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US-China: पेरिस में अमेरिका-चीन के बीच व्यापार वार्ता शुरू, ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात का खुल सकता है रास्ता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 16 Mar 2026 09:43 AM IST
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सार
अमेरिका और चीन के बीच पेरिस में व्यापार वार्ता शुरू हो गई है। यह बैठक राष्ट्रपति ट्रंप और शी जिनपिंग की बीजिंग में होने वाली मुलाकात की जमीनी तैयारी के तौर पर देखी जा रही है। इसमें व्यापारिक विवादों, नई जांच और ईरान संकट जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी ताकि दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को सुधारा जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
- फोटो : ANI/PTI
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विस्तार
पेरिस में रविवार को अमेरिका और चीन के बीच अहम आर्थिक और व्यापारिक बातचीत शुरू हुई। इस बैठक का एक उद्देश्य अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आगामी मुलाकात का रास्ता साफ करना भी है। ट्रंप करीब दो हफ्ते बाद बीजिंग की यात्रा कर सकते हैं।
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चीनी सरकारी समाचार एजेंसी ने दी जानकारी
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग अपनी टीमों के साथ पेरिस पहुंचे हैं। व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि ट्रंप 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चीन के दौरे पर रहेंगे। हालांकि, बीजिंग ने अभी इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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क्या बोले स्कॉट बेसेंट?
स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा था कि उनकी टीम अमेरिकी किसानों, मजदूरों और कारोबारियों के हितों को सबसे ऊपर रखेगी। अमेरिकी वित्त विभाग ने बताया कि बेसेंट रविवार और सोमवार को हे लिफेंग के साथ बैठक करेंगे। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि दोनों पक्ष आपसी आर्थिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
ये भी पढ़ें: 'न युद्धविराम की मांग न ही बातचीत की': ईरान ने खारिज किया अमेरिकी दावा, भड़के ट्रंप बोले- झूठी खबरें फैला रहा
2017 के बाद ट्रंप की पहली चीन यात्रा
ट्रंप की यह चीन यात्रा 2017 के बाद पहली बार होगी। इससे पांच महीने पहले दोनों नेता दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में मिले थे। उस समय उन्होंने व्यापार युद्ध को एक साल के लिए रोकने पर सहमति जताई थी। इससे पहले दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामान पर भारी टैक्स लगा दिया था, जिससे वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया था।
इतनी कोशिशों के बाद भी दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर तनाव कम नहीं हुआ है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में चीन समेत 16 व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ नई जांच शुरू की है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन का कहना है कि यह कदम वैश्विक सप्लाई चेन की सुरक्षा और स्थिरता को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने इसे गलती पर गलती करार दिया है।
इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
इस बैठक में ईरान युद्ध और तेल की सप्लाई पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि वह चाहते हैं कि चीन, फ्रांस, जापान और ब्रिटेन जैसे देश अपने युद्धपोत भेजें। इससे हॉर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखा जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पेरिस की यह बैठक ट्रंप और जिनपिंग के शिखर सम्मेलन से पहले सबसे महत्वपूर्ण है। अर्थशास्त्री गैरी एनजी ने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि क्या दोनों देश अपने मतभेदों को ठीक से संभाल पाएंगे। चीन को अमेरिकी नीतियों में बार-बार होने वाले बदलावों से काफी चिंता है।
पिछले हफ्ते चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था कि यह साल चीन-अमेरिका संबंधों के लिए बहुत बड़ा होगा। उन्होंने ट्रंप की यात्रा पर सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि बड़े स्तर की मुलाकातों का एजेंडा तैयार है। बेसेंट और हे लिफेंग पिछले साल से ही जिनेवा, लंदन और मैड्रिड जैसे कई शहरों में व्यापारिक बातचीत कर चुके हैं।
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