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Syria: सरकार-कुर्द लड़ाकों के बीच संघर्षविराम समझौता टूटने के कगार पर, फिर हुईं झड़पें; IS के कई कैदी फरार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रक्का (सीरिया)
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 20 Jan 2026 04:50 AM IST
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सार
Syria: सीरिया सरकार और कुर्द-नेतृत्व वाली एसडीएफ के बीच संघर्षविराम के एलान के महज एक दिन में यह समझौता टूटता नजर आ रहा है और उत्तर-पूर्वी इलाकों में फिर से झड़पें शुरू हो गईं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जेलों के आसपास हिंसा और आईएस कैदियों के फरार होने का आरोप लगा रहे हैं। पढ़ें रिपोर्ट-
सीरिया (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
सीरिया सरकार और देश की मुख्य कुर्द-नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के एक दिन बाद सोमवार को यह समझौता टूटता हुआ नजर आया। सोमवार को फिर से झड़पें शुरू होने के बाद एसडीएफ ने बयान जारी किया। इस बयान में उसने 'अपने सभी युवाओं' (लड़ाकों) से जवाबी कार्रवाई के लिए कतार में खड़े होने की अपील की।
एसडीएफ के बयान में क्या कहा गया है?
बयान में कहा गया,“जैसे 2014 में हमारे साथियों ने कोबानी में ऐतिहासिक प्रतिरोध किया और उसे इस्लामिक स्टेट (आईएस) का कब्रिस्तान बना दिया था, वैसे ही आज हम उसी संकल्प के साथ कहते हैं कि हम अपने शहरों को आईएस की सोच वाले नए लोगों का कब्रिस्तान बनाएंगे, जिन्हें तुर्किये निर्देशित कर रहा है।
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सीरिया में झड़पें कहां हुईं?
एसडीएफ क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
एसडीएफ अमेरिका समर्थित बल है और जिसने सीरिया में आईएस के खिलाफ लड़ाई लड़ी। वह पूर्वोत्तर में एक दर्जन से ज्यादा जेलों को नियंत्रित करता है। इन जेलों में करीब इस्लामिक स्टेट के नौ हजार सदस्य वर्षों से बिना मुकदमों के बंद हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई चरमपंथियों ने जून 2014 में आईएस की ओर से खिलाफत की घोषणा के बाद सीरिया और इराक में गंभीर अत्याचार किए थे।
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सीरिया की सेना ने क्या कहा?
सीरियाई सेना ने बयान में कहा कि शद्दादी कस्बे की शद्दादी जेल से कुछ कैदी अफरा-तफरी के बीच भागने में सफल रहे। इसके बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है और फरार लोगों की तलाश जारी है। कैदियों के भागने को लेकर सेना और एसडीएफ ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। एसडीएफ ने माना कि उसका जेल पर नियंत्रण टूट गया था। यह जेल इराक सीमा से करीब 50 किलोमीटर दूर है।
एसडीएफ ने यह भी कहा कि रक्का शहर के पूर्वोत्तर में स्थित अल-अक्तान जेल के पास हुई झड़प में उसके नौ सदस्य मारे गए और 20 घायल हुए। एपी के एक रिपोर्टर ने जेल क्षेत्र में अमेरिकी काफिले को जाते देखा, जो दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के लिए पहुंचा था। अमेरिका के दोनों से अच्छे संबंध हैं।
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एसडीएफ के बयान में क्या कहा गया है?
बयान में कहा गया,“जैसे 2014 में हमारे साथियों ने कोबानी में ऐतिहासिक प्रतिरोध किया और उसे इस्लामिक स्टेट (आईएस) का कब्रिस्तान बना दिया था, वैसे ही आज हम उसी संकल्प के साथ कहते हैं कि हम अपने शहरों को आईएस की सोच वाले नए लोगों का कब्रिस्तान बनाएंगे, जिन्हें तुर्किये निर्देशित कर रहा है।
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सीरिया में झड़पें कहां हुईं?
- सीरिया के पूर्वोत्तर में दो जेलों के आसपास सरकार की सेनाओं और कुर्द लड़ाकों के बीच झड़पें हुईं।
- इन जेलों में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के सदस्य बंद हैं।
- एसडीएफ ने कहा कि कई उसके लड़ाके मारे गए और एक दर्जन से ज्यादा घायल हुए।
- झड़पें ऐसे समय हुईं जब एसडीएफ प्रमुख मजलूम अब्दी दमिश्क में संघर्षविराम समझौते पर चर्चा कर रहे थे।
- समझौते के बाद सरकार ने पूर्वोत्तर सीरिया के बड़े इलाकों पर नियंत्रण हासिल कर लिया।
- अब्दी ने इस बैठक पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया।
एसडीएफ क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
एसडीएफ अमेरिका समर्थित बल है और जिसने सीरिया में आईएस के खिलाफ लड़ाई लड़ी। वह पूर्वोत्तर में एक दर्जन से ज्यादा जेलों को नियंत्रित करता है। इन जेलों में करीब इस्लामिक स्टेट के नौ हजार सदस्य वर्षों से बिना मुकदमों के बंद हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई चरमपंथियों ने जून 2014 में आईएस की ओर से खिलाफत की घोषणा के बाद सीरिया और इराक में गंभीर अत्याचार किए थे।
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सीरिया की सेना ने क्या कहा?
सीरियाई सेना ने बयान में कहा कि शद्दादी कस्बे की शद्दादी जेल से कुछ कैदी अफरा-तफरी के बीच भागने में सफल रहे। इसके बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है और फरार लोगों की तलाश जारी है। कैदियों के भागने को लेकर सेना और एसडीएफ ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। एसडीएफ ने माना कि उसका जेल पर नियंत्रण टूट गया था। यह जेल इराक सीमा से करीब 50 किलोमीटर दूर है।
एसडीएफ ने यह भी कहा कि रक्का शहर के पूर्वोत्तर में स्थित अल-अक्तान जेल के पास हुई झड़प में उसके नौ सदस्य मारे गए और 20 घायल हुए। एपी के एक रिपोर्टर ने जेल क्षेत्र में अमेरिकी काफिले को जाते देखा, जो दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के लिए पहुंचा था। अमेरिका के दोनों से अच्छे संबंध हैं।