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UK: ब्रिटेन में रेलवे सेवा का फिर होगा राष्ट्रीयकरण! निजी कंपनियों से छिनेगा संचालन, संसद में विधेयक पास
Thu, 21 Nov 2024 07:56 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 21 Nov 2024 07:56 AM IST
सार
ब्रिटेन में रेलवे सेवा के अधिकतर हिस्से को निजी स्तर पर संचालित किया जाता है। हालांकि, नए विधेयक के पास होने के बाद अब जैसे ही रेल संचालन के लिए निजी कंपनियों का अनुबंध खत्म होगा, वैसे ही उन कंपनियों से जुड़ी रेल सेवाएं सरकार के अंतर्गत आ जाएंगी।
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ब्रिटेन में रेल सेवा।
- फोटो : britainrails.com
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विस्तार
ब्रिटेन में अब रेलवे सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी एक बार फिर सरकार उठाएगी। संसद में लेबर पार्टी की तरफ से इससे जुड़ा एक विधेयक पेश किया गया था, जिसे बुधवार को ही मंजूरी दे दी गई। इस विधेयक में रेल सेवा के फिर से राष्ट्रीयकरण का प्रस्ताव रखा गया था।
बता दें कि ब्रिटेन में रेलवे सेवा के अधिकतर हिस्से को निजी स्तर पर संचालित किया जाता है। हालांकि, नए विधेयक के पास होने के बाद अब जैसे ही रेल संचालन के लिए निजी कंपनियों का अनुबंध खत्म होगा, वैसे ही उन कंपनियों से जुड़ी रेल सेवाएं सरकार के अंतर्गत आ जाएंगी। नए कानून से जुड़े नियमों के मुताबिक, अगर निजी कंपनियों की तरफ से खराब प्रबंधन रखा जाता है तो अनुबंध खत्म होने से पहले ही रेल सेवा का राष्ट्रीयकरण कर दिया जाएगा।
रेल यूनियन- टीएसएसए ने लेबर सरकार के इस कदम की सराहना की है और इसे बड़ा बदला बताया है। इससे पहले संसद में विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों ने इस विधेयक में संशोधन की मांग की थी। हालांकि, संसद में लेबर पार्टी को 213 वोट हासिल हुए, जबकि कंजर्वेटिव पार्टी 210 वोट ही हासिल कर पाई।
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टीएसएसए की महासचिव मरयम एस्लामदूस्ट ने कहा कि यह रेलवे को फिर से सार्वजनिक क्षेत्र में लाना बड़ा फैसला है। एक अहम सेवा के तौर पर इसका संचालन सरकारी क्षेत्र की ही जिम्मेदारी होना चाहिए।
लेबर पार्टी ने किया था रेलवे के राष्ट्रीयकरण का वादा
इस साल जुलाई में हुए चुनाव में ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की थी और 14 साल विपक्ष में रहने के बाद आखिरकार सरकार बनाई। कीएर स्टार्मर के नेतृत्व में पार्टी ने देश की संकटग्रस्त परिवहन सेवा को ठीक करने का वादा किया था। लेबर सरकार ने कहा था कि निजी संचालकों का मौजूदा अनुबंध 2027 तक खत्म हो जाएगा, इसलिए वह रेल संचालकों को मुआवजा राशि देने से बचेगी।
1990 के दौर में हुआ था रेलवे का निजीकरण
ब्रिटेन में रेलवे संचालन का निजीकरण 1990 के दौर में कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री जॉन मेजर की सरकार के दौरान हुआ था। हालांकि, रेल नेटवर्क के प्रबंधन का काम सरकार के पास ही रहा था। हालिया दिनों में ब्रिटेन के 14 में से 4 रेल संचालकों का सरकार ने अधिग्रहण कर लिया था। इनमें से अधिकतर संचालकों का प्रबंधन खराब स्तर का बताया गया था।
स्कॉटलैंड और वेल्स में भी मुख्य रेलवे संचालक सरकारी ही हैं। यहां परिवहन नीति भी प्रशासन की तरफ से ही देखी जाती है।
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बता दें कि ब्रिटेन में रेलवे सेवा के अधिकतर हिस्से को निजी स्तर पर संचालित किया जाता है। हालांकि, नए विधेयक के पास होने के बाद अब जैसे ही रेल संचालन के लिए निजी कंपनियों का अनुबंध खत्म होगा, वैसे ही उन कंपनियों से जुड़ी रेल सेवाएं सरकार के अंतर्गत आ जाएंगी। नए कानून से जुड़े नियमों के मुताबिक, अगर निजी कंपनियों की तरफ से खराब प्रबंधन रखा जाता है तो अनुबंध खत्म होने से पहले ही रेल सेवा का राष्ट्रीयकरण कर दिया जाएगा।
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रेल यूनियन- टीएसएसए ने लेबर सरकार के इस कदम की सराहना की है और इसे बड़ा बदला बताया है। इससे पहले संसद में विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों ने इस विधेयक में संशोधन की मांग की थी। हालांकि, संसद में लेबर पार्टी को 213 वोट हासिल हुए, जबकि कंजर्वेटिव पार्टी 210 वोट ही हासिल कर पाई।
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टीएसएसए की महासचिव मरयम एस्लामदूस्ट ने कहा कि यह रेलवे को फिर से सार्वजनिक क्षेत्र में लाना बड़ा फैसला है। एक अहम सेवा के तौर पर इसका संचालन सरकारी क्षेत्र की ही जिम्मेदारी होना चाहिए।
लेबर पार्टी ने किया था रेलवे के राष्ट्रीयकरण का वादा
इस साल जुलाई में हुए चुनाव में ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की थी और 14 साल विपक्ष में रहने के बाद आखिरकार सरकार बनाई। कीएर स्टार्मर के नेतृत्व में पार्टी ने देश की संकटग्रस्त परिवहन सेवा को ठीक करने का वादा किया था। लेबर सरकार ने कहा था कि निजी संचालकों का मौजूदा अनुबंध 2027 तक खत्म हो जाएगा, इसलिए वह रेल संचालकों को मुआवजा राशि देने से बचेगी।
1990 के दौर में हुआ था रेलवे का निजीकरण
ब्रिटेन में रेलवे संचालन का निजीकरण 1990 के दौर में कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री जॉन मेजर की सरकार के दौरान हुआ था। हालांकि, रेल नेटवर्क के प्रबंधन का काम सरकार के पास ही रहा था। हालिया दिनों में ब्रिटेन के 14 में से 4 रेल संचालकों का सरकार ने अधिग्रहण कर लिया था। इनमें से अधिकतर संचालकों का प्रबंधन खराब स्तर का बताया गया था।
स्कॉटलैंड और वेल्स में भी मुख्य रेलवे संचालक सरकारी ही हैं। यहां परिवहन नीति भी प्रशासन की तरफ से ही देखी जाती है।