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US: मिनियापोलिस में जारी रहेगा ICE का अभियान, व्हाइट हाउस बोला- ट्रंप ने एलेक्स प्रेटी को नहीं कहा घरेलू आतंकी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 27 Jan 2026 07:17 AM IST
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सार
अमेरिका के मिनियापोलिस में प्रशासनिक कार्रवाई का बड़े पैमाने पर विरोध किया जा रहा है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने साफ किया है कि सरकार अपनी नीति से पीछे नहीं हटेगी। वहीं व्हाइस हाउस ने साफ किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने मिनियापोलिस में मारे गए आईसीयू नर्स को घरेलू आतंकी नहीं कहा है।
कैरोलिन लेविट, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन और डिपोर्टेशन नीति को लेकर विवाद और गहरा गया है। मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एजेंट्स की कार्रवाई के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों की मौत के बाद देशभर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि ट्रंप सरकार अपनी नीति से पीछे नहीं हटेगी।
'ट्रंप की नीतियों के साथ है अमेरिकी जनता'
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी जनता भारी संख्या में ट्रंप की नीतियों के साथ है। उनके मुताबिक, 'अमेरिकन लोग मजबूत बॉर्डर और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं। सर्वे बताते हैं कि इस नीति को बहुत बड़ा समर्थन मिल रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप अपना वादा कभी नहीं तोड़ेंगे और 'हिंसक और अपराधी अवैध प्रवासियों' को देश से बाहर निकालने का अभियान जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें - Trump Tariffs: ट्रेड डील में देरी दक्षिण कोरिया पर पड़ी भारी, ट्रंप ने बढ़ाया टैरिफ; जानें अब कितना लगेगा कर
एलेक्स प्रेटी की मौत के बाद सरकार की सफाई
यह बयान उस समय आया है जब मिनियापोलिस में एक आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेटी की फेडरल एजेंट्स के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। इससे पहले 7 जनवरी को रैनी गुड नाम की महिला की भी गोली लगने से मौत हुई थी। इन दोनों मामलों के बाद शहर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए और फेडरल एजेंट्स की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। फेडरल अधिकारियों का कहना है कि प्रेटी को आत्मरक्षा में गोली मारी गई, लेकिन अब तक इस दावे के पुख्ता सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने सबूतों को नष्ट या बदलने से रोकने के लिए अस्थायी आदेश भी दिया है। आज एक और अहम सुनवाई होने वाली है, जिसमें इमिग्रेशन अभियान को अस्थायी रूप से रोकने की मांग पर बहस होगी।
'राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेटी को आतंकवादी नहीं कहा'
इसी बीच कुछ सरकारी अधिकारियों ने प्रेटी को 'घरेलू आतंकवादी' जैसा बताया, लेकिन व्हाइट हाउस ने इससे दूरी बना ली। लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेटी को कभी आतंकवादी नहीं कहा है और वह चाहते हैं कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आए। उन्होंने यह भी कहा, 'कोई भी नहीं चाहता कि अमेरिका की सड़कों पर किसी निर्दोष की जान जाए।'
ट्रंप और मिनेसोटा के गवर्नर के बीच हुई बातचीत
मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बात भी हुई। ट्रंप ने कहा कि दोनों 'एक ही सोच पर' हैं और मिलकर हालात सुधारना चाहते हैं। उन्होंने अपने बड़े बॉर्डर सुरक्षा अधिकारी टॉम होमन को मिनेसोटा भेजने की घोषणा की। ट्रंप के मुताबिक, 'हमने वॉशिंगटन डीसी, मेम्फिस और न्यू ऑरलियन्स में शानदार सफलता पाई है। मिनेसोटा में भी अपराध कम हुआ है, लेकिन हम इसे और बेहतर बनाना चाहते हैं।'
यह भी पढ़ें - Canada-US Row: ट्रंप की 100 फीसदी टैरिफ धमकियों पर पीएम कार्नी का दो टूक- कनाडा ब्लैकमेल में नहीं होगा
हालांकि मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन ने ट्रंप के बयानों को 'पूरी तरह पागलपन' करार दिया और कहा कि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। कई कानूनी याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनमें कहा गया है कि भारी हथियारों से लैस, नकाबपोश फेडरल एजेंट्स की तैनाती राज्य के अधिकारों का उल्लंघन है। उधर, कांग्रेस के डेमोक्रेट सांसदों ने चेतावनी दी है कि अगर इमिग्रेशन नीति में सुधार नहीं हुआ तो वे फंडिंग रोक सकते हैं।
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'ट्रंप की नीतियों के साथ है अमेरिकी जनता'
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी जनता भारी संख्या में ट्रंप की नीतियों के साथ है। उनके मुताबिक, 'अमेरिकन लोग मजबूत बॉर्डर और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं। सर्वे बताते हैं कि इस नीति को बहुत बड़ा समर्थन मिल रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप अपना वादा कभी नहीं तोड़ेंगे और 'हिंसक और अपराधी अवैध प्रवासियों' को देश से बाहर निकालने का अभियान जारी रहेगा।
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एलेक्स प्रेटी की मौत के बाद सरकार की सफाई
यह बयान उस समय आया है जब मिनियापोलिस में एक आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेटी की फेडरल एजेंट्स के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। इससे पहले 7 जनवरी को रैनी गुड नाम की महिला की भी गोली लगने से मौत हुई थी। इन दोनों मामलों के बाद शहर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए और फेडरल एजेंट्स की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। फेडरल अधिकारियों का कहना है कि प्रेटी को आत्मरक्षा में गोली मारी गई, लेकिन अब तक इस दावे के पुख्ता सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने सबूतों को नष्ट या बदलने से रोकने के लिए अस्थायी आदेश भी दिया है। आज एक और अहम सुनवाई होने वाली है, जिसमें इमिग्रेशन अभियान को अस्थायी रूप से रोकने की मांग पर बहस होगी।
'राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेटी को आतंकवादी नहीं कहा'
इसी बीच कुछ सरकारी अधिकारियों ने प्रेटी को 'घरेलू आतंकवादी' जैसा बताया, लेकिन व्हाइट हाउस ने इससे दूरी बना ली। लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेटी को कभी आतंकवादी नहीं कहा है और वह चाहते हैं कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आए। उन्होंने यह भी कहा, 'कोई भी नहीं चाहता कि अमेरिका की सड़कों पर किसी निर्दोष की जान जाए।'
ट्रंप और मिनेसोटा के गवर्नर के बीच हुई बातचीत
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हालांकि मिनेसोटा के अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन ने ट्रंप के बयानों को 'पूरी तरह पागलपन' करार दिया और कहा कि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। कई कानूनी याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनमें कहा गया है कि भारी हथियारों से लैस, नकाबपोश फेडरल एजेंट्स की तैनाती राज्य के अधिकारों का उल्लंघन है। उधर, कांग्रेस के डेमोक्रेट सांसदों ने चेतावनी दी है कि अगर इमिग्रेशन नीति में सुधार नहीं हुआ तो वे फंडिंग रोक सकते हैं।
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