Russia Ukraine War: रूस के हमलों से यूक्रेन में तबाही, नौ की मौत; जेलेंस्की ने उत्तर कोरिया पर क्या आरोप लगाए?
रूस के यूक्रेन पर ताजा हवाई हमलों में कम से कम नौ नागरिकों की मौत हुई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि जापोरिझझिया पर हमले में उत्तर कोरिया से मिली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। क्या रूस को उत्तर कोरिया से सैन्य मदद बढ़ रही है? क्या युद्ध और तेज होने वाला है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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विस्तार
रूस ने मंगलवार को यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइलों, ड्रोन और ग्लाइड बमों से हमले किए, जिसमें कम से कम नौ नागरिकों की मौत हो गई। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी शहर जापोरिझझिया में उत्तर कोरिया से मिले बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल का दावा किया गया है। इस हमले में छह लोगों की मौत और 19 लोग घायल हुए। वहीं, निप्रॉपेट्रोस क्षेत्र में तीन और लोगों की जान गई।
क्या जापोरिझझिया में उत्तर कोरियाई मिसाइलों से हमला किया गया?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना ने रात के हमले में उत्तर कोरिया से मिली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, जापोरिझझिया में हुए हमले में छह लोगों की मौत हुई और 19 लोग घायल हुए।
जेलेंस्की ने सोमवार देर रात दावा किया कि रूस को प्योंगयांग से अतिरिक्त बैलिस्टिक मिसाइलें मिली हैं और वह उत्तर कोरिया के और सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रहा है।
क्या उत्तर कोरिया रूस को सैन्य मदद बढ़ा रहा है?
जेलेंस्की के अनुसार, रूस को उत्तर कोरिया से अतिरिक्त सैन्य सहायता मिल रही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने दो साल से कुछ अधिक समय पहले रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में किसी भी देश पर आक्रमण होने की स्थिति में एक-दूसरे की मदद का प्रावधान है।
यूक्रेन का कहना है कि उत्तर कोरिया ने रूस के समर्थन में हजारों सैनिक और बड़ी मात्रा में हथियार भेजे हैं। जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि युद्ध का अनुभव उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर सकता है।
क्या कीव में बच्चों के अस्पताल के पास भी हमला हुआ?
रूसी हमलों में यूक्रेन की राजधानी कीव के कुछ हिस्सों को भी निशाना बनाया गया। यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस के अनुसार, एक हमला बच्चों के अस्पताल के परिसर में हुआ, जहां दो गड्ढे बने और खिड़कियां टूट गईं। बच्चों और चिकित्सा कर्मचारियों के बम शेल्टर में होने के कारण किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। राजधानी में एक अन्य स्थान पर रूसी हमले के बाद एक गोदाम में आग लग गई, जो करीब 1,200 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैल गई।
क्या रूस ने यूक्रेन के सैन्य और परिवहन ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया?
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने कीव और जापोरिझझिया में सैन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा परिवहन और लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर जमीनी सटीक हथियारों से हमला किया। मंत्रालय के अनुसार, कीव में ड्रोन भंडारण केंद्रों और जापोरिझझिया में एक धातुकर्म संयंत्र को निशाना बनाया गया।
यूक्रेनी वायुसेना ने कहा कि रूस ने जापोरिझझिया और कीव पर जिरकॉन एंटी-शिप मिसाइलों और इस्कंदर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। इसके अलावा देशभर में 120 लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन भी लॉन्च किए गए।
क्या रूस के 14 क्षेत्रों में करीब 400 यूक्रेनी ड्रोन रोके गए?
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर में रूस के 14 क्षेत्रों और कब्जे वाले क्रीमिया के ऊपर लगभग 400 यूक्रेनी ड्रोन को रोक दिया। रूस की ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज ने भी बताया कि यूक्रेन की सीमा से लगे वोरोनिश क्षेत्र में उसके लॉजिस्टिक केंद्रों पर हमला हुआ और आग लग गई। कंपनी के अनुसार, आग बुझा दी गई और वहां रखा सामान बड़े पैमाने पर सुरक्षित रहा।
क्या यूक्रेन ने रूस की तेल और लॉजिस्टिक सुविधाओं को भी निशाना बनाया?
यूक्रेन पहले भी वाइल्डबेरीज के गोदामों पर हमले कर चुका है। इसके अलावा उसने रूसी तेल प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया है। यूक्रेन का कहना है कि इस रणनीति का उद्देश्य रूस पर युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत करने का दबाव बनाना है।
रूसी स्वतंत्र ऑनलाइन आउटलेट अस्त्रा ने दावा किया कि यूक्रेन की सीमा से करीब 1,300 किलोमीटर दूर ओर्स्क शहर में एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। उसने धुएं की तस्वीरें भी प्रकाशित कीं, लेकिन इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या युद्ध खत्म कराने की कूटनीतिक कोशिशें थम गई हैं?
अमेरिका के नेतृत्व में युद्ध रोकने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों में प्रगति नहीं हो पाई है। वॉशिंगटन में समझौते की दिशा में प्रगति की कमी को लेकर निराशा बढ़ी है। इसी बीच उसका ध्यान ईरान युद्ध की ओर भी गया है।
वॉशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर ने अपने विश्लेषण में कहा कि जब तक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने का रास्ता दिखाई देता रहेगा, तब तक क्रेमलिन गंभीर बातचीत या अपनी मांगों में सार्थक समझौते के लिए आगे नहीं बढ़ेगा।