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40 दिन बमबारी, सीजफायर और शांति वार्ता: अब होर्मुज से दो अमेरिकी जहाजों के गुजरने का दावा, ईरान ने किया खंडन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 11 Apr 2026 11:00 PM IST
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सार

ईरान के साथ जारी तनाव के बीच दो अमेरिकी युद्धपोतों ने पहली बार होर्मुज को पार किया है। ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है। यह ऑपरेशन बिना ईरान की सहमति के किया गया। वहीं, पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता भी शुरू हो गई है। इस बीच ईरान ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। 
 

us warships cross strait of hormuz first time since iran war began trump updates
होर्मुज समुद्री मार्ग - फोटो : @अमर उजाला
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विस्तार

पश्चिम एशिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के साथ जारी तनाव के बीच पहली बार दो अमेरिकी युद्धपोतों ने होर्मुज पार किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं, लेकिन जमीन पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।
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चीन जैसे देशों पर एहसान कर रहे हैं हम-ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा की। ट्रंप ने अपने अंदाज में लिखा कि अमेरिका ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि हम चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों पर एहसान कर रहे हैं, क्योंकि उनमें खुद यह काम करने की हिम्मत या इच्छाशक्ति नहीं है।
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ट्रंप ने दावा किया कि इस युद्ध में ईरान बुरी तरह हार रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस रास्ते में ईरानी समुद्री बारूदी सुरंगें अभी भी एक बड़ा खतरा बनी हुई हैं। उन्होंने लिखा कि ईरान के पास अब बस एक ही दांव बचा है कि कोई जहाज उनकी समुद्री सुरंगों से टकरा जाए।

बिना बताए घुसे युद्धपोत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स ने जब खाड़ी को पार किया, तो इसकी कोई जानकारी तेहरान को नहीं दी गई थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह ऑपरेशन बिना किसी बाधा के पूरा हुआ। गौर करने वाली बात यह है कि 28 फरवरी 2026 को ईरान पर बमबारी शुरू होने के बाद से यह रास्ता पूरी तरह से बंद जैसा था। समझौते की शर्तों के अनुसार इसे खोलना जरूरी था, लेकिन अमेरिका ने इस बार बिना समन्वय के ही अपने जहाज भेजकर अपनी ताकत का अहसास कराया है।

यह भी पढ़ें: खाड़ी देशों में हलचल: इस्लामाबाद वार्ता के बीच 13 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के सऊदी पहुंचने की खबर, जानिए मामला

अमेरिकी दावों को ईरान ने किया सिरे से खारिज
अमेरिकी मीडिया और राष्ट्रपति ट्रंप के दावों के उलट, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के हवाले से स्पष्ट किया है कि किसी भी अमेरिकी युद्धपोत ने होर्मुज को पार नहीं किया है। ईरान ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए दावा किया कि उनकी सेना ने जलडमरूमध्य की कड़ी निगरानी की है और वहां ऐसी कोई हलचल नहीं हुई। ईरान ने दावा किया है कि वे अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं ।

शांति की कोशिशें जारी
दुनिया के कुल कच्चे तेल का पांचवां हिस्सा इसी होर्मुज से होकर गुजरता है। ईरान ने तनाव शुरू होने के बाद से इस रास्ते की घेराबंदी कर रखी थी, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। इस बीच, पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत शुरू हो गई है, जिससे इस खूनी संघर्ष को खत्म किया जा सके। ट्रंप ने यह भी संकेत दिए कि दुनिया भर से खाली तेल टैंकर अब तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ओर रुख कर रहे हैं।

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