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Russian Missile : यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का दावा- पोलैंड सीमा पर गिरी मिसाइल रूस की ही थी
एएनआई, कीव।
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 17 Nov 2022 12:19 AM IST
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सार
पोलैंड के राष्ट्रपति, नाटो और अमेरिकी राष्ट्रपति तक का कहना है कि निर्दोष नागरिकों की जान लेने वाली मिसाइल यूक्रेन की फौजों ने चलाई थी, लेकिन जेलेंस्की ने साफ इनकार करते हुए कहा, मिसाइल यूक्रेन की नहीं थी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की
- फोटो : Social Media
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विस्तार
यूक्रेन सीमा के पास मंगलवार 15 नवंबर को पोलैंड में गिरी मिसाइल और इससे हुई दो लोगों की मौत के बाद बढ़े तनाव ने विश्व युद्ध छिड़ने की आशंकाओं को जन्म दे दिया था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से उन मिसाइलों को यूक्रेनी बताए जाने के बाद इन आशंकाओं पर विराम लगता दिखाई दे रहा था। परंतु अब यूक्रेनी राष्ट्रपति की ओर से उन मिसाइलों को रूसी बताए जाने के दावे ने एक बार फिर आग में घी डालने का काम किया है।
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जानकारी के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की टीवी पर एक टिप्पणी करते हुए कहा है कि पोलैंड सीमा में गिरी मिसाइलें रूस की थीं। इनकी वजह से ही दो लोगों की मौत हुई। जेलेंस्की ने कहा कि जो मिसाइल पोलैंड की धरती पर गिरी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, वह एक 'रूसी मिसाइल' थी।
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रूस को यूक्रेन से बाहर निकालना बेहद मुश्किल : मिले
यूक्रेन रक्षा संपर्क समूह की बैठक के बाद अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल मार्क ए मिले ने बुधवार को एक प्रेसवार्ता में कहा कि सैन्य कार्रवाई के जरिए यूक्रेन से रूस को बाहर निकालना बेहद मुश्किल है। यह तब तक नहीं हो सकता, जब तक कि रूसी सेना पूरी तरह से नाकाम नहीं हो जाती, ऐसा होना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस के जल्द बाहर निकलने के रूप में यूक्रेन की जीत को परिभाषित करने की संभावना भी अधिक नहीं है।
मिले ने कहा कि यूक्रेन एक बहुत बड़ा देश है। रूस के यूक्रेन पर विजय प्राप्त करने और उस पर हावी होने की संभावना शून्य के करीब है। हम इसे सैन्य रूप से होते हुए नहीं देखते हैं। लेकिन उसका वर्तमान में यूक्रेन के 20 फीसदी हिस्से पर कब्जा है। मिले ने इस दौरान ताइवान और चीन के मसले पर भी अपनी बात कही।
उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य के पार ताइवान पर हमला करना और कब्जा करना एक कठिन कार्य है, ताइवान का अधिकांश भाग एक पहाड़ी द्वीप है। चीनी उच्च जोखिम में होंगे और यह एक नासमझ भू-राजनीतिक गलती होगी और यूक्रेन में पुतिन ने जो किया है, उसके समान एक रणनीतिक गलती होगी।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा- हम अभी भी जानकारी जुटा रहे
अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड जे ऑस्टिन ने इस मामले में अपने ताजा बयान में कहा है कि हमने पोलैंड में घातक विस्फोट की खबरें देखी-सुनीं। हम अभी भी जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं लेकिन हमारे पास ऐसा कुछ भी नहीं है जो इस बात का खंडन करता हो कि विस्फोट यूक्रेनी वायु रक्षा मिसाइल का परिणाम था, जो दुर्भाग्य से पोलैंड में हुआ।
उन्होंने कहा कि अंतिम निष्कर्ष जो भी हो, शायद दुनिया जानती है कि रूस इसके लिए अंतिम तौर पर जिम्मेदार है। यह दुखद घटना रूस की लापरवाही और जंग की राह चुनने की याद दिलाती है।
