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PoJK में क्या हो रहा?: 11 दिन से कर्फ्यू जैसे हालात, रावलाकोट में लोगों का धरना; PAK की कार्रवाई पर उठे सवाल

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 18 Jun 2026 05:26 PM IST
सार

क्या पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं? रावलाकोट में 11 दिनों से कर्फ्यू जैसे हालात और 10 दिनों से बंद जारी है। प्रदर्शनकारी अपने अधिकारों की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, जबकि पाकिस्तान प्रशासन पर कार्रवाई और पाबंदियां लगाने के आरोप लग रहे हैं। दवाइयों और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होने के दावे भी सामने आए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पीओजेके में आखिर क्या चल रहा है? आइए, विस्तार से जानते हैं...

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PoJK rawalkot Curfew-like conditions for 11 days protests in Rawalakot questions raised over Pakistans actions
पीओजेके में क्यों बिगड़े हालात? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) एक बार फिर अशांति और विरोध प्रदर्शनों के कारण चर्चा में है। रावलाकोट समेत कई इलाकों में पिछले 11 दिनों से कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं, जबकि 10 दिनों से बंद और चक्का जाम जारी है। जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) का दावा है कि लोग अपने अधिकारों और मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन पाकिस्तान प्रशासन आंदोलन को दबाने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। इस स्थिति ने पूरे क्षेत्र में सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
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रावलाकोट में आखिर लोग प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

जेकेजेएएसी के अनुसार, रावलाकोट के चारों ओर शांतिपूर्ण धरने जारी हैं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि प्रदर्शनकारी अपनी बुनियादी मांगों और अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। लगातार पाबंदियों और प्रशासनिक दबाव के बावजूद आंदोलन कमजोर नहीं पड़ा है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि जनता का समर्थन उन्हें लगातार मिल रहा है।
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पाकिस्तान प्रशासन पर क्या आरोप लगाए जा रहे हैं?

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया है कि नीलम घाटी से रावलाकोट पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों के काफिलों पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। हालांकि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। संगठन का दावा है कि गिरफ्तारियों, दबाव और सुरक्षा कार्रवाई के जरिए आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद धरना स्थलों पर लोगों की मौजूदगी बनी हुई है।

दैनिक जीवन और जरूरी सेवाओं पर कितना असर पड़ा है?

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोनू क्षेत्र के पास रात में बैरिकेड लगाकर आवाजाही सीमित कर दी गई। उनका आरोप है कि कई वाहनों को दवाइयां, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान लेकर क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ी है। बंद के कारण बाजारों पर ताले लगे हैं, कई सड़कें बंद हैं और सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ है।


जेकेजेएएसी ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और तब तक जारी रहेगा जब तक लोगों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता। दूसरी ओर, क्षेत्र में जारी पाबंदियों और विरोध प्रदर्शनों ने पाकिस्तान प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल रावलाकोट और आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है और सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में हालात सामान्य होते हैं या आंदोलन और तेज होता है।
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