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UK: 'रवांडा नीति पर संदेह नहीं, पूर्व पीएम जॉनसन से कठिन सवाल पूछना ड्यूटी'; सुनक ने कही यह बात

Mon, 08 Jan 2024 10:48 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 08 Jan 2024 10:48 PM IST
सार

ब्रिटेन में रहने वाले अवैध प्रवासियों को पूर्वी अफ्रीकी राष्ट्र- रवांडा में निर्वासित करने की कवायद हो रही है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वर्तमान प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को पहले इस योजना पर काफी संदेह था। हालांकि, सुनक ने संदेह की अटकलों का खंडन किया है।

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UK PM Rishi Sunak Chancellor Rwanda Migrant Scheme Doubt on policy for illegal migrants
ऋषि सुनक, बोरिस जॉनसन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अवैध प्रवासियों / शरणार्थियों को रवांडा भेजने की ब्रिटेन की सरकार की रवांडा स्कीम चर्चा में है। इसी बीच प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का बयान सामने आया है। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्ट्स के खारिज किया है जिसमें कहा गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कार्यकाल में उन्हें रवांडा से जुड़ी नीतियों पर संदेह था। उन्होंने कहा कि वे ब्रिटेन में टैक्स देने वाले नागरिकों के पैसे का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं। सुनक ने कहा, भले ही उन्होंने चांसलर के रूप में अपनी भूमिका सीमित करने का प्रयास किया, लेकिन नीति के असर को लेकर उन्हें कोई संदेह नहीं है।
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प्रधानमंत्री सुनक ने कहा, सिर्फ इसलिए कि आप कठिन सवाल पूछ रहे हैं, इसके यह अर्थ नहीं निकाले जाने चाहिए कि उन्हें सरकार के प्रस्ताव पर विश्वास ही नहीं है। उन्होंने कहा, 'मेरा काम चांसलर के रूप में मेरी मेज पर आने वाले हर प्रस्ताव के बारे में जांच करना और कठिन सवाल पूछना है। भले ही आपको योजना से जुड़ी बातों पर संदेह हो या नहीं।'
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दक्षिण-पूर्व यूरोपीय देश के साथ समझौते को लेकर सुनक ने कहा, 'मैं उस प्रक्रिया से गुजरा, इस योजना को (तत्कालीन) प्रधानमंत्री जॉनसन के साथ वित्त पोषित किया।' उन्होंने कहा, अब प्रधानमंत्री के रूप में अल्बानिया के साथ भी वह ऐसी ही नीति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। बकौल सुनक, 'आप देख सकते हैं, मैंने सुनिश्चित किया है कि ब्रिटेन के पास अल्बानिया के अवैध प्रवासियों के लिए भी असरदार नीति हो।'
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उन्होंने कहा, जब सरकार करदाताओं का पैसा खर्च कर रही हो तब आपको पहले से ही 'सबकुछ ठीक है' जैसी कोई धारणा नहीं बनानी चाहिए। सुनक के मुताबिक उनके सवालों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना गलत है कि उन्होंने बोरिस जॉनसन के कार्यकाल में शरणार्थियों / अवैध प्रवासियों को रवांडा में बसाने से जुड़ी योजना पर विश्वास नहीं करता हूं। उन्होंने केवल करदाताओं को पैसे का समुचित और बेहतरीन इस्तेमाल का प्रयास किया।

दरअसल, ब्रिटेन में शरण मांगने वाले प्रवासियों के आवेदनों पर सुनक सरकार की कार्रवाई को लेकर बीबीसी की एक रिपोर्ट सामने आई थी। दो साल पहले देखे गए कागजात पर आधारित इस रिपोर्ट के मुताबिक सुनक शरण चाहने वालों को रवांडा भेजने की लागत को लेकर काफी चिंतित थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बोरिस जॉनसन के कार्यकाल में सुनक चांसलर के रूप में अपनी भूमिका को सीमित रखना चाहते थे।


गौरतलब है कि बीबीसी ने मार्च, 2022 में ब्रिटेन की प्रवासी नीति को लेकर अहम दस्तावेज तैयार किए गए थे। इसके मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन योजना के लिए अधिक फंड चाहते थे। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए जॉनसन चांसलर सुनक को मनाने की कोशिश कर रहे थे। यह अफ़्रीकी देश में प्रवासियों को वापस भेजने के लिए रवांडा सरकार के साथ समझौते पर हस्ताक्षर से कुछ समय पहले की बात है। हालांकि, अब सुनक के जवाब के बाद कथित मतभेद की अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद है।
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