शहबाज शरीफ या आसिम मुनीर: कौन संभाल रहा पाकिस्तान की कमान? पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने खोली PAK हुकूमत की पोल
पाकिस्तान में सत्ता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फवाद चौधरी ने दावा किया कि असली नेतृत्व जनरल असीम मुनीर के हाथ में है, जबकि शहबाज शरीफ की भूमिका सीमित है। ट्रंप के बयान के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की महंगाई पर सरकार को खूब सुनाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान की राजनीति में सत्ता के असली केंद्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हालिया बयानों और घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ केवल कठपुतली प्रधानमंत्री बनकर रह गए हैं। सत्ता की असली किसी और के हाथ में है।
पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान का वास्तविक नेतृत्व जनरल आसिम मुनीर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि फैसले सेना प्रमुख के स्तर पर हो रहे हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भी हाल में मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताया, जबकि शहबाज शरीफ का जिक्र तक नहीं किया।
ये भी पढ़ें- Iran Conflict: ईरान युद्ध पर ट्रंप की धमकी से भड़के स्टार्मर, बोले- UK नहीं बनेगा युद्ध का हिस्सा; तनाव बढ़ा
क्या पाकिस्तान में असली सत्ता सेना के हाथ में है?
फवाद चौधरी के बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान में राजनीतिक सत्ता और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय सभी बड़े फैसले सेना के नेतृत्व में लिए जा रहे हैं। इससे यह धारणा मजबूत होती है कि चुनी हुई सरकार की भूमिका सीमित हो गई है और असली ताकत सैन्य नेतृत्व के पास है।
क्या ट्रंप के बयान ने बढ़ाया विवाद?
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जनरल असीम मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताने के बाद यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। इससे पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष और विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान देश की राजनीतिक छवि को प्रभावित कर सकते हैं।
होर्मुज संकट से पाकिस्तान की हालत और बिगड़ी
फवाद चौधरी ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के तनाव का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है। तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है। खासकर मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवन और महंगा हो गया है और आर्थिक संकट गहराता नजर आ रहा है।
अन्य वीडियो-
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.