{"_id":"69e6008e28a31fc30001a7be","slug":"situation-in-hormuz-is-delicate-china-expresses-concern-over-firing-on-indian-ship-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hormuz Tension: 'होर्मुज के हालात नाजुक', भारतीय शिप पर फायरिंग को लेकर चीन ने जताई चिंता","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Hormuz Tension: 'होर्मुज के हालात नाजुक', भारतीय शिप पर फायरिंग को लेकर चीन ने जताई चिंता
आईएएनएस, बीजिंग
Published by: Rahul Kumar
Updated Mon, 20 Apr 2026 04:01 PM IST
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन
- फोटो : आईएएनएस
विज्ञापन
चीन ने होर्मुज से गुजर रहे भारतीय झंडे वाले जहाज पर फायरिंग को लेकर बयान दिया है। विदेश मंत्रालय ने उकसावे से बचने की अपील की है। नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने ये बात कही। इसके साथ ही चीन ने ईरानी झंडे वाले जहाज को रोकने और फिर उसे कब्जे में लेने की अमेरिकी कार्रवाई पर चिंता जताई है। चीन के अनुसार सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ सीजफायर का पालन करना होगा। वो प्रेस की ओर से पूछे सवालों का जवाब दे रहे थे।
Trending Videos
'भारतीय शिप ईरानी फायरिंग चिंता का विषय''
ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, उनसे भारतीय शिप पर हमले को लेकर पूछा गया कि ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय झंडे वाले एक जहाज पर फायरिंग की थी, जिससे नेविगेशनल सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई थी। चीन इस तनाव को कैसे देखता है और स्ट्रेट में अपने शिपिंग और एनर्जी हितों की सुरक्षा के लिए वह किन उपायों पर विचार कर रहा है?
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियाकुन ने कहा कि होर्मुज की स्थिति बहुत नाजुक है, लेकिन चीन को उम्मीद है कि सभी पक्ष इसकी गंभीरता को समझेंगे। उन्होंने कहा, "मैंने होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर चीन का रुख पहले ही बता दिया है। हम यह दोहराना चाहेंगे कि होर्मुज स्ट्रेट एक इंटरनेशनल वॉटरवे है, और इसे नेविगेशन के लिए खुला रखना इस इलाके के देशों और इंटरनेशनल कम्युनिटी के हक में है।"
उनके अनुसार सब मिलकर काम करेंगे और चीन अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के साथ मिलकर कोशिशें जारी रखने को तैयार है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे तनाव बढ़ाने से बचें और ऐसा माहौल बनाएं जिससे इस रास्ते पर सामान्य आवाजाही शुरू हो सके। ईरानी जहाज को कब्जे में लेने की बात अमेरिका ने की थी। कहा था कि उसने एक ईरानी जहाज के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे कब्जे में ले लिया, क्योंकि वह ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी से बचने की फिराक में था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पोस्ट में लिखा, "टाउसका नामक एक ईरानी झंडे वाला मालवाहक जहाज, जिसकी लंबाई लगभग 900 फीट है और जिसका वजन लगभग एक विमानवाहक पोत के बराबर है, हमारी नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था, और उनके लिए यह अच्छा नहीं रहा।
