America-Iran: अमेरिकी सेना की ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी, 42 जहाजों को रोका, ईरान ने ऐसे दिया जवाब
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी कर 42 जहाज रोके, ईरान के तेल राजस्व पर असर; ईरान ने इसे समुद्री डकैती बताया और सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
विस्तार
अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि उसने ईरानी बंदरगाहों में समुद्री वाणिज्य को रोकने के लिए लगाई गई नाकेबंदी के तहत 42 जहाजों को रोका है। यह कार्रवाई ईरान के तेल निर्यात से होने वाले संभावित राजस्व को बाधित करने के उद्देश्य से की गई है। ईरान ने इस कार्रवाई को खुले तौर पर समुद्री डकैती करार दिया है और अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है।
सोशल मीडिया पर अमेरिका ने दी जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांडर ब्रैड कूपर ने सोशल मीडिया एक्स पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी बलों ने नाकेबंदी का उल्लंघन करने का प्रयास कर रहे 42वें वाणिज्यिक जहाज को रोका है। उन्होंने बताया कि नाकेबंदी में अभी 41 टैंकर फंसे हुए हैं। इन टैंकरों में अनुमानित 690 लाख बैरल तेल है, जिसका संभावित राजस्व 6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
ईरान ने इसे डकैती बताया
कूपर ने कहा, नाकेबंदी अत्यधिक प्रभावी है, और अमेरिकी बल पूर्ण प्रवर्तन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। ईरान के मुख्य सैन्य कमान, खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने बताया कि सशस्त्र बलों ने उस समय हस्तक्षेप नहीं किया क्योंकि चालक दल के सदस्यों के परिवार जहाज पर सवार थे। ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को समुद्री डकैती बताया है। राज्य-संचालित प्रेस टीवी ने पहले एक उच्च पदस्थ सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया था कि इस पर जल्द ही व्यावहारिक और अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
क्यों की गई है नाकेबंदी
संयुक्त राज्य अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी लगाई है। यह नाकेबंदी जहाजों को ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने से रोक रही है। यह नाकेबंदी ईरान-अमेरिका वार्ता के विफल होने के बाद प्रभावी हुई। यह वार्ता 11-12 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई थी।
