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Russia-Ukraine War: पहली बार सैनिकों का रोबोटों के समक्ष सरेंडर; जेलेंस्की का दावा- यूक्रेन ने रचा इतिहास

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव Published by: Pavan Updated Wed, 15 Apr 2026 03:48 AM IST
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सार

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि उनकी सेना के ड्रोन और ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम्स ने बिना किसी मानव सैनिक के एक रूसी सैन्य ठिकाने पर कब्जा कर लिया। इस ऑपरेशन में दुश्मन सैनिकों को रोबोटों के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा, जो युद्ध इतिहास में एक नई घटना मानी जा रही है।

Russia-Ukraine War: Soldiers surrender to robots for the first time; Zelensky claims Ukraine has made history
वोलोडिमीर जेलेंस्की, यूक्रेन के राष्ट्रपति - फोटो : ANI
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विस्तार

रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां विज्ञान-कथाएं हकीकत बनती दिख रही हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने खुलासा किया है कि उनकी सेना के ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम्स व ड्रोन ने मिलकर एक रूसी सैन्य ठिकाने पर कब्जा कर लिया है।
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रोबोटों के सामने दुश्मन का आत्मसमर्पण
चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी सैन्य कार्रवाई में यूक्रेन का एक भी सैनिक शामिल नहीं था और दुश्मन सैनिकों को रोबोटों के आगे आत्मसमर्पण करने पर मजबूर होना पड़ा। विश्व के किसी भी युद्ध में यह ऐसी पहली घटना मानी जा रही है। हालांकि उन्होंने उस स्थान का खुलासा नहीं किया, जहां इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

यदि जेलेंस्की का यह दावा पूरी तरह सही है, तो यह भविष्य की जंग की एक जीवंत मिसाल बन सकता है। जेलेंस्की के सलाहकार अलेक्जेंडर कामिशिन के मुताबिक आने वाले समय में अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल युद्ध की पूरी तस्वीर बदल देंगे। फिलहाल यूक्रेन की 30 प्रतिशत पैदल सेना को तत्काल रोबोट से बदला जा सकता है।

बिना मानवीय नुकसान के मिली जीत
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा कि इस ऑपरेशन को पूरी तरह से मानव रहित प्लेटफॉर्म ने अंजाम दिया। किसी भी यूक्रेनी सैनिक की जान जोखिम में नहीं डाली गई और बिना किसी नुकसान के दुश्मन पर कब्जा कर लिया गया।

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22000 से ज्यादा सफल मिशन
जेलेंस्की के मुताबिक यूक्रेन के रेटेल टर्मिट, अर्दल व जमी जैसे रोबोटिक सिस्टम्स ने पिछले तीन महीने में 22,000 से ज्यादा मिशनों को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि जहां पहले एक योद्धा को खतरनाक इलाकों में जाना पड़ता था, अब वहां रोबोट भेजे जा रहे हैं, जिससे हजारों यूक्रेनी सैनिकों की जान बचाई जा सकी है।

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