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NATO Summit: नाटो शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की और सीरिया के राष्ट्रपति से मिलेंगे ट्रंप, क्या होगा मुख्य एजेंडा?
Mon, 06 Jul 2026 01:33 AM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:33 AM IST
सार
व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्की में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात करेंगे। बैठक में यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
व्हाइट हाउस ने बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की और सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मिलेंगे। यह मुलाकात तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में होगी। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने अंकारा में होने वाले इस सम्मेलन की जानकारी दी और मुलाकातों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ट्रंप मंगलवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से भी मिलेंगे। बुधवार को अमेरिका लौटने से पहले ट्रंप एक मीडिया वार्ता भी करेंगे।
कीव की कोशिश है कि ट्रंप का ध्यान मॉस्को के साथ चल रहे संघर्ष पर वापस लाया जाए। रूस और यूक्रेन का युद्ध अब अपने पांचवें साल में है। शनिवार को अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ (4 जुलाई) थी। इस मौके पर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों ने ट्रंप को फोन करके बधाई दी थी।
फोन पर बातचीत के बाद जेलेंस्की ने 'एक्स' पर एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप के साथ युद्ध के मोर्चे के हालात पर बात हुई। जानकारों का मानना है कि रूसी सेना की बढ़त अब धीमी पड़ गई है। वहीं, यूक्रेन ने मॉस्को पर हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन ने रूस के काफी अंदर तक हमला करने की अपनी क्षमता भी दिखाई है। जेलेंस्की ने कहा कि इस युद्ध को खत्म करने की एक वास्तविक संभावना है। अंकारा में नाटो सम्मेलन में यह बातचीत आगे बढ़ेगी।
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क्रेमलिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि पुतिन के साथ बातचीत में ट्रंप ने यूक्रेन संकट को शांति से सुलझाने की बात कही। ट्रंप ने युद्ध को जल्द रोकने में मदद करने की इच्छा जताई। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ट्रंप युद्ध को जल्द खत्म करना चाहते हैं। वह जेलेंस्की से इस बारे में बात करेंगे। इसके बाद ट्रंप पुतिन से भी बात कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें: विदेश मंत्री जयशंकर का खाड़ी दौरा: दोहा में कतर के प्रधानमंत्री से की मुलाकात, किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा?
अमेरिकी अधिकारियों ने अल-शरा के साथ होने वाली बैठक के लक्ष्यों की कोई जानकारी नहीं दी। ट्रंप लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के युद्ध से निराश हैं। इससे ईरान युद्ध की बातचीत मुश्किल हो गई है। ट्रंप ने कई बार यह कहकर सबको चौंका दिया है कि सीरिया को हिजबुल्लाह से लड़ना चाहिए।
अल-शरा ने एक इस्लामी विद्रोही गुट का नेतृत्व किया था। उनकी विद्रोही सेना ने बशर असद को सीरिया के राष्ट्रपति पद से हटा दिया था। अल-शरा ने कहा है कि उन्हें हिजबुल्लाह से लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनका मानना है कि ट्रंप की बातों का गलत मतलब निकाला गया। हालांकि, ट्रंप अपनी बात बार-बार दोहराते रहे हैं।
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कीव की कोशिश है कि ट्रंप का ध्यान मॉस्को के साथ चल रहे संघर्ष पर वापस लाया जाए। रूस और यूक्रेन का युद्ध अब अपने पांचवें साल में है। शनिवार को अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ (4 जुलाई) थी। इस मौके पर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों ने ट्रंप को फोन करके बधाई दी थी।
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फोन पर बातचीत के बाद जेलेंस्की ने 'एक्स' पर एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप के साथ युद्ध के मोर्चे के हालात पर बात हुई। जानकारों का मानना है कि रूसी सेना की बढ़त अब धीमी पड़ गई है। वहीं, यूक्रेन ने मॉस्को पर हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन ने रूस के काफी अंदर तक हमला करने की अपनी क्षमता भी दिखाई है। जेलेंस्की ने कहा कि इस युद्ध को खत्म करने की एक वास्तविक संभावना है। अंकारा में नाटो सम्मेलन में यह बातचीत आगे बढ़ेगी।
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क्रेमलिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि पुतिन के साथ बातचीत में ट्रंप ने यूक्रेन संकट को शांति से सुलझाने की बात कही। ट्रंप ने युद्ध को जल्द रोकने में मदद करने की इच्छा जताई। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ट्रंप युद्ध को जल्द खत्म करना चाहते हैं। वह जेलेंस्की से इस बारे में बात करेंगे। इसके बाद ट्रंप पुतिन से भी बात कर सकते हैं।
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अमेरिकी अधिकारियों ने अल-शरा के साथ होने वाली बैठक के लक्ष्यों की कोई जानकारी नहीं दी। ट्रंप लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के युद्ध से निराश हैं। इससे ईरान युद्ध की बातचीत मुश्किल हो गई है। ट्रंप ने कई बार यह कहकर सबको चौंका दिया है कि सीरिया को हिजबुल्लाह से लड़ना चाहिए।
अल-शरा ने एक इस्लामी विद्रोही गुट का नेतृत्व किया था। उनकी विद्रोही सेना ने बशर असद को सीरिया के राष्ट्रपति पद से हटा दिया था। अल-शरा ने कहा है कि उन्हें हिजबुल्लाह से लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनका मानना है कि ट्रंप की बातों का गलत मतलब निकाला गया। हालांकि, ट्रंप अपनी बात बार-बार दोहराते रहे हैं।