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पीओके में पाकिस्तानी सेना का अत्याचार: हजारों प्रदर्शनकारियों पर बरसाईं गोलियां, एक व्यक्ति की मौत; कई घायल
Mon, 06 Jul 2026 02:52 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रावलकोट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रावलकोट
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 06 Jul 2026 02:52 AM IST
सार
पीओके में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने गोलियां चलाईं। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हैं। मामले में प्रदर्शनकारी गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग कर रहे थे। पीओके में हो रहे इस दमन के विरोध में विदेशों में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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PoK में पाकिस्तानी सेना ने फिर बरपाया कहर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में शहबाज शरीफ सरकार के अत्याचार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों नागरिकों पर पाकिस्तानी सुरक्षाबालों ने कई जगह गोलियां बरसाईं। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं। कई की हालत गंभीर है।
क्या है मामला?
जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के आह्वान पर रविवार को अब्बासपुर के सरदार गुलाम हुसैन खान स्पोर्ट्स स्टेडियम में 40 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी जुटे। शरीफ सरकार के जुल्म और 600 से अधिक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद आक्रोश चरम पर है। सरकार की ज्यादती के खिलाफ आंदोलन चला रहे जेएएसी ने इस्लामाबाद की निर्मम कार्रवाई को चुनौती देते हुए गैर-कानूनी ढंग से गिरफ्तार नेताओं व कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की।
ये भी पढ़ें: Bangladesh: मुहम्मद यूनुस के खिलाफ कोर्ट में शिकायत, खसरे के प्रकोप को लेकर आपराधिक लापरवाही का आरोप
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जेएएसी ने कहा कि बुनियादी अधिकारों के लिए हो रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने डुडियाल में भीड़ पर बिना उकसावे के गोलियां चलाईं। वहीं, इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की पीओके इकाई ने दावा किया कि डड्याल अंब में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मुजफ्फराबाद में सुरक्षा बलों व प्रदर्शनकारियों में झड़प
मुजफ्फराबाद में सुरक्षाबलों-प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई। जेएएसी ने एक्स पर लिखा कि सुरक्षाबलों ने गोलाबारी की। कई प्रदर्शनकारियों की बाइक क्षतिग्रस्त कर दीं। पुलिस व पाकिस्तानी रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके अलावा मनक पियन, संगी मेरा, तरीकाबाद, लोअर छत्रा और बेइला नूर शाह में भी झड़पें हुईं।
पिछले महीने मारे गए 30 प्रदर्शनकारी
पाकिस्तान पुलिस की हिंसक कार्रवाई में आठ जून को कम से कम 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पीओके में जेएएसी और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद है।
राशन, दवाओं और आजादी के लिए भारतीयों से मांगा समर्थन
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जेएएसी के सदस्य सरदार अमन खान ने मेंढर, पुंछ, राजौरी, डोडा में रहने वालों से अपील की है कि उनकी तरफ राशन और दवाओं की कमी है। हमें आपकी मदद चाहिए। पाकिस्तानी नियंत्रण से आजादी की अपने लोगों की बेताबी का इजहार करते हुए उन्होंने सीमाओं को खत्म करने की मांग की। भारतीय नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हम सीजफायर लाइन खत्म करना चाहते हैं। हमें आपका समर्थन चाहिए।
ये भी पढ़ें: New York Shooting: न्यूयॉर्क के कोनी आइलैंड में अंधाधुंध फायरिंग, चार बच्चों समेत आठ घायल
विदेशों में भी हो रही विरोध प्रदर्शन
विद्रोह के कारण इस्लामाबाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ा है। कश्मीरियों के समूह ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में प्रदर्शन कर जेएएसी की कोर कमेटी के सदस्य शौकत नवाज मीर समेत सभी कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की।
इस साथ ही, ब्रिटेन की राजधानी लंदन में हजारों कश्मीरियों ने 'लंदन कश्मीर मिलियन मार्च' में हिस्सा लिया। इन लोगों ने संसद चौक से लेकर पाकिस्तानी उच्चायोग तक मार्च निकाला। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में हो रहे मानवाधिकारों के हनन का कड़ा विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार किए गए राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तुरंत छोड़ने की मांग की। मार्च के समय लोगों ने आजादी के समर्थन में जमकर नारे लगाए। उन्होंने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के प्रमुख शौकत नवाज मीर और अन्य राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की।
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क्या है मामला?
जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के आह्वान पर रविवार को अब्बासपुर के सरदार गुलाम हुसैन खान स्पोर्ट्स स्टेडियम में 40 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी जुटे। शरीफ सरकार के जुल्म और 600 से अधिक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद आक्रोश चरम पर है। सरकार की ज्यादती के खिलाफ आंदोलन चला रहे जेएएसी ने इस्लामाबाद की निर्मम कार्रवाई को चुनौती देते हुए गैर-कानूनी ढंग से गिरफ्तार नेताओं व कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की।
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जेएएसी ने कहा कि बुनियादी अधिकारों के लिए हो रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने डुडियाल में भीड़ पर बिना उकसावे के गोलियां चलाईं। वहीं, इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की पीओके इकाई ने दावा किया कि डड्याल अंब में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मुजफ्फराबाद में सुरक्षा बलों व प्रदर्शनकारियों में झड़प
मुजफ्फराबाद में सुरक्षाबलों-प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई। जेएएसी ने एक्स पर लिखा कि सुरक्षाबलों ने गोलाबारी की। कई प्रदर्शनकारियों की बाइक क्षतिग्रस्त कर दीं। पुलिस व पाकिस्तानी रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके अलावा मनक पियन, संगी मेरा, तरीकाबाद, लोअर छत्रा और बेइला नूर शाह में भी झड़पें हुईं।
पिछले महीने मारे गए 30 प्रदर्शनकारी
पाकिस्तान पुलिस की हिंसक कार्रवाई में आठ जून को कम से कम 30 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पीओके में जेएएसी और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद है।
राशन, दवाओं और आजादी के लिए भारतीयों से मांगा समर्थन
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जेएएसी के सदस्य सरदार अमन खान ने मेंढर, पुंछ, राजौरी, डोडा में रहने वालों से अपील की है कि उनकी तरफ राशन और दवाओं की कमी है। हमें आपकी मदद चाहिए। पाकिस्तानी नियंत्रण से आजादी की अपने लोगों की बेताबी का इजहार करते हुए उन्होंने सीमाओं को खत्म करने की मांग की। भारतीय नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हम सीजफायर लाइन खत्म करना चाहते हैं। हमें आपका समर्थन चाहिए।
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विदेशों में भी हो रही विरोध प्रदर्शन
विद्रोह के कारण इस्लामाबाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ा है। कश्मीरियों के समूह ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में प्रदर्शन कर जेएएसी की कोर कमेटी के सदस्य शौकत नवाज मीर समेत सभी कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की।
इस साथ ही, ब्रिटेन की राजधानी लंदन में हजारों कश्मीरियों ने 'लंदन कश्मीर मिलियन मार्च' में हिस्सा लिया। इन लोगों ने संसद चौक से लेकर पाकिस्तानी उच्चायोग तक मार्च निकाला। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में हो रहे मानवाधिकारों के हनन का कड़ा विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार किए गए राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तुरंत छोड़ने की मांग की। मार्च के समय लोगों ने आजादी के समर्थन में जमकर नारे लगाए। उन्होंने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के प्रमुख शौकत नवाज मीर और अन्य राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की।