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'भारत के लिए AI का मतलब ऑल इंक्लूसिव': पेरिस में बोले PM मोदी-एफिल टावर पर चल रहा UPI; तकनीक से बदल रहा देश
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 18 Jun 2026 06:31 PM IST
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सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस में 'विवाटेक 2026' को संबोधित करते हुए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत तकनीक के दम पर तेजी से बदल रहा है और भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष दोनों क्षेत्रों के टेक इकोसिस्टम को जोड़ने का काम कर रहा है।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
फ्रांस के पेरिस में आयोजित हो रहे यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी उत्सव 'विवाटेक 2026' के 10वें संस्करण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। इस साल इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन में भारत 'AI कंट्री पार्टनर' के रूप में शामिल हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि इस बड़े बदलाव के दौर में तकनीक ऐसी होनी चाहिए जो हर किसी के काम आए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नए सिरे से परिभाषित करते हुए कहा कि भारत के लिए 'AI' का सीधा मतलब 'ऑल इंक्लूसिव' यानी सबका समावेश और सबका कल्याण है।
भारत-EU व्यापार समझौते को बताया ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को दोनों क्षेत्रों के भविष्य के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। पीएम मोदी ने कहा कि साल की शुरुआत में संपन्न हुआ यह ऐतिहासिक समझौता न केवल द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं में निवेश के नए रास्ते भी खोलेगा। यह टैलेंट (प्रतिभा), टेक्नोलॉजी (तकनीक) और टूरिज्म (पर्यटन) के आदान-प्रदान के लिए कई नए रास्ते तैयार करेगा। इस साल 'भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष' की शुरुआत के साथ फ्रांस एक बेहद महत्वपूर्ण पुल की भूमिका निभा रहा है, जो भारत और पूरे यूरोप के टेक इकोसिस्टम को एक-दूसरे के बेहद करीब ला रहा है।
इनोवेशन के लिए 50 अरब डॉलर की बड़ी मदद
वैश्विक निवेशकों और टेक कंपनियों को भारत में आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने कई बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा टैलेंट पूल है, जहां सरकार नियमों को आसान बनाकर 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है। इनोवेशन से लेकर प्रोडक्ट को मार्केट में उतारने तक के सफर के लिए भारत सरकार प्राइवेट सेक्टर को 50 अरब डॉलर से अधिक के प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके साथ ही भारत दुनिया का सबसे किफायती डाटा और सबसे सस्ती ग्रीन एनर्जी भी उपलब्ध करा रहा है।
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यह भी पढ़ें: 'गद्दार-बेईमान-धोखेबाज': संजय राउत ने बागी सांसदों को फिर कहे अपशब्द, बोले- MPs को अतिरिक्त 10 करोड़ रुपये दिए गए
अकेले भारत में दुनिया के 50% डिजिटल ट्रांजैक्शन
पीएम मोदी ने पिछले एक दशक में तकनीक के दम पर भारत में आए महा-बदलाव का खाका भी पेश किया। उन्होंने बताया कि भारत आज तकनीक का इस्तेमाल वित्तीय समावेशन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बहुत बड़े पैमाने पर कर रहा है। आज दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन का आधा हिस्सा अकेले भारत में होता है। भारत की यह ताकत अब फ्रांस में भी दिखाई दे रही है, जहां लोग पेरिस के मशहूर एफिल टावर और पेरिस एयरपोर्ट पर भी यूपीआई के जरिए आसानी से भुगतान कर पा रहे हैं। डिजीलॉकर जैसी डिजिटल पब्लिक गुड्स आज दुनिया के सामने मिसाल हैं।
सरकार राह बनाएगी, इंडस्ट्री करेगी कमाल
प्रधानमंत्री ने देश की नई टेक नीति को साफ करते हुए एक नया मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि हमारी नीति स्पष्ट है। सरकार रास्ता बनाएगी और इंडस्ट्री इनोवेशन करेगी, स्टार्टअप्स नए बदलाव लाएंगे और ग्लोबल पार्टनर्स हमारे साथ मिलकर इसे बड़े पैमाने पर स्केल करेंगे। पीएम मोदी ने सम्मेलन में मौजूद सभी दिग्गजों से अपील की कि वे आगे आएं, भारत के साथ मिलकर काम करें और एक ऐसी तकनीक विकसित करें जो पूरी दुनिया के जीवन को बेहतर बना सके।
भारत-EU व्यापार समझौते को बताया ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को दोनों क्षेत्रों के भविष्य के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। पीएम मोदी ने कहा कि साल की शुरुआत में संपन्न हुआ यह ऐतिहासिक समझौता न केवल द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं में निवेश के नए रास्ते भी खोलेगा। यह टैलेंट (प्रतिभा), टेक्नोलॉजी (तकनीक) और टूरिज्म (पर्यटन) के आदान-प्रदान के लिए कई नए रास्ते तैयार करेगा। इस साल 'भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष' की शुरुआत के साथ फ्रांस एक बेहद महत्वपूर्ण पुल की भूमिका निभा रहा है, जो भारत और पूरे यूरोप के टेक इकोसिस्टम को एक-दूसरे के बेहद करीब ला रहा है।
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इनोवेशन के लिए 50 अरब डॉलर की बड़ी मदद
वैश्विक निवेशकों और टेक कंपनियों को भारत में आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने कई बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा टैलेंट पूल है, जहां सरकार नियमों को आसान बनाकर 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है। इनोवेशन से लेकर प्रोडक्ट को मार्केट में उतारने तक के सफर के लिए भारत सरकार प्राइवेट सेक्टर को 50 अरब डॉलर से अधिक के प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके साथ ही भारत दुनिया का सबसे किफायती डाटा और सबसे सस्ती ग्रीन एनर्जी भी उपलब्ध करा रहा है।
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अकेले भारत में दुनिया के 50% डिजिटल ट्रांजैक्शन
पीएम मोदी ने पिछले एक दशक में तकनीक के दम पर भारत में आए महा-बदलाव का खाका भी पेश किया। उन्होंने बताया कि भारत आज तकनीक का इस्तेमाल वित्तीय समावेशन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बहुत बड़े पैमाने पर कर रहा है। आज दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन का आधा हिस्सा अकेले भारत में होता है। भारत की यह ताकत अब फ्रांस में भी दिखाई दे रही है, जहां लोग पेरिस के मशहूर एफिल टावर और पेरिस एयरपोर्ट पर भी यूपीआई के जरिए आसानी से भुगतान कर पा रहे हैं। डिजीलॉकर जैसी डिजिटल पब्लिक गुड्स आज दुनिया के सामने मिसाल हैं।
सरकार राह बनाएगी, इंडस्ट्री करेगी कमाल
प्रधानमंत्री ने देश की नई टेक नीति को साफ करते हुए एक नया मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि हमारी नीति स्पष्ट है। सरकार रास्ता बनाएगी और इंडस्ट्री इनोवेशन करेगी, स्टार्टअप्स नए बदलाव लाएंगे और ग्लोबल पार्टनर्स हमारे साथ मिलकर इसे बड़े पैमाने पर स्केल करेंगे। पीएम मोदी ने सम्मेलन में मौजूद सभी दिग्गजों से अपील की कि वे आगे आएं, भारत के साथ मिलकर काम करें और एक ऐसी तकनीक विकसित करें जो पूरी दुनिया के जीवन को बेहतर बना सके।