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Sri Lanka: 'वैश्विक दक्षिण को शांति-स्थिरता के लिए भारत के नेतृत्व की खास जरूरत', श्रीलंकाई सांसद का पोस्ट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 09 Jan 2026 05:21 AM IST
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सार
श्रीलंका के सांसद नमल राजपक्षे ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत की तारीफ की और कहा कि वैश्विक दक्षिण में भारत का नेतृत्व बेहद अहम है। उन्होंने भारतीय नेतृत्व को वैश्विक दक्षिण के लिए केंद्रीय बताया।
श्रीलंका का राष्ट्रीय ध्वज
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
दक्षिण एशिया में लंबे वक्त तक शांति और स्थिरता के लिए भारतीय नेतृत्व की खास जरूरत है। यह बात गुरुवार को श्रीलंका के सांसद नमल राजपक्षे ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कही। राजपक्षे ने कहा कि हाल की बदलती वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच दक्षिण एशिया में मजबूत क्षेत्रीय सहयोग की बढ़ती और तत्काल जरूरत है और भारत इसमें केंद्रीय भूमिका निभा सकता है। नमल राजपक्षे का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब दक्षिण एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया अस्थिरता के दौर से गुजर रही है।
वैश्विक दक्षिण में भारत का नेतृत्व केंद्रीय
उन्होंने कहा कि हालिया वर्षों में बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका ने राजनीतिक उथल-पुथल के दौर झेला है। कई बार इस दौरान हुई गड़बड़ियों को चरमपंथी तत्वों ने समर्थन और बढ़ावा दिया। ऐसे में इन चुनौतियों से निपटने, उग्रवाद व आतंकवाद का का मुकाबला करने, राजनीतिक हिंसा को रोकने और अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। राजपक्षे ने इस बात पर जोर दिया कि दक्षिण एशिया में लंबे वक्त तक शांति और सामंजस्य के लिए क्षेत्रीय एकता खासी अहम है और इस संदर्भ में भारत का नेतृत्व केंद्रीय है, क्योंकि भारतीय नेतृत्व में विकास और स्थिरता पर केंद्रित समान लक्ष्यों के साथ दक्षिण एशिया समग्र रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और नेपाल में आगामी चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के माध्यम से लोकतांत्रिक वैधता की पुष्टि का एक आशाजनक मौका पेश करते हैं और यह क्षेत्रीय सुरक्षा को और मजबूती देने में योगदान देगा।
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वैश्विक दक्षिण में भारत का नेतृत्व केंद्रीय
उन्होंने कहा कि हालिया वर्षों में बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका ने राजनीतिक उथल-पुथल के दौर झेला है। कई बार इस दौरान हुई गड़बड़ियों को चरमपंथी तत्वों ने समर्थन और बढ़ावा दिया। ऐसे में इन चुनौतियों से निपटने, उग्रवाद व आतंकवाद का का मुकाबला करने, राजनीतिक हिंसा को रोकने और अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। राजपक्षे ने इस बात पर जोर दिया कि दक्षिण एशिया में लंबे वक्त तक शांति और सामंजस्य के लिए क्षेत्रीय एकता खासी अहम है और इस संदर्भ में भारत का नेतृत्व केंद्रीय है, क्योंकि भारतीय नेतृत्व में विकास और स्थिरता पर केंद्रित समान लक्ष्यों के साथ दक्षिण एशिया समग्र रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और नेपाल में आगामी चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के माध्यम से लोकतांत्रिक वैधता की पुष्टि का एक आशाजनक मौका पेश करते हैं और यह क्षेत्रीय सुरक्षा को और मजबूती देने में योगदान देगा।
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