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Iran Israel War: होर्मुज में खतरा बरकरार, अपनी ही बिछाई समुद्री बारूदी सुरंगें नहीं हटा पा रहा ईरान

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Nitin Gautam Updated Sun, 12 Apr 2026 05:10 AM IST
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सार

ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में स्थायी संघर्षविराम को लेकर बातचीत जारी है। इस बीच होर्मुज पर अभी भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ही अपनी बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को हटा नहीं पा रहा है। 

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होर्मुज जलडमरूमध्य - फोटो : FreePik
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विस्तार

ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों का न तो सही तरीके से पता लगा पा रहा है और न ही उन्हें तेजी से हटाने में सक्षम है। इस बात का खुलासा न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से किया है। रिपोर्ट के अनुसार हाल की सैन्य गतिविधियों के दौरान बिछाई गई इन सुरंगों के कारण यह अहम समुद्री मार्ग पूरी तरह से सामान्य संचालन में नहीं लौट पाया है। इससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस घटनाक्रम का असर पाकिस्तान में इस्लामाबाद में चल रही बातचीत पर भी पड़ सकता है। माना जा रहा है कि यह मुद्दा बातचीत में उठेगा, जहां दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल मौजूद हैं। इस वार्ता में अमेरिका की ओर से जेडी वेंस और ईरान की ओर से मोहम्मद बाघेर गालिबाफ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। 
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वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम होर्मुज
फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां से दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
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भारत जैसे देशों के लिए यह मार्ग और भी ज्यादा अहम है, क्योंकि उनकी ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर आता है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पिछले महीने छोटी नौकाओं का इस्तेमाल कर इन समुद्री बारूदी सुरंगों को बिछाया था। यह कदम तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और इस्राइल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों के तुरंत बाद उठाया गया था।

बारूदी सुरंग बिछाने का व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं 
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि समुद्र में बारूदी सुरंब बिछाने का व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड नहीं रखा गया। कुछ उपकरण ऐसे तरीके से लगाए गए थे कि वे समुद्र में बहते रहे, जिससे उनका पता लगाना और उन्हें हटाना और भी मुश्किल हो गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स  ने चेतावनी जारी की है कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज समुद्री बारूदी सुरंगों से टकरा सकते हैं।
चिंताओं को और बढ़ाते हुए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने सार्वजनिक परामर्श जारी कर जहाजों को संभावित खतरे के प्रति आगाह किया है। आईआरजीसी ने कहा, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाज समुद्री सुरक्षा के नियमों का पालन करें और बारूदी सुरंगों से बचने के लिए वैकल्पिक समुद्री मार्गों का इस्तेमाल करें।

चीन ईरान को हथियार भेजने की कर रहा तैयारी
चीन अगले कुछ हफ्तों में ईरान को नई वायु रक्षा प्रणालियां देने की तैयारी कर रहा है। सीएनएन ने अमेरिकी खुफिया विभाग के हालिया आकलन से वाकिफ तीन लोगों के हवाले से शुक्रवार को यह जानकारी दी। जब इसे लेकर राष्ट्रपति ट्रंप से सवाल किया गया तो उन्होंने चीन को धमकी देते हुए कहा कि अगर चीन ऐसा करने जा रहा है तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

ईरानी अधिकारियों से जुड़े लोगों पर अमेरिका की कार्रवाई, कई ग्रीन कार्ड किए रद्द
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में लंबे समय से रह रहे ईरानी मूल के कुछ लोगों के ग्रीन कार्ड रद्द कर दिए हैं। ये लोग मौजूदा या पूर्व ईरानी वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े बताए गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार को बताया कि लॉस एंजिलिस क्षेत्र के मनोविज्ञान शिक्षक सैयद ईसा हाशेमी, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ कार्रवाई की गई है। तीनों ईरान में जन्मे हैं और अमेरिका में स्थायी निवास का दर्जा रखते थे। विभाग के अनुसार इन लोगों को आव्रजन अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है और उन्हें देश से निष्कासित किया जाएगा। विदेश विभाग ने बताया कि सैयद ईसा हाशेमी, मासूमेह एब्तेकार के बेटे हैं।

अमेरिका बन रहा बड़ा आपूर्तिकर्ता
ट्रंप ने कहा कि बड़ी संख्या में तेल के बड़े-बड़े खाली टैंकर अमेरिका की तरफ आ रहे हैं। इनमें कुछ तो दुनिया के सबसे विशाल टैंकर माने जाते हैं। यह बताता है कि अमेरिका बड़ा आपूर्तिकर्ता बन रहा है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इन टैंकरों के आने का मकसद बताते हुए कहा है कि ये अमेरिका से दुनिया का सबसे बेहतरीन तेल और गैस खरीदने आ रहे हैं, जो कि बेहद अच्छी डील में मिल रहा है। अमेरिका के पास दुनिया की दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी तेल अर्थव्यवस्थाओं के संयुक्त भंडार से भी अधिक और उच्च गुणवत्ता वाला तेल मौजूद है।

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