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म्यांमार दौरे पर पहुंचे नौसेना प्रमुख: समुद्री सहयोग को मिलेगी नई दिशा, सैन्य अधिकारियों से भी करेंगे मुलाकात
एएनआई, नेप्यीडॉ
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sat, 02 May 2026 02:55 PM IST
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सार
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 2 से 5 मई तक म्यांमार के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समुद्री संबंधों और रक्षा सहयोग को और ज्यादा मजबूत करना है। एडमिरल त्रिपाठी म्यांमार के रक्षा मंत्री और नौसेना प्रमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से अहम मुलाकात करेंगे। इससे हिंद महासागर में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, नौसेना प्रमुख
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत की समुद्री रणनीति को मजबूत करने के लिए नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी म्यांमार के चार दिन के दौरे पर पहुंच गए हैं। यह दौरा 2 मई से 5 मई तक चलेगा। इस यात्रा का मकसद भारत और म्यांमार के बीच समुद्री सहयोग और रक्षा संबंधों को और मजबूत करना है। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
यह दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
एडमिरल त्रिपाठी म्यांमार के शीर्ष सैन्य और नौसेना अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। ऑपरेशनल स्तर पर तालमेल बढ़ाने पर जोर रहेगा। नई साझेदारी और सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे।
किन नेताओं से होगी बातचीत?
दौरे में कौन-कौन से कार्यक्रम शामिल हैं?
भारत-म्यांमार नौसेना के बीच सहयोग कैसा है?
दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त अभ्यास करते हैं जैसे IMNEX और IMCOR।। पोर्ट विजिट और हाइड्रोग्राफी सर्वे में भी सहयोग होता है। म्यांमार कई अंतरराष्ट्रीय नौसेना कार्यक्रमों में भाग लेता रहा है। दोनों देश मिलकर समुद्री सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं। इस दौरे से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा। भारत की क्षेत्रीय रणनीति को मजबूती मिलेगी। यह दौरा दिखाता है कि भारत समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर है।
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यह दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
एडमिरल त्रिपाठी म्यांमार के शीर्ष सैन्य और नौसेना अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। ऑपरेशनल स्तर पर तालमेल बढ़ाने पर जोर रहेगा। नई साझेदारी और सहयोग के नए रास्ते तलाशे जाएंगे।
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किन नेताओं से होगी बातचीत?
- म्यांमार के सेना प्रमुख जनरल ये विन ऊ से मुलाकात होगी।
- रक्षा मंत्री जनरल यू हटुन आंग के साथ बैठक होगी।
- म्यांमार नौसेना प्रमुख एडमिरल ह्टीन विन से भी चर्चा होगी।
- इन बैठकों में रणनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत होगी।
दौरे में कौन-कौन से कार्यक्रम शामिल हैं?
- म्यांमार नौसेना के सेंट्रल नेवल कमांड का दौरा।
- नेवल ट्रेनिंग कमांड और नंबर-1 फ्लीट का निरीक्षण।
- शहीद सैनिकों के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
- ट्रेनिंग, क्षमता बढ़ाने और सुरक्षा सहयोग पर फोकस रहेगा।
भारत-म्यांमार नौसेना के बीच सहयोग कैसा है?
दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त अभ्यास करते हैं जैसे IMNEX और IMCOR।। पोर्ट विजिट और हाइड्रोग्राफी सर्वे में भी सहयोग होता है। म्यांमार कई अंतरराष्ट्रीय नौसेना कार्यक्रमों में भाग लेता रहा है। दोनों देश मिलकर समुद्री सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं। इस दौरे से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा। भारत की क्षेत्रीय रणनीति को मजबूती मिलेगी। यह दौरा दिखाता है कि भारत समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर है।
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