब तीन घंटे तक चला। इस लंबी बातचीत में मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस बड़े विवाद का कोई शांतिपूर्ण हल निकाला जाए। भारत के नजरिए से देखा जाए तो इस पूरे क्षेत्र में शांति होना बहुत जरूरी है, क्योंकि मध्य पूर्व की अस्थिरता का सीधा और बड़ा असर पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
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ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान और अन्य देशों की तारीफ क्यों की?
इस खास और महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और इराक की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन पड़ोसी देशों ने बहुत ही समझदारी और जिम्मेदारी के साथ काम किया है। इन देशों ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ होने वाले किसी भी हथियारबंद हमले या साजिश के लिए बिल्कुल नहीं होने दिया। पेजेशकियन ने यह भी कहा कि इस्लामी देशों के बीच यह आपसी एकता क्षेत्रीय शांति के लिए बहुत जरूरी है। इस एकता की वजह से बाहरी ताकतों और इस्राइल जैसे देशों को हमारे मामलों में दखल देने का मौका बहुत कम मिलता है।
युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान के नेताओं की क्या भूमिका रही?
ईरान के राष्ट्रपति ने हाल के भारी तनाव के दौरान पाकिस्तान की लगातार की गई कूटनीतिक कोशिशों की काफी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर का नाम लेकर उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि युद्धविराम को लागू करने और बिगड़ते हालात को स्थिर करने में इन पाकिस्तानी नेताओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। वहीं, पाकिस्तानी मंत्री नकवी ने भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान लगातार तनाव कम करने और दुश्मनी खत्म करने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन कोशिशों से भविष्य के बड़े और रणनीतिक फैसलों के लिए एक बहुत मजबूत आधार तैयार हो गया है।
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों पर पेजेशकियन ने क्या कहा?
बैठक में क्षेत्र के अन्य बड़े और गंभीर मामलों पर भी विस्तार से बात हुई। ईरानी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ हाल ही में हुई सैन्य कार्रवाइयों की बेहद कड़ी निंदा की और उन्हें पूरी तरह से गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा कि इन हमलों का असली मकसद देश के भीतर अशांति फैलाना और उनकी स्थापित इस्लामी व्यवस्था को पूरी तरह से तोड़ना था। लेकिन देश की मजबूत राष्ट्रीय एकता के कारण दुश्मन अपने खतरनाक मंसूबों में बुरी तरह से नाकाम रहे हैं। इस खास मौके पर ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद रहे और उन्होंने भी अपनी बात रखी।
आपसी रिश्तों और द्विपक्षीय संबंधों की बात करें तो ईरानी राष्ट्रपति ने व्यापार, पढ़ाई-लिखाई और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने कहा कि हाल की इन घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का एक बहुत ही शानदार मौका दिया है। इसके जवाब में नकवी ने भी पाकिस्तान और ईरान के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जमीनी स्तर के संबंधों पर जोर दिया। इसके अलावा यह भी खबर है कि मोहसिन नकवी ने ईरान के संसदीय अध्यक्ष बाघेरी गालिबाफ से भी एक अलग मुलाकात की है, हालांकि इस मुलाकात के ज्यादा विवरण अभी सामने नहीं आए हैं।