गाजा में भुखमरी: UN का दावा- राहत सामग्री वाले ट्रक फंसे, फलस्तीनी आबादी मदद से वंचित; खतरे में हजारों बच्चे
गाजा में तीन माह की नाकेबंदी के बाद इस्राइल ने राहत सामग्री भेजने दी, पर संयुक्त राष्ट्र अब भी उसे लोगों तक नहीं पहुंचा पा रहा। यूएन के प्रवक्ता ने बताया कि गाजा में कुछ ट्रक पहुंचे हैं और सामान यूएन ट्रकों में लादा भी गया है लेकिन असुरक्षित रास्ते के कारण वितरण रुका है।
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गाजा में दिन-प्रतिदिन हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। करीब तीन महीने की नाकेबंदी के बाद अब इस्राइल ने दबाव में आकर कुछ राहत सामग्री गाजा भेजने की इजाजत तो दी है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र (यूएन) अभी तक इन सामानों को जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंचा पा रहा है। मामले में यूएन के प्रवक्ता स्टेफन दुजारिक ने बताया कि सोमवार से गाजा में कुछ ट्रक पहुंचे हैं और सामान यूएन ट्रकों में लादा भी गया है, लेकिन इस्राइली सेना ने जो रास्ता इस्तेमाल करने की इजाजत दी है, वह बहुत असुरक्षित है। इसलिए बातचीत के जरिए कोई विकल्प रास्ता तलाशा जा रहा है।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान
गाजा की स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइली हमलों में इस सप्ताह अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, भुखमरी की स्थिति भी गंभीर होती जा रही है। राहत समूहों के पास हफ्तों से भोजन खत्म हो चुका है और करीब 23 लाख की आबादी में से अधिकांश अब सामुदायिक रसोइयों पर निर्भर हैं, जिनके पास भी अब लगभग कुछ नहीं बचा।
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रसोई में पड़ोसी जा रही पतली और पानी जैसी दाल
मीडिया रिपोर्ट की माने तो गाजा सिटी में एक रसोई में केवल पतली और पानी जैसी दाल परोसी जा रही है। वहां की निवासी सोमाया अबू अमशा ने बताया कि हमने पिछले 10 दिनों से रोटी नहीं देखी। ये खाना कुत्ते भी नहीं खाएं, हमारे बच्चे कैसे खाएं? इस भीषण संघर्ष को देखते हुए उन्होंने युद्ध खत्म करने की अपील की।
वेस्ट बैंक में डिप्लोमैट्स पर गोलीबारी
इसी बीच वेस्ट बैंक के जेनिन में इस्राइली सेना ने चेतावनी स्वरूप फायरिंग की जब अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों का एक समूह इलाके का दौरा कर रहा था। मामले में इस्राइली सेना का कहना है कि यह दौरा अनुमति प्राप्त था, लेकिन डेलीगेशन निर्धारित रास्ते से भटक गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। साथ ही वीडियो फुटेज में देखा गया कि डिप्लोमैट्स मीडिया को बयान दे रहे थे, तभी गोलियों की आवाजें आईं और सभी ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ।
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सेना ने घटना पर जताया खेद
हालांकि सेना ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि संबंधित देशों से संपर्क किया जाएगा। गौरतलब है कि जेनिन में इस्राइली सेना अकसर छापेमारी करती रही है, खासकर 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद से वेस्ट बैंक में कई इलाकों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है, जिससे हजारों फलस्तीनी बेघर हो चुके हैं।
गाजा में संकट कितना गंभीर है, इसका अंदाजा उन मीडिया रिपोर्ट्स से लगाया जा सकता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख टॉम फ्लेचर के हवाले से कहा गया है कि अगर मानवीय सहायता गाजा के प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंची तो 48 घंटे के भीतर लगभग 14 हजार बच्चों की मौत हो सकती है। हालांकि, फ्लेचर के इस दावे पर मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNOCHA) के प्रवक्ता- जेन्स लार्के ने कहा है कि हजारों बच्चे ऐसे हैं, जो कुपोषण के शिकार हैं, और उन्हें तत्काल जीवन रक्षा मदद की जरूरत है।

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