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US: 'ईरान को मदद नहीं देगा चीन, उन्होंने भरोसा दिया है', अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का बड़ा दावा

पीटीआई, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 18 May 2026 08:17 AM IST
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सार

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा है कि चीन ने ईरान की मदद नहीं करने का वादा किया है। ग्रीर ने ये भी कहा कि अमेरिका ने चीन से होर्मुज खोलने के लिए सैन्य मदद नहीं मांगी है और सिर्फ यही मांग की है कि चीन, ईरान को मदद न दे।

US trade representative said China committed to us on not providing material support to Iran tariff war
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने दावा किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से यह आश्वासन लिया है कि वे ईरान की मदद नहीं करेंगे। एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ग्रीर ने कहा कि अमेरिका ने चीन से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए सीधे हस्तक्षेप की मांग नहीं की थी। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति का मुख्य फोकस इस बात पर था कि चीन ईरान को किसी तरह की मदद न दे। इस पर चीन की प्रतिबद्धता हमें मिली है और उन्होंने इसकी पुष्टि भी की है।'




'चीन भी होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना चाहता है'
ग्रीर ने कहा कि चीन की भी होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने में स्पष्ट रुचि है, लेकिन वे सीधे तौर पर इसमें शामिल नहीं होना चाहता। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति चीन की सैन्य मदद नहीं चाहते। अमेरिका बस ये सुनिश्चित करना चाहता है कि चीन, अमेरिका द्वारा उठाए जा रहे कदमों में बाधा न बने।
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ट्रंप और जिनपिंग के बीच टैरिफ को लेकर नहीं हुई कोई बातचीत
पिछले साल अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध जारी रहा, लेकिन ट्रंप ने अमेरिका लौटते समय पत्रकारों से कहा कि उनकी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत में टैरिफ का मुद्दा नहीं उठा। इस पर ग्रीर ने कहा कि व्यापार वार्ता जरूर हुई, लेकिन शीर्ष नेताओं के स्तर पर नहीं हुई। ग्रीर ने कहा 'अमेरिका की तरफ से मैंने और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और हमारी टीम ने चीनी अधिकारियों से टैरिफ के कई मुद्दों पर बातचीत की। इसलिए राष्ट्राध्यक्षों के बीच इसे लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।'


बोर्ड ऑफ ट्रेड बनाने पर हो रहा विचार
ग्रीर ने बताया कि अमेरिका, चीन के साथ व्यापारिक नियम तय करने के लिए 'बोर्ड ऑफ ट्रेड' बनाने पर भी विचार कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि चीन ने कई अमेरिकी मीट निर्यात इकाइयों से आयात फिर शुरू करने, कुछ बायोटेक व्यापार मामलों की समीक्षा करने और 200 बोइंग विमान खरीदने पर सहमति जताई है। हालांकि चीन ने अभी इन समझौतों की पुष्टि नहीं की है। ग्रीर ने कहा, 'कई ठोस कदम पहले ही शुरू हो चुके हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चीन के साथ हमारी रणनीतिक स्थिरता बनी हुई है।'
 
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