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US-Iran War: ईरान से जंग के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, डूम्सडे बैलिस्टिक मिसाइल का किया परीक्षण; कितनी घातक?
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 05 Mar 2026 10:28 AM IST
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सार
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने 'मिनटमैन III' बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। यह मिसाइल परमाणु हमला करने में सक्षम है और इसने प्रशांत महासागर में अपने लक्ष्य को भेदा। अमेरिकी सेना ने इसे रूटीन टेस्ट बताया है, लेकिन इसे ईरान के लिए बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।
US ने मिनटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल का किया परिक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने मंगलवