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'परमाणु हथियार आत्मरक्षा का साधन': तानाशाह किम जोंग उन की बहन यो जोंग का भड़काऊ बयान; G7 देशों को दी चेतावनी

आईएएनएस, सियोल। Published by: राकेश कुमार Updated Thu, 18 Jun 2026 07:49 PM IST
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सार

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने G7 देशों द्वारा परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को पूरी तरह ठुकरा दिया है। उन्होंने परमाणु हथियारों को देश की आत्मरक्षा और संप्रभुता के लिए नॉन-नेगोशिएबल हिस्सा बताया है। इसके साथ ही जी-7 देशों ने उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम, साइबर अपराध और पुराने अपहरण मामलों पर चिंता व्यक्त की है।
 

kim yo jong slams g7 call for denuclearisation defends nuclear arms
किम यो जोंग, उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग की बहन - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर जहर उगला है। उन्होंने परमाणु निरस्त्रीकरण की वैश्विक मांग को सिरे से खारिज कर दिया। किम यो-जोंग ने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों को देश हित में बताया है। उन्होंने कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण अब पीछे हटने वाली ऐसी रेखा है जिसे कभी पार नहीं किया जा सकता। 


कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) की ओर से जारी बयान में किम यो-जोंग ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर हमला बोला। उन्होंने उत्तर कोरिया से परमाणु हथियार खत्म करने की मांग को अप्रासंगिक और पुराने जमाने की मांग करार दिया। यह जानकारी योनहाप समाचार एजेंसी ने साझा की है।
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G7 देशों के साझा बयान पर भड़कीं किम यो-जोंग
किम यो-जोंग का यह आक्रामक बयान ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) देशों के नेताओं के संयुक्त बयान के जवाब में आया है। दरअसल, फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में सोमवार से बुधवार तक जी-7 देशों का शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। बुधवार को पेरिस में जारी साझा बयान में जी-7 नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
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इस मांग को पूरी तरह खारिज करते हुए किम ने कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण एक ऐसा एजेंडा है जो हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। इसे अब कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता है।

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परमाणु हथियारों को बताया संप्रभुता की ढाल
किम यो-जोंग ने अपने देश के हथियारों का बचाव करते हुए कहा कि परमाणु हथियार संप्रभुता की रक्षा के शक्तिशाली साधन हैं। डीपीआरके के कानून द्वारा परिभाषित शांति सुनिश्चित करने के लिए यह एक आधारशिला हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर कोरिया का परमाणु भंडार पूरी तरह आत्मरक्षा के लिए है। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया को गंभीर अंजाम भुगतने की खुली धमकी भी दी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी परमाणु हथियार संपन्न देश के मूल हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, वह आपदा को आमंत्रण देने का सबसे बुरा विकल्प चुनेगा।

साइबर अपराध और अपहरण के मुद्दों पर भी घिरा उत्तर कोरिया
एवियन-लेस-बैंस में हुई इस बैठक में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और इटली के नेताओं ने हिस्सा लिया था। इस सम्मेलन में हिंद-प्रशांत,पश्चिम एशिया और यूक्रेन से जुड़े भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के बाद एक साझा बयान जारी किया गया। जी-7 नेताओं ने कहा कि हम उत्तर कोरिया के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों पर चिंता व्यक्त करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर कोरिया से 1970 और 1980 के दशक में अगवा किए गए लोगों के मुद्दे को तुरंत सुलझाने का आग्रह किया। 
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