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Russia-Ukraine Conflict: क्रीमिया पर यूक्रेन का भीषण ड्रोन हमला, रूसी सेना ने गिराए 660 ड्रोन; बढ़ेगा टकराव?
पीटीआई, मॉस्को / कीव।
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:45 PM IST
सार
Russia-Ukraine Conflict: क्रीमिया पर यूक्रेन ने ड्रोन से भीषण हमला किया है। रूसी सेना ने कहा है कि एक साथ सैकड़ों ड्रोन से हमले किए गए। सुरक्षाबलों ने यूक्रेन की तरफ से भेजे गए 660 ड्रोन मार गिराए। इस हमले को अब तक के सबसे बड़े में एक बताया जा रहा है, ऐसे में दोनों देशों के बीच टकराव बढ़ सकता है।
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यूक्रेन का ड्रोन हमला (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
चार साल से अधिक समय से जारी रूस और यूक्रेन की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। फरवरी, 2022 में शुरू हुआ दोनों देशों का संघर्ष अब तक जारी है। ताजा घटनाक्रम में रूस ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन की तरफ से भीषण हमला किया गया है जो अब तक की लड़ाई में सबसे बड़े हमलों में एक है। समाचार एजेंसी पीटीआई पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसी- एपी के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने अपनी जमीन और कब्जे वाले क्रीमिया पर हमला किए जाने का आरोप लगाया है।
क्या यूक्रेनी ने ड्रोन के सबसे बड़े हमले को अंजाम दिया?
रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि उनकी वायु सेना ने यूक्रेन के 660 ड्रोनों को मार गिराया है। यह हमला रूस के 12 अलग-अलग इलाकों के साथ-साथ क्रीमिया प्रायद्वीप, काला सागर और आजोव सागर में किया गया। इस ड्रोन हमले के बाद दोनों देशों का टकराव बढ़ने की आशंका है।
यूक्रेन पिछले कई महीनों से रूस के तेल उत्पादन और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बना रहा है। पश्चिमी अधिकारियों और जानकारों का मानना है कि इस रणनीति से रूस की ईंधन सप्लाई और सैन्य रसद में कमी आई है। इससे युद्ध के मैदान में रूस की कोशिशें धीमी पड़ गई हैं और राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव बढ़ गया है।
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यह बड़ा हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने '40 दिनों के प्रभाव अभियान' का आदेश दिया था। माना जा रहा है कि इसका मकसद हमलों को तेज करके रूस को युद्ध खत्म करने के लिए मजबूर करना है। जेलेंस्की ने यह कदम तब उठाया जब पिछले एक साल से अमेरिका की शांति कोशिशों का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
हमले में कितना नुकसान हुआ
नुकसान की बात करें तो मॉस्को के दक्षिण में स्थित तुला क्षेत्र में एक घर को नुकसान पहुंचा और एक महिला घायल हो गई। तुला के गवर्नर दिमित्री मिल्याएव ने बताया कि नोवोमोस्कोव्स्क शहर में एक बिजली लाइन और एक औद्योगिक केंद्र को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वहां एक केमिकल प्लांट और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट में आग लग गई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजधानी मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि शहर की ओर बढ़ रहे 47 ड्रोनों को मार गिराया गया। वहां किसी के हताहत होने या नुकसान की खबर नहीं मिली है।
रूस ने भी यूक्रेन पर हमला किया
दूसरी ओर, रूस ने भी यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र पर हमले किए। खार्किव के क्षेत्रीय प्रमुख ओलेह सिनीहुबोव ने बताया कि पिछले 24 घंटों में रूसी हमलों में दो नागरिकों की मौत हो गई और सात लोग घायल हुए। रूस ने खार्किव और आसपास के 16 इलाकों पर गाइडेड बमों और ड्रोनों से हमला किया। यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि उन्होंने रूस के 189 ड्रोनों में से 174 को रोक दिया, लेकिन सात में से चार इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइलें अपने लक्ष्य पर गिरने में सफल रहीं।
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क्या यूक्रेनी ने ड्रोन के सबसे बड़े हमले को अंजाम दिया?
रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि उनकी वायु सेना ने यूक्रेन के 660 ड्रोनों को मार गिराया है। यह हमला रूस के 12 अलग-अलग इलाकों के साथ-साथ क्रीमिया प्रायद्वीप, काला सागर और आजोव सागर में किया गया। इस ड्रोन हमले के बाद दोनों देशों का टकराव बढ़ने की आशंका है।
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यूक्रेन पिछले कई महीनों से रूस के तेल उत्पादन और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बना रहा है। पश्चिमी अधिकारियों और जानकारों का मानना है कि इस रणनीति से रूस की ईंधन सप्लाई और सैन्य रसद में कमी आई है। इससे युद्ध के मैदान में रूस की कोशिशें धीमी पड़ गई हैं और राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव बढ़ गया है।
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यह बड़ा हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने '40 दिनों के प्रभाव अभियान' का आदेश दिया था। माना जा रहा है कि इसका मकसद हमलों को तेज करके रूस को युद्ध खत्म करने के लिए मजबूर करना है। जेलेंस्की ने यह कदम तब उठाया जब पिछले एक साल से अमेरिका की शांति कोशिशों का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
हमले में कितना नुकसान हुआ
नुकसान की बात करें तो मॉस्को के दक्षिण में स्थित तुला क्षेत्र में एक घर को नुकसान पहुंचा और एक महिला घायल हो गई। तुला के गवर्नर दिमित्री मिल्याएव ने बताया कि नोवोमोस्कोव्स्क शहर में एक बिजली लाइन और एक औद्योगिक केंद्र को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वहां एक केमिकल प्लांट और हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट में आग लग गई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजधानी मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि शहर की ओर बढ़ रहे 47 ड्रोनों को मार गिराया गया। वहां किसी के हताहत होने या नुकसान की खबर नहीं मिली है।
रूस ने भी यूक्रेन पर हमला किया
दूसरी ओर, रूस ने भी यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र पर हमले किए। खार्किव के क्षेत्रीय प्रमुख ओलेह सिनीहुबोव ने बताया कि पिछले 24 घंटों में रूसी हमलों में दो नागरिकों की मौत हो गई और सात लोग घायल हुए। रूस ने खार्किव और आसपास के 16 इलाकों पर गाइडेड बमों और ड्रोनों से हमला किया। यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि उन्होंने रूस के 189 ड्रोनों में से 174 को रोक दिया, लेकिन सात में से चार इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइलें अपने लक्ष्य पर गिरने में सफल रहीं।