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US Iran Talks: अमेरिका-ईरान की शांति वार्ता विफल, जेडी वेंस बोले- ये तेहरान के लिए बुरी खबर

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद। Published by: Nirmal Kant Updated Sun, 12 Apr 2026 07:14 AM IST
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सार

US Iran Talks Update: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि इस्लामाबाद में 21 घंटे चली वार्ता विफल हो गई है, क्योंकि कोई समझौता नहीं हो सका। उन्होंने इसे अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए 'बुरी खबर' बताया। वार्ता को लेकर वेंस ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-

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जेडी वेंस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, खराब खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए। मेरा मानना है कि यह अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए खराब खबर है।
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने क्या कहा?
उन्होंने आगे कहा, हम अमेरिका वापस जा रहे हैं, क्योंकि कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने हमारे प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। जेडी वेंस ने कहा, बातचीत में जो भी कमी रही, वह पाकिस्तान की वजह से नहीं है। उन्होंने बहुत अच्छा काम किया और अमेरिका और ईरान के बीच दूरी कम करने की कोशिश की।
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'यह ईरान के लिए बुरी खबर'
उन्होंने बताया, हम पिछले 21 घंटों से इस पर काम कर रहे हैं और ईरान के साथ कई अहम चर्चाएं हुई हैं। यह अच्छी खबर है। बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं। मेरा मानना है कि यह अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है। इसलिए, हम अमेरिका वापस जा रहे हैं, क्योंकि कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने हमारे प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। 

ये भी पढ़ें: ईरान से वार्ता पर ट्रंप बोले- नतीजे से अमेरिका को फर्क नहीं पड़ता, हम जीते हैं; चीन को दी धमकी

ईरान से परमाणु हथियार हासिल न करने की प्रतिबद्धता चाहिए: वेंस
वेंस ने कहा, 'साधारण तथ्य यह है कि हमें इस बात की स्पष्ट प्रतिबद्धता चाहिए कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा और न ही उन साधनों की तलाश करेगा, जिनसे वह जल्दी परमाणु हथियार बना सके। यही अमेरिका के राष्ट्रपति का मुख्य लक्ष्य है। यही हम इन वार्ताओं के जरिये हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, उनका परमाणु कार्यक्रम जैसा भी है और जो संवर्धन सुविधाएं पहले थीं, वे नष्ट कर दी गई हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या हम ईरान की तरफ से यह मूलभूत इच्छा और प्रतिबद्धता देखते हैं कि वह न केवल अभी या दो साल बाद, बल्कि लंबे समय तक परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा? अभी तक हमने यह नहीं देखा है। लेकिन हमें उम्मीद है कि हम इसे देखेंगे।'

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