जेलेंस्की ने कहा- रूस जिम्मेदार
पोलैंड के राष्ट्रपति, नाटो और अमेरिकी राष्ट्रपति तक का कहना है कि निर्दोष नागरिकों की जान लेने वाली मिसाइल यूक्रेन की फौजों ने चलाई थी, लेकिन जेलेंस्की ने साफ इनकार करते हुए कहा, मिसाइल यूक्रेन की नहीं थी। उनके एक वरिष्ठ सहयोगी ने कहा कि यह हमला रूस के मिसाइल आतंकवाद का परिणाम है। साथ ही दोहराया कि मिसाइल से होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
इससे पहले, पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डुडा ने कहा था कि हमले में रूस के बने एस-300 रॉकेट का इस्तेमाल होने का शक है, लेकिन इसे यूक्रेन की सेना ने ही चलाया। यूक्रेनी सेना रूस के मिसाइल हमलों से बचना चाहती थी। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली से इसे दागा गया और दुर्भाग्य से यह पोलैंड में गिरा।
यूक्रेन के ड्रोन हमले में मॉस्को के दो तेल भंडारण डिपो तबाह
रूस में अब तक सबसे लंबी दूरी तक मार करते हुए यूक्रेन ने मॉस्को से महज 190 मील दूर स्थित तेल डिपो को ड्रोन हमले का निशाना बनाया है। यूक्रेन के अधिकारी एंटन गेरास्चेंको ने इस डिपो से उठती आग की लपटों की तस्वीर पोस्ट की है। तस्वीर में यूक्रेन की सीमा से करीब 100 मील दूर स्थित डिपो को भारी नुकसान हुआ दिख रहा है। यहां रूस के सरकारी पाइपलाइन ऑपरेटर ट्रांसनेफ्ट का लोगो भी लगा है। सरकारी टीवी ने कहा कि यह डिपो का टैंक खाली था। ड्रोन हमले के कारण इस स्थान पर करीब 12 फुट गहरा गड्ढा हो गया। रूस के 100 से ज्यादा मिसाइलों से यूक्रेन के शहरों को निशाना बनाने के अगले दिन ही यह हमला किया गया है।
यूक्रेन की स्थिति को लेकर भारत चिंतित
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि यूक्रेन की स्थिति और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को लेकर भारत चिंतित है। भारत ने लगातार शत्रुता को समाप्त करने और बातचीत पर लौटने का आह्वान किया है। हम डी-एस्केलेशन में सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।
साथ ही कहा कि यूक्रेन संघर्ष का प्रभाव केवल यूरोप तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल साउथ विशेष रूप से गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना कर रहा है। हम महामारी के कारण गंभीर तनाव के बाद संघर्ष से ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर बढ़ती चिंता देख रहे हैं।
आगे रुचिरा कंबोज ने कहा कि हमें बहुत उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा दी गई काला सागर अनाज और उर्वरक पैकेज डील आने वाले दिनों में नवीनीकृत की जाएगी और इसे सभी पक्षों द्वारा सभी पहलुओं में ईमानदारी से लागू किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि यूक्रेन की स्थिति और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को लेकर भारत चिंतित है। भारत ने लगातार शत्रुता को समाप्त करने और बातचीत पर लौटने का आह्वान किया है। हम डी-एस्केलेशन में सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।
साथ ही कहा कि यूक्रेन संघर्ष का प्रभाव केवल यूरोप तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल साउथ विशेष रूप से गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना कर रहा है। हम महामारी के कारण गंभीर तनाव के बाद संघर्ष से ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर बढ़ती चिंता देख रहे हैं।
आगे रुचिरा कंबोज ने कहा कि हमें बहुत उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा दी गई काला सागर अनाज और उर्वरक पैकेज डील आने वाले दिनों में नवीनीकृत की जाएगी और इसे सभी पक्षों द्वारा सभी पहलुओं में ईमानदारी से लागू किया जाएगा।
