US: बर्फीले तूफान के कारण 153 साल में पहली बार नहीं छपा अखबार, लाखों घरों की बिजली गुल, हजारों फ्लाइट रद्द
अमेरिका में भीषण बर्फीले तूफान और तेज हवाओं से हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, 11 हजार से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बर्फबारी के चलते 5 लाख से ज्यादा घरों की बिजली गुल हो गई और हालात इतने बिगड़े कि 153 साल में पहली बार एक प्रमुख अखबार का प्रिंट संस्करण भी प्रकाशित नहीं हो सका।
विस्तार
अमेरिका के कई हिस्सों में भीषण बर्फबारी और तेज हवाओं ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम के कारण कई एयरपोर्ट्स पर रनवे अस्थायी रूप से बंद करने पड़े, जिससे उड़ान संचालन ठप हो गया। रविवार से मंगलवार के बीच 11,055 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं।
सिर्फ सोमवार को ही लगभग 5,600 से 5,700 उड़ानें कैंसिल हुईं, जो देशभर की कुल उड़ानों का करीब 20 प्रतिशत थीं। फ्लाइट ट्रैकिंग कंपनी फ्लाइटअवेयर के अनुसार, मौसम की इस मार ने हवाई यात्रा को व्यापक रूप से प्रभावित किया।
नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, रोड आइलैंड और मैसाचुसेट्स के कुछ इलाकों में करीब 37 इंच तक बर्फ दर्ज की गई, जिससे सड़क और हवाई यातायात दोनों बाधित हुए। भारी बर्फबारी और तूफानी हवाओं के चलते उत्तर-पूर्वी राज्यों में 6 लाख से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि सोमवार शाम तक 5,19,232 घर और कार्यालय अंधेरे में डूबे रहे।
153 साल में पहली बार नहीं छपा अखबार
स्थिति इतनी गंभीर रही कि 153 साल के इतिहास में पहली बार ‘द बोस्टन ग्लोब’ अखबार का प्रिंट संस्करण प्रकाशित नहीं हो सका, क्योंकि भारी बर्फबारी के कारण कर्मचारी प्रिंटिंग प्रेस तक पहुंच ही नहीं पाए।
कई राज्यों में आपातकाल घोषित
इसके चलते कई राज्यों में आपातकाल घोषित करना पड़ा। न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में रविवार से सोमवार के बीच करीब 20 इंच बर्फ दर्ज की गई, जबकि लॉन्ग आइलैंड के इस्लिप में 22 इंच से ज्यादा बर्फ गिरी। रोड आइलैंड के प्रोविडेंस में 32.8 इंच बर्फबारी ने 1978 का 28.6 इंच का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

खराब मौसम को देखते हुए न्यूयॉर्क सिटी में एहतियातन स्कूल, सड़कें, पुल और हाईवे अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। हालांकि हालात में सुधार होने पर मेयर ने प्रतिबंध हटाते हुए स्कूलों को मंगलवार से फिर खोलने की घोषणा की। मैसाचुसेट्स की गवर्नर मॉरा हीली ने कुछ इलाकों में ट्रैवल बैन लागू कर लोगों से घरों में रहने की अपील की, जबकि रोड आइलैंड के गवर्नर डैन मैकी ने पूरे राज्य में यात्रा पर रोक लगा दी। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने भी पूरे राज्य में इमरजेंसी घोषित कर नेशनल गार्ड को अलर्ट पर रखा।
ट्रेन सेवाएं भी हुई बाधित
तूफान का असर केवल सड़क और हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। न्यूयॉर्क और बोस्टन के बीच ट्रेन सेवाएं सोमवार रात तक निलंबित रहीं, वहीं ब्रॉडवे के सभी शो भी रविवार शाम रद्द कर दिए गए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह लगभग एक दशक का सबसे शक्तिशाली नॉरईस्टर तूफान माना जा रहा है, जिसमें कई इलाकों में प्रति घंटे 2 से 3 इंच तक बर्फ गिरने और हवा की रफ्तार 110 मील प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई।
कैसे बनता है ये तूफान?
नॉरईस्टर दरअसल अमेरिका के पूर्वी तट पर आने वाला तेज शीतकालीन तूफान होता है, जिसमें हवाएं आमतौर पर उत्तर-पूर्व दिशा से चलती हैं। यह तब बनता है जब कनाडा से आने वाली बेहद ठंडी हवा अटलांटिक महासागर से उठने वाली अपेक्षाकृत गर्म और नम हवा से टकराती है। समुद्र का अपेक्षाकृत गर्म पानी हवा में नमी बढ़ाता है, जो ठंडी हवाओं से मिलकर भारी बर्फबारी का कारण बनती है। इसके साथ ऊपरी वायुमंडल में तेज गति से बहने वाली जेट स्ट्रीम इस मौसम प्रणाली को और अधिक शक्तिशाली बना देती है, जिससे तेज बर्फीले तूफान का रूप ले लेता है।