स्लोवाकिया बना वैश्विक कार हब: कम मजदूरी के कारण बढ़ रहा निवेश, 54 लाख कुल आबादी; हर साल बना रहा 10 लाख कारें
स्लोवाकिया ने अपनी सीमित आबादी के बावजूद वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग में बड़ी पहचान बना ली है। 54 लाख की आबादी वाला यह देश हर साल करीब 10 लाख कारें बनाता है और प्रति व्यक्ति उत्पादन में दुनिया में सबसे आगे है।
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यूरोप के मध्य में बसे छोटे से देश स्लोवाकिया ने वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसकी कल्पना कभी पूर्वी यूरोप के समाजवादी दौर में मुश्किल लगती थी। महज 5.4 मिलियन यानी 54 लाख की आबादी वाला यह देश हर साल लगभग 10 लाख कारों का उत्पादन करता है और प्रति व्यक्ति उत्पादन के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा कार निर्माता बन चुका है। कोरियाई कंपनी किया से लेकर फॉक्सवैगन, स्टेलेंटिस और जगुआर लैंड रोवर तक, वैश्विक कार कंपनियों का भरोसा स्लोवाकिया की अर्थव्यवस्था, श्रम शक्ति और भौगोलिक स्थिति की ताकत को रेखांकित करता है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार उत्तरी स्लोवाकिया के जिलिना शहर के बाहर बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच स्थित किया की विशाल फैक्ट्री इस औद्योगिक सफलता की सबसे जीवंत तस्वीर पेश करती है। यहां 690 रोबोट स्टील कार बॉडी को वेल्ड कर असेंबली लाइन की शुरुआत तक पहुंचाते हैं। इसके बाद लाल पैंट और सफेद टी-शर्ट पहने हजारों कर्मचारी इन स्टील ढांचों को पूरी तरह तैयार कारों में बदलते हैं।
खास है स्लोवाकिया में बनने वाली कारें
चेकस्लोवाक सोशलिस्ट रिपब्लिक के दौर में यहां बनने वाली कारें पश्चिमी मानकों पर कमजोर, शोरगुल वाली और ज्यादा ईंधन खपत करने वाली मानी जाती थीं लेकिन 1989 की वेल्वेट रिवोल्यूशन के बाद तस्वीर बदलने लगी। 1991 में फॉक्सवैगन ने स्कोडा में निवेश शुरू किया और 2000 तक पूरी कंपनी खरीद ली। 1993 में चेक गणराज्य और स्लोवाकिया के अलग होने के बाद दोनों देशों में विदेशी कार निर्माताओं का निवेश तेजी से बढ़ा।
स्लोवाकिया में ऑटो सेक्टर की रीढ़
स्लोवाकिया में ऑटो इंडस्ट्री के लिए करीब 360 सप्लायर कंपनियां काम करती हैं, जो इस सेक्टर की रीढ़ हैं। सरकार भी निवेश आकर्षित करने के लिए टैक्स क्रेडिट और अन्य प्रोत्साहन देती है। इसके अलावा कम मजदूरी लागत भी सेक्टर को आगे बढ़ाने में अहम साबित हो रहा।
जिलिना के मेयर पीटर फियाबाने के अनुसार किया और उससे जुड़ी कंपनियों ने क्षेत्र में बेरोजगारी घटाई और आर्थिक मजबूती बढ़ाई। आज 20,000 से ज्यादा लोग सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से किया से जुड़े रोजगार में हैं। जिलिना की टेक्निकल स्कूल में 100 छात्र किया-प्रायोजित ड्यूल प्रोग्राम में पढ़ाई और काम साथ-साथ करते हैं, जबकि जिलिना विवि से हर साल करीब 400 ग्रेजुएट रोजगार पाते हैं।
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