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Iran: 'जो होना है, वह हमने बता दिया', यूरेनियम संवर्धन पर ईरानी विदेश मंत्री अराघची की अमेरिका को दो टूक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 27 Feb 2026 07:38 AM IST
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सार
अमेरिका का आकलन है कि ईरान ने अभी तक हथियार कार्यक्रम फिर से शुरू नहीं किया है, लेकिन उसने ऐसे कदम उठाए हैं जो भविष्य में परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में उसे सक्षम बना सकते हैं। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची
- फोटो : ANI/Reuters
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विस्तार
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के दौरान जिनेवा में दोनों देशों ने वार्ता की। कई घंटों की बैठक के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यह गहरी चिंता भरी लंबी बातचीतों में से एक है। जिनेवा में अब तक हुई इन चर्चाओं के बाद कोई समझौता नहीं हो सका, जिससे पश्चिम एशिया में फिर से युद्ध की आशंका बनी हुई है।
अब्बास अराघची ने गुरुवार को ईरानी सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि जो कुछ होना है, वह हमारी ओर से साफ कर दिया गया है। हालांकि उन्होंने बातचीत के विवरण साझा नहीं किए। अमेरिकी पक्ष की ओर से भी तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई और व्हाइट हाउस ने भी प्रतिक्रिया नहीं दी।
ये भी पढ़ें: Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान का अफगान के खिलाफ युद्ध का एलान, काबुल-कंधार पर की बमबारी
अगले हफ्ते फिर होगी अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत
जिनेवा में हुई कई घंटों की अप्रत्यक्ष वार्ता के बावजूद दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने कहा कि बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हालांकि, उन्होंने भी विस्तार से जानकारी नहीं दी। आगे की वार्ता का दौर अगले सप्ताह वियना में होगा, जहां अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का मुख्यालय स्थित है।
वार्ता समाप्त होने से ठीक पहले ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि तेहरान यूरेनियम संवर्धन जारी रखने के अपने अधिकार पर अडिग है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है। यह रुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांगों से अलग माना जा रहा है। ट्रंप की मांग है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन, लंबी दूरी की मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह रोके। इसके साथ ही हमास और हिजबुल्लाह जैसे समूहों को समर्थन देना बंद करे। वहीं, ईरान का कहना है कि वह केवल परमाणु मुद्दे पर बात करेगा।
ये भी पढ़ें: अफगानिस्तान का नया कानून: पत्नी को पीटने पर 15 दिन, जानवरों की लड़ाई पर पांच महीने जेल; UN ने जताई गंभीर चिंता
अराघची ने फिर दी चेतावनी
अराघची ने एक साक्षात्कार में फिर से चेतावनी दी कि अगर अमेरिका हमला करता है तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने वैध लक्ष्य माने जाएंगे और इससे व्यापक क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है। उन्होंने इसे बहुत डरावना बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में किसी की जीत नहीं होगी।
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अब्बास अराघची ने गुरुवार को ईरानी सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि जो कुछ होना है, वह हमारी ओर से साफ कर दिया गया है। हालांकि उन्होंने बातचीत के विवरण साझा नहीं किए। अमेरिकी पक्ष की ओर से भी तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई और व्हाइट हाउस ने भी प्रतिक्रिया नहीं दी।
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जिनेवा में हुई कई घंटों की अप्रत्यक्ष वार्ता के बावजूद दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने कहा कि बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हालांकि, उन्होंने भी विस्तार से जानकारी नहीं दी। आगे की वार्ता का दौर अगले सप्ताह वियना में होगा, जहां अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का मुख्यालय स्थित है।
वार्ता समाप्त होने से ठीक पहले ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि तेहरान यूरेनियम संवर्धन जारी रखने के अपने अधिकार पर अडिग है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है। यह रुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांगों से अलग माना जा रहा है। ट्रंप की मांग है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन, लंबी दूरी की मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह रोके। इसके साथ ही हमास और हिजबुल्लाह जैसे समूहों को समर्थन देना बंद करे। वहीं, ईरान का कहना है कि वह केवल परमाणु मुद्दे पर बात करेगा।
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अराघची ने फिर दी चेतावनी
अराघची ने एक साक्षात्कार में फिर से चेतावनी दी कि अगर अमेरिका हमला करता है तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने वैध लक्ष्य माने जाएंगे और इससे व्यापक क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है। उन्होंने इसे बहुत डरावना बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में किसी की जीत नहीं होगी।
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