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ट्रंप को बड़ा झटका: 'इस्राइल के दबाव में किया ईरान पर हमला', अमेरिकी आतंकरोधी एजेंसी के प्रमुख का इस्तीफा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Tue, 17 Mar 2026 07:37 PM IST
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सार
अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक जो केंट ने ट्रंप प्रशासन की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया है। केंट ने कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था और यह युद्ध इस्राइल के दबाव में शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि वह अपनी अंतरात्मा के खिलाफ इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते।
जो केंट का इस्तीफा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका में ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक जो केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि वह ट्रंप प्रशासन की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं कर सकते। केंट ने साफ कहा कि वह इस युद्ध के साथ अपनी अंतरात्मा के अनुसार खड़े नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
जो केंट ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था। उनके मुताबिक यह युद्ध अमेरिका ने अपनी सुरक्षा की वजह से नहीं बल्कि इस्राइल और अमेरिका में उसके प्रभावशाली लॉबी के दबाव में शुरू किया है। केंट ने कहा कि वह ऐसी नीति का समर्थन नहीं कर सकते जिसमें बिना स्पष्ट खतरे के युद्ध छेड़ा जाए।
ये भी पढ़ें- Russia: पश्चिम एशिया युद्ध पर चीन के बाद रूस की भी चेतावनी, तुरंत युद्ध रोकने और बातचीत शुरू करने की अपील की
ईरान युद्ध को लेकर क्या कहा?
जो केंट ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के लिए कोई तत्काल या प्रत्यक्ष खतरा पैदा नहीं किया था। उनके मुताबिक हालात ऐसे नहीं थे कि युद्ध की जरूरत पड़ती। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष में अमेरिका की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। केंट ने यह भी कहा कि युद्ध का फैसला दबाव और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण लिया गया।
कौन हैं जो केंट?
जो केंट अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक थे। इस एजेंसी की जिम्मेदारी दुनिया भर में आतंकवादी खतरों का विश्लेषण करना और उनसे निपटने की रणनीति बनाना होती है। केंट को जुलाई में सीनेट में 52-44 वोट से इस पद के लिए मंजूरी मिली थी। इससे पहले वह राजनीति में भी सक्रिय रहे और वॉशिंगटन राज्य से कांग्रेस चुनाव भी लड़ चुके हैं।
सैन्य और खुफिया पृष्ठभूमि
जो केंट का लंबा सैन्य और खुफिया अनुभव रहा है। वह अमेरिकी सेना में ग्रीन बेरेट कमांडो के रूप में काम कर चुके हैं और 11 बार अलग-अलग मिशनों में तैनात रहे हैं। सेना छोड़ने के बाद उन्होंने सीआईए के साथ भी काम किया। इसके बाद वह राजनीति में आए और बाद में ट्रंप प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
ट्रंप प्रशासन के लिए क्या मायने?
जो केंट का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इस्राइल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवाद विरोधी एजेंसी के प्रमुख का इस तरह इस्तीफा देना ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ा सकता है। इससे अमेरिका की ईरान नीति पर नए सवाल खड़े हो सकते हैं।
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After much reflection, I have decided to resign from my position as Director of the National Counterterrorism Center, effective today.
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I cannot in good conscience support the ongoing war in Iran. Iran posed no imminent threat to our nation, and it is clear that we started this… pic.twitter.com/prtu86DpEr — Joe Kent (@joekent16jan19) March 17, 2026
जो केंट ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था। उनके मुताबिक यह युद्ध अमेरिका ने अपनी सुरक्षा की वजह से नहीं बल्कि इस्राइल और अमेरिका में उसके प्रभावशाली लॉबी के दबाव में शुरू किया है। केंट ने कहा कि वह ऐसी नीति का समर्थन नहीं कर सकते जिसमें बिना स्पष्ट खतरे के युद्ध छेड़ा जाए।
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ईरान युद्ध को लेकर क्या कहा?
जो केंट ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के लिए कोई तत्काल या प्रत्यक्ष खतरा पैदा नहीं किया था। उनके मुताबिक हालात ऐसे नहीं थे कि युद्ध की जरूरत पड़ती। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष में अमेरिका की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। केंट ने यह भी कहा कि युद्ध का फैसला दबाव और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण लिया गया।
कौन हैं जो केंट?
जो केंट अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक थे। इस एजेंसी की जिम्मेदारी दुनिया भर में आतंकवादी खतरों का विश्लेषण करना और उनसे निपटने की रणनीति बनाना होती है। केंट को जुलाई में सीनेट में 52-44 वोट से इस पद के लिए मंजूरी मिली थी। इससे पहले वह राजनीति में भी सक्रिय रहे और वॉशिंगटन राज्य से कांग्रेस चुनाव भी लड़ चुके हैं।
सैन्य और खुफिया पृष्ठभूमि
जो केंट का लंबा सैन्य और खुफिया अनुभव रहा है। वह अमेरिकी सेना में ग्रीन बेरेट कमांडो के रूप में काम कर चुके हैं और 11 बार अलग-अलग मिशनों में तैनात रहे हैं। सेना छोड़ने के बाद उन्होंने सीआईए के साथ भी काम किया। इसके बाद वह राजनीति में आए और बाद में ट्रंप प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
ट्रंप प्रशासन के लिए क्या मायने?
जो केंट का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इस्राइल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवाद विरोधी एजेंसी के प्रमुख का इस तरह इस्तीफा देना ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ा सकता है। इससे अमेरिका की ईरान नीति पर नए सवाल खड़े हो सकते हैं।
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