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US-Iran Talks: जिनेवा में यूएस-ईरान परमाणु वार्ता हुई पूरी, पश्चिम एशिया में सैन्य जमावड़े से युद्ध की आशंका

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा Published by: Shivam Garg Updated Fri, 27 Feb 2026 06:33 AM IST
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सार

US-Iran Nuclear Talks: जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक और दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता हुई। इसी बीच पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा बढ़ने से क्षेत्रीय तनाव तेज हो गया है और संभावित युद्ध की आशंकाएं फिर गहरा गई हैं।

US-Iran Indirect Nuclear Talks in Geneva Amid Rising Military Tensions in Middle East
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI
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विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर अप्रत्यक्ष वार्ता हुई। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हो रही इस बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर टिकीं थी, क्योंकि इसी के साथ पश्चिम एशिया में सैन्य हलचल भी तेज हो गई है। वार्ता का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करना और संभावित युद्ध को टालना बताया गया है, जबकि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपने विमान और युद्धपोतों का बड़ा बेड़ा तैनात कर रहा है।

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ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी, जो वार्ता के मध्यस्थ हैं, ने कहा कि वार्ता पूरी हो गई है और जल्द ही फिर शुरू होगी। उन्होंने ट्वीट किया कि बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, हालांकि विस्तृत विवरण नहीं दिया गया। तकनीकी स्तर की वार्ता अगले सप्ताह वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के मुख्यालय में होगी।

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युद्ध टालने की कोशिश, लेकिन खतरा बरकरार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जिनेवा रवाना होने से पहले चेतावनी दी कि अगर अमेरिका हमला करता है तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने निशाने पर होंगे। उन्होंने कहा यह किसी के लिए जीत की स्थिति नहीं होगी। पूरा क्षेत्र एक विनाशकारी युद्ध की चपेट में आ सकता है। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि वह इस्राइल को भी निशाना बना सकता है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।


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पिछले साल युद्ध से टूटी थी बातचीत
पिछले वर्ष कई दौर की वार्ता उस समय पटरी से उतर गई थी जब इस्राइल ने ईरान पर 12 दिन तक हमले किए और अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर भारी बमबारी की। हालांकि नुकसान की पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान फिलहाल यूरेनियम संवर्धन नहीं कर रहा, लेकिन वह उस स्तर तक पहुंचने की कोशिश में है जहां से परमाणु हथियार बनाना संभव हो सके।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सैन्य हलचल
उधर, अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के जहाजों की गतिविधियों में भी बदलाव देखा गया है। सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिला है कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे से कई पोत समुद्र में तैनात किए गए हैं। तेल बाजार भी इस तनाव से प्रभावित है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। पिछली वार्ता के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही अस्थायी रूप से रोकने का संकेत दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ा था।

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