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US: ईरान से वार्ता पर ट्रंप बोले- नतीजे से अमेरिका को फर्क नहीं पड़ता, हम जीते हैं; चीन को दी धमकी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: Nirmal Kant Updated Sun, 12 Apr 2026 03:53 AM IST
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us president donald trump on islamabad talks, downplays Iran negotiations, strait of hormuz and china
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई (फाइल)
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अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को पाकिस्तान में ऐतिहासिक वार्ता जारी है। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी वार्ता को ज्यादा अहमियत नहीं दी। उन्होंने कहा कि किसी भी नतीजे से अमेरिका को फर्क नहीं पड़ता क्योंकि 'हम जीते हैं'।
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व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'देखते हैं क्या होता है, शायद समझौता हो जाए, शायद न हो।' उन्होंने आगे कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अमेरिका के नजरिये से हम जीते हैं।
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पाकिस्तान में जारी वार्ता पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, कई घंटों से ईरान के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, वे कई घंटों से बैठक कर रहे हैं। हम देखेंगे क्या होता है। लेकिन किसी भी हाल में हम जीतते हैं। शायद वे समझौता करें, शायद न करें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अमेरिका के नजरिये से हम जीतते हैं। नावें आगे बढ़ रही हैं और हमारे देश की तरफ आ रही हैं। हम बड़े टैंकरों में तेल और गैस भर रहे हैं। 

'होर्मुज में बारूदी सुरंगों की जांच कर रही अमेरिकी सेना'
ट्रंप ने यह भी माना कि ईरान के साथ 'बहुत गहरी बातचीत' चल रही है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों की जांच कर रही है। यह रास्ता अभी भी लगभग बंद है, जिससे तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों को परेशानी हो रही है।

'नाटो से नहीं मिली मदद'
इस सवाल के जवाब में कि क्या अमेरिका ईरानी संपत्तियां जारी करेगा, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, हम देखेंगे क्या होता है। हम ईरान के साथ गहरी बातचीत में हैं, हम किसी भी स्थिति में जीतते हैं। हमने उन्हें सैन्य रूप से हरा दिया है। हम होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग खाली कर रहे हैं, चाहे समझौता हो या न हो, मेरे लिए कोई फर्क नहीं पड़ता और इसका कारण यह है कि हमने जीत हासिल कर ली है। हमें उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से मदद नहीं मिली।

चीन को भी दी चेतावनी
ट्रंप ने आगे कहा, उनके (ईरान के) पास कोई नौसेना, रडार या वायु सेना नहीं है। उनके सभी नेता मारे जा चुके हैं। उन्होंने कई वर्षों तक शासन किया, वे अब चले गए हैं। इन सबके साथ देखते हैं क्या होता है। लेकिन मेरे नजरिये से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। चीन की ओर से ईरान को हथियार भेजने की खबरों पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, अगर चीन ऐसा करता है, तो चीन को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। 

इस समय अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आमने-सामने की ऐतिहासिक बातचीत चल रही है। यह बातचीत उस अस्थायी संघर्षविराम के कुछ दिन बाद हो रही है, जो दो हफ्ते पहले घोषित हुआ था। यह युद्ध अब सातवें हफ्ते में पहुंच चुका है, जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई है और वैश्विक बाजार प्रभावित हुए हैं।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। जबकि, ईरानी पक्ष का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ कर रहे हैं। दोनों पक्ष पाकिस्तान के साथ मिलकर संघर्षविराम को आगे बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं। लेकिन गहरे मतभेद और इस्राइल के हमले इस समझौते को लगातार चुनौती दे रहे हैं। इन हमलों में लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला को भी नुकसान हुआ है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मौत का आंकड़ा दो हजार पार हो चुका है। 
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