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Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन शांति वार्ता की नई उम्मीद, मॉस्को पहुंचे ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकोफ

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 06 Aug 2025 01:42 PM IST
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सार

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकोफ बुधवार को मॉस्को पहुंचे ताकि रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता जल्द से जल्द हो सके। व्हाइट हाउस ने रूस को चेतावनी दी है कि यदि शांति नहीं हुई तो कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। मॉस्को में विटकोफ का स्वागत क्रीमलिन ने किया और बातचीत को महत्वपूर्ण बताया।

Trump's envoy Steve Wittkoff arrives in Moscow ahead of Russia-Ukraine peace deadline
ट्रंप, पुतिन और जेलेंस्की (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार

रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता की कोशिशों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विशेष दूत स्टीव विटकोफ बुधवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे। विटकोफ की मॉस्को यात्रा यूक्रेन और रूस के बीच शांति समझौता कराने की कोशिशों के बीच हो रही है। कारण है कि बीते दिनों व्हाइट हाउस ने रूस को चेतावनी दी है कि अगर जल्दी शांति नहीं हुई तो कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

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बता दें कि रूस पहुंचने के साथ ही स्टीव विटकोफ को मॉस्को के जरयादये पार्क में रूस के राष्ट्रपति के आर्थिक मामलों के दूत किरील दिमित्रीव के साथ घूमते देखा गया। दिमित्रीव पहले भी रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता में अहम भूमिका निभा चुके हैं।

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दिमित्री पेस्कोव ने किया विटकोफ का स्वागत
हालांकि रूस की तरफ से अभी यह नहीं बताया गया है कि विटकोफ राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे या नहीं। क्रीमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने विटकोफ के आने का स्वागत किया। साथ ही कहा कि ये बातचीत बहुत जरूरी और फायदेमंद हैं।


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ट्रंप ने रूस को दी थी अंतिम तारीख
इससे पहले ट्रंप ने रूस को शुक्रवार तक की अंतिम तारीख दी है। अगर यूक्रेन में हिंसा नहीं रुकी तो अमेरिका रूस पर भारी टैक्स और कड़े आर्थिक कदम उठा सकता है। हालांकि, अब तक रूस की क्रीमलिन ने अमेरिकी धमकियों को नजरअंदाज किया है और बातचीत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।

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क्या कहना है यूक्रेन का?
वहीं यूक्रेन का कहना है कि ये प्रतिबंध रूस की युद्ध ताकत को कमजोर कर रहे हैं और वह चाहता है कि पश्चिमी देश इन्हें और कड़ा करें। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों से अपील की कि वे रूस के ऊर्जा, व्यापार और बैंकिंग सेक्टर पर और सख्त प्रतिबंध लगाएं।

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