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South Korea: मार्शल लॉ लगाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को उम्रकैद, देश से बगावत के पाए गए दोषी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सियोल
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 19 Feb 2026 01:03 PM IST
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सार
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को देश से बगावत करने और देश में जबरन मार्शल लॉ लगाने के लिए दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष ने पूर्व राष्ट्रपति के लिए मौत की सजा की मांग की थी। हालांकि अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
जज जी कुई-योन ने कहा कि यून विद्रोह के दोषी पाए गए हैं। उन्होंने सैन्य और पुलिस बलों को इकट्ठा कर नेशनल असेंबली पर अवैध रूप से कब्जा करने, राजनेताओं को गिरफ्तार करने और निरंकुश सत्ता स्थापित करने की कोशिश की। यून इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील कर सकते हैं।
अभियोजन पक्ष ने की थी मौत की सजा देने की मांग
विशेष अभियोजक ने पूर्व राष्ट्रपति यून के लिए मौत की सजा की मांग की थी। उनका कहना था कि यह कदम देश के लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा था और इसके लिए सबसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। हालांकि अधिकांश विश्लेषकों का मानना था कि यह सत्ता हथियाने की कोशिश थी और इससे कोई जनहानि नहीं हुई, इसलिए उम्रकैद की सजा काफी है। दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी भी दोषी को फांसी नहीं दी गई है।
पूर्व रक्षा मंत्री को भी 30 साल की सजा सुनाई गई
पूर्व राष्ट्रपति को अदालत लाने के दौरान उनके समर्थकों ने न्यायिक परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों पुलिसकर्मी हालात को संभालने के लिए तैनात रहे। अदालत ने मार्शल लॉ लागू करने में शामिल कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया। इनमें पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को 30 साल की सजा सुनाई गई। उन पर मार्शल लॉ लागू करने की योजना बनाने और सेना को सक्रिय करने में केंद्रीय भूमिका निभाने का आरोप था।
दिसंबर 2024 में देश में मार्शल लॉ लागू करने के दोषी
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अभियोजन पक्ष ने की थी मौत की सजा देने की मांग
विशेष अभियोजक ने पूर्व राष्ट्रपति यून के लिए मौत की सजा की मांग की थी। उनका कहना था कि यह कदम देश के लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा था और इसके लिए सबसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। हालांकि अधिकांश विश्लेषकों का मानना था कि यह सत्ता हथियाने की कोशिश थी और इससे कोई जनहानि नहीं हुई, इसलिए उम्रकैद की सजा काफी है। दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी भी दोषी को फांसी नहीं दी गई है।
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पूर्व रक्षा मंत्री को भी 30 साल की सजा सुनाई गई
पूर्व राष्ट्रपति को अदालत लाने के दौरान उनके समर्थकों ने न्यायिक परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों पुलिसकर्मी हालात को संभालने के लिए तैनात रहे। अदालत ने मार्शल लॉ लागू करने में शामिल कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया। इनमें पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को 30 साल की सजा सुनाई गई। उन पर मार्शल लॉ लागू करने की योजना बनाने और सेना को सक्रिय करने में केंद्रीय भूमिका निभाने का आरोप था।
दिसंबर 2024 में देश में मार्शल लॉ लागू करने के दोषी
- पूर्व राष्ट्रपति यून ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि मार्शल लॉ लागू करने का कदम राष्ट्र-विरोधी ताकतों को रोकने के लिए जरूरी था। मार्शल लॉ का आदेश लगभग छह घंटे तक प्रभावी रहा। बाद में विधायकों ने सैन्य घेराबंदी को तोड़ते हुए सदन में प्रवेश किया और सर्वसम्मति से इसे निरस्त करने के पक्ष में मतदान किया।
- 14 दिसंबर 2024 को सांसदों द्वारा महाभियोग पारित किए जाने के बाद यून को पद से हटा दिया गया था। अप्रैल 2025 में कोरिया के सांविधानिक अदालत ने उन्हें औपचारिक रूप से पद से हटा दिया। जुलाई से वे कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के बाद हिरासत में हैं।
- पिछले महीने उन्हें गिरफ्तारी का विरोध करने, मार्शल लॉ की घोषणा में फर्जीवाड़ा करने और कानूनी रूप से अनिवार्य पूर्ण कैबिनेट बैठक बुलाए बिना आदेश जारी करने के मामले में पांच साल की सजा भी सुनाई गई थी।
- सियोल सेंट्रल कोर्ट ने यून की कैबिनेट के दो अन्य सदस्यों को भी अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया है। इनमें प्रधानमंत्री हान डक सू को 23 वर्ष की सजा सुनाई गई। उन पर कैबिनेट परिषद की बैठक के जरिए आदेश को वैध ठहराने की कोशिश, रिकॉर्ड में हेरफेर और शपथ के तहत झूठ बोलने का आरोप था। हान ने इस फैसले के खिलाफ अपील की है।
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