सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Tehran has 'not backed down one iota' from demands: Iran's judiciary chief; Iran's envoy to Russia

ईरान में शांति कब?: न्यायपालिका प्रमुख की दो-टूक, हम शर्तों पर कायम; राजदूत बोले- US-इस्राइल के बीच डील असंभव

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान / मॉस्को Published by: Pavan Updated Mon, 20 Apr 2026 03:25 PM IST
विज्ञापन
सार

ईरान का रुख काफी सख्त नजर आ रहा है और वह किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है। वहीं अमेरिका उचित समझौते की बात कर रहा है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच भरोसे की कमी और बड़े मुद्दों पर टकराव के कारण शांति की राह फिलहाल बेहद मुश्किल दिख रही है।

Tehran has 'not backed down one iota' from demands: Iran's judiciary chief; Iran's envoy to Russia
ईरान में शांति कब? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

ईरान और पश्चिमी देशों के बीच जारी तनाव अब एक बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम होसेन मोहसेनी एजेई ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान अपनी मांगों से 'एक इंच भी पीछे नहीं हटा है' और आगे भी नहीं हटेगा। सरकारी मीडिया आईएसएनए को दिए बयान में उन्होंने कहा कि हालिया संघर्ष के दौरान पूरा ईरान एकजुट होकर बाहरी हमलों का सामना करता रहा और यह एकता देश के इतिहास में शायद ही कभी देखने को मिली हो।
Trending Videos


यह भी पढ़ें - ईरान में अमेरिकी पायलटों के फंसने से बौखला गए थे ट्रंप: सहयोगियों पर चीखे, फिर टीम ने वॉर रूम से बाहर रखा
विज्ञापन
विज्ञापन


'ईरान ने दुनिया की बड़ी ताकतों को मजबूती से दिया जवाब'
एजेई ने इस एकजुटता को खुदा की रहमत बताते हुए कहा कि ईरान ने दुनिया की बड़ी ताकतों के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि जिन देशों ने हमला किया था, अब वही बातचीत की राह तलाश रहे हैं, जबकि तेहरान अपने रुख पर पूरी तरह कायम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युद्ध और शांति से जुड़े सभी फैसले देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के दिशा-निर्देशों के तहत ही लिए जा रहे हैं और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब दो हफ्तों का युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। ईरान और अमेरिका के बीच पहले दौर की बातचीत पहले ही गतिरोध में फंस चुकी है। मुख्य विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अब इस्लामाबाद में चल रही बातचीत को आखिरी कूटनीतिक मौका माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद हालात बड़े युद्ध की ओर बढ़ सकते हैं।

ईरानी राजदूत का अमेरिका-इस्राइल पर तीखा हमला
इसी बीच रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने भी अमेरिका और इस्राइल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के सैन्य हमले पूरी तरह नाकाम रहे और वे अपने किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए। उनका कहना था कि शुरुआत में अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहते थे, लेकिन अब उनकी मांगें सिमटकर सिर्फ समुद्री रास्ते खोलने तक रह गई हैं।

यह भी पढ़ें - US से जंग के बीच ईरान में बड़ा बदलाव: सरकार के बदले IRGC कर रही फैसले, खबर में दावा- कमांडर वाहिद को मिली कमान

बराबरी और निष्पक्षता के आधार पर ही संभव
काजेम जलाली ने यह भी कहा कि जो लक्ष्य अमेरिका युद्ध के दौरान हासिल नहीं कर पाया, वह बातचीत के जरिए भी हासिल नहीं कर सकेगा, यहां तक की अगर नेतृत्व में डोनाल्ड ट्रंप ही क्यों न हो। उनके मुताबिक, बातचीत तभी संभव है जब दोनों पक्ष बराबरी और निष्पक्ष समझौते के आधार पर आगे बढ़ें, न कि दबाव या नाकेबंदी के साए में। विश्लेषकों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में कोई ठोस समझौता नहीं होता, तो यह टकराव एक बड़े और खतरनाक संघर्ष में बदल सकता है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed