Donald Trump: किम से दोस्ती, सियोल से दूरी; ट्रंप ने दक्षिण कोरिया संग युद्ध अभ्यास कम करने का दिया आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास को कम करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु-मुक्त करने की अमेरिकी कोशिशों में मदद करने से इनकार कर दिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास को काफी हद तक कम करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने इसके पीछे ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रयासों में दक्षिण कोरिया के सहयोग से इनकार और उत्तर कोरिया को अभ्यासों से मिलने वाले कथित 'दुश्मनी भरे संकेत' को वजह बताया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब उत्तर कोरिया ने फिर से बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण शुरू किए हैं और अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यासों को आक्रामक कार्रवाई की तैयारी करार दिया है। ट्रंप का रुख उनके उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ संबंध सुधारने और भविष्य में बातचीत फिर शुरू करने की इच्छा को भी दर्शाता है।
दक्षिण कोरिया के इनकार से नाराज हैं ट्रंप
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने हाल ही में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से ईरान को परमाणु-मुक्त करने की अमेरिकी कोशिशों में शामिल होने के लिए कहा था, 'और उन्होंने कहा, नहीं, धन्यवाद! अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि इस हफ्ते शुरू होने वाले अभ्यास न केवल महंगे हैं, बल्कि उत्तर कोरिया को 'पूरी तरह अनुचित और दुश्मनी भरा संकेत' भी देते हैं। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस में उनके कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरिया का व्यवहार 'बिना किसी खतरे वाला और सम्मानजनक' रहा है।
अभ्यास रद्द करने में देर, इसलिए कटौती का फैसला
ट्रंप ने लिखा, 'इसलिए, और इस तथ्य को देखते हुए कि इन्हें रद्द करने में अब बहुत देर हो चुकी है, मैंने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ को संयुक्त सैन्य अभ्यास को काफी हद तक कम करने का निर्देश दिया है!' यह कदम इस बात का ताजा उदाहरण है कि राष्ट्रपति अपने सहयोगी देश के बजाय उस नेता का पक्ष ले रहे हैं, जिसे पिछली सरकारों ने दुश्मन माना था।
ईरान के मुद्दे पर सहयोगियों से भी नाराजगी
ट्रंप और उनके प्रशासन के अन्य लोगों ने ईरान के खिलाफ उनकी लड़ाई में समर्थन की कमी को लेकर नाटो (NATO) सहयोगियों की भी आलोचना की है, जबकि वे बाल्टिक क्षेत्र में तेजी से आक्रामक हो रहे रूस का सामना करने की कोशिश कर रहे हैं।
18 हजार दक्षिण कोरियाई सैनिक होंगे शामिल
18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिकों की भागीदारी वाले इन 11 दिवसीय अभ्यासों की योजना उत्तर कोरियाई खतरों के खिलाफ तैयारी को मजबूत करने के लिए बनाई गई थी। अमेरिकी सेना ने कहा है कि गर्मियों में होने वाले 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास 'क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गठबंधन की मुख्य भूमिका' को मजबूत करते हैं और 'अपने देश की रक्षा के लिए अमेरिका और दक्षिण कोरिया गणराज्य के बीच अटूट प्रतिबद्धता' की पुष्टि करते हैं।
जटिल युद्ध परिस्थितियों का अभ्यास
अमेरिकी सेना के अनुसार, अमेरिका और दक्षिण कोरियाई सेनाओं को जटिल परिस्थितियों में संयुक्त अभियानों का अभ्यास करना था। इनमें संयुक्त सटीक लक्ष्य-भेदन और युद्धाभ्यास की जांच के लिए लाइव-फायर अभ्यास, वेट गैप क्रॉसिंग (पानी वाली बाधा पार करना) और पहले से तैनात सैन्य उपकरणों का वितरण शामिल था।
उत्तर कोरिया ने फिर शुरू किए मिसाइल परीक्षण
यह संयुक्त प्रशिक्षण ऐसे समय में शुरू होने वाला है, जब उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण गतिविधियां फिर से शुरू कर दी हैं, जिन पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है। इस महीने की शुरुआत में दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने उत्तर कोरिया से कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के प्रक्षेपण का पता लगाया था। यह जून के अंत के बाद से उसका पहला बैलिस्टिक हथियार परीक्षण था। मिसाइल उत्तर कोरिया के पूर्वी तट के पास समुद्र में गिरी।
परमाणु और मिसाइल जखीरा बढ़ा रहा उत्तर कोरिया
2019 में ट्रंप के साथ किम की अहम बातचीत नाकाम होने के बाद से ही उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल हथियारों के जखीरे को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। जानकारों का मानना है कि किम को लगता है कि हथियारों का बड़ा जखीरा होने से भविष्य की बातचीत में अमेरिका से ज्यादा रियायतें हासिल करने की उनकी संभावना बढ़ जाएगी।
अमेरिका-दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया की धमकी
शुक्रवार को उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ सख्त कदम उठाने की धमकी दी। उसने उनके सैन्य अभ्यासों को 'आक्रामक युद्ध की रिहर्सल' बताया, जिससे इलाके में अस्थिरता बढ़ रही है। यह चेतावनी उसी तरह की सख्त बयानबाजी का हिस्सा थी, जो उत्तर कोरिया अक्सर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बड़े सैन्य अभ्यासों से पहले करता है। जानकारों का कहना है कि उत्तर कोरिया अक्सर अपने विरोधियों के सैन्य अभ्यासों का बहाना बनाकर हथियारों के जखीरे को बढ़ाने के लिए परीक्षण गतिविधियां तेज करता है और अपने अलग-थलग नेता के लिए जनता का समर्थन जुटाता है।
किम के साथ तस्वीर के अगले दिन ट्रंप का एलान
ट्रंप की यह घोषणा उस तस्वीर के एक दिन बाद आई, जिसमें वह उत्तर कोरिया के किम के साथ खड़े थे। उन्होंने लिखा था कि 'इस तस्वीर में भले ही वे दोस्ताना नहीं लग रहे हों', लेकिन दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध हैं।
पहले कार्यकाल में किम से तीन बार मिले थे ट्रंप
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान देश के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए उत्तर कोरियाई नेता से तीन बार मुलाकात की थी, जिसमें सबसे हालिया मुलाकात 2019 में हुई थी। दोबारा सत्ता में आने के बाद से ट्रंप ने उन चर्चाओं को जारी रखने में दिलचस्पी दिखाई है।
ये भी पढ़ें: वीजा में एआई की मार: भारत की 28 सदस्यीय टीम से 10 बाहर, वरिष्ठ अधिकारी भी नहीं बचे; क्या बदलेगा पूरा सिस्टम?
पहले भी सैन्य अभ्यासों को लेकर सवाल उठा चुके हैं ट्रंप
यह पहली बार नहीं है, जब ट्रंप ने सैन्य अभ्यासों को खत्म करने की कोशिश की है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने अचानक घोषणा की थी कि ये युद्ध-अभ्यास 'उकसावे वाले' हैं। सिंगापुर में किम के साथ 2018 में हुई मुलाकात के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था, 'हम युद्ध-अभ्यासों को रोक देंगे, जिससे हमारे बहुत सारे पैसे बचेंगे, बशर्ते भविष्य की बातचीत वैसी न हो, जैसी होनी चाहिए।'