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India US Defence Talks: भारत-अमेरिका वायुसेना प्रमुखों की अहम बैठक, इंडो-पैसिफिक में सहयोग और सुरक्षा पर जोर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Shivam Garg
Updated Sat, 11 Apr 2026 08:36 AM IST
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सार
वाशिंगटन में हुई भारत और अमेरिका के वायु सेना प्रमुखों की बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रक्षा सहयोग, इंटरऑपरेबिलिटी और संयुक्त प्रशिक्षण को बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने साझा सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
India-US Talks
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग, प्रशिक्षण और सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
कौन-कौन रहे शामिल?
अमेरिकी वायुसेना प्रमुख केनेथ विल्सबैक ने भारतीय वायुसेना प्रमुखअमर प्रीत सिंह की मेजबानी की। यह आधिकारिक दौरा 8 अप्रैल को हुआ, जिसमें उन्हें जॉइंट बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने पेंटागन में उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लिया, जहां अमेरिकी वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और ट्रॉय मींक से भी मुलाकात हुई।
'फ्री, ओपन और प्रॉस्परस' इंडो-पैसिफिक पर जोर
अमेरिकी वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को वाशिंगटन द्वारा दी जाने वाली महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस साझेदारी को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को 'स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण और समृद्ध' बनाए रखने के लिए केंद्रीय बताया। जनरल विल्सबैक ने समान विचारधारा वाले सहयोगियों के साथ बहुपक्षीय अभ्यासों में भारत के नेतृत्व और भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सहयोग को बढ़ाना क्षेत्रीय निवारण को मजबूत करने की कुंजी होगी।
आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण पर चर्चा
जनरल विल्सबैक ने कहा एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के इस महत्वपूर्ण समकक्ष दौरे की मेजबानी करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। पेंटागन में उनके पूरे दिन के दौरान, हमने आधुनिकीकरण के प्रयासों, भविष्य के प्रशिक्षण के अवसरों और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध इंडो-पैसिफिक के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पर गहन चर्चा की।
बैठक में भारत द्वारा MQ-9B स्काई गार्जियन विमान की खरीद पर भी चर्चा हुई। अमेरिकी वायु सेना ने इस बात पर जोर दिया कि वे भारतीय सशस्त्र बलों को इस प्लेटफॉर्म को 'निर्बाध और प्रभावी ढंग से तैनात' करने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अन्य बेस का दौरा
वाशिंगटन के अलावा, एयर चीफ मार्शल सिंह ने कोलोराडो में पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का भी दौरा किया, जहां उन्हें उत्तरी अमेरिका के लिए एयरोस्पेस और समुद्री चेतावनी सहित नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) मिशन के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने नेवादा में नेलिस एयर फोर्स बेस का भी दौरा किया, जहां उन्होंने अमेरिकी वायु सेना युद्ध केंद्र में ब्रीफिंग में भाग लिया और F-15EX ईगल II लड़ाकू विमान में एक परिचय उड़ान भरी।
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कौन-कौन रहे शामिल?
अमेरिकी वायुसेना प्रमुख केनेथ विल्सबैक ने भारतीय वायुसेना प्रमुखअमर प्रीत सिंह की मेजबानी की। यह आधिकारिक दौरा 8 अप्रैल को हुआ, जिसमें उन्हें जॉइंट बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने पेंटागन में उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लिया, जहां अमेरिकी वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और ट्रॉय मींक से भी मुलाकात हुई।
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'फ्री, ओपन और प्रॉस्परस' इंडो-पैसिफिक पर जोर
अमेरिकी वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को वाशिंगटन द्वारा दी जाने वाली महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस साझेदारी को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को 'स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण और समृद्ध' बनाए रखने के लिए केंद्रीय बताया। जनरल विल्सबैक ने समान विचारधारा वाले सहयोगियों के साथ बहुपक्षीय अभ्यासों में भारत के नेतृत्व और भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सहयोग को बढ़ाना क्षेत्रीय निवारण को मजबूत करने की कुंजी होगी।
आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण पर चर्चा
जनरल विल्सबैक ने कहा एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के इस महत्वपूर्ण समकक्ष दौरे की मेजबानी करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। पेंटागन में उनके पूरे दिन के दौरान, हमने आधुनिकीकरण के प्रयासों, भविष्य के प्रशिक्षण के अवसरों और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध इंडो-पैसिफिक के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पर गहन चर्चा की।
बैठक में भारत द्वारा MQ-9B स्काई गार्जियन विमान की खरीद पर भी चर्चा हुई। अमेरिकी वायु सेना ने इस बात पर जोर दिया कि वे भारतीय सशस्त्र बलों को इस प्लेटफॉर्म को 'निर्बाध और प्रभावी ढंग से तैनात' करने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अन्य बेस का दौरा
वाशिंगटन के अलावा, एयर चीफ मार्शल सिंह ने कोलोराडो में पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का भी दौरा किया, जहां उन्हें उत्तरी अमेरिका के लिए एयरोस्पेस और समुद्री चेतावनी सहित नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) मिशन के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने नेवादा में नेलिस एयर फोर्स बेस का भी दौरा किया, जहां उन्होंने अमेरिकी वायु सेना युद्ध केंद्र में ब्रीफिंग में भाग लिया और F-15EX ईगल II लड़ाकू विमान में एक परिचय उड़ान भरी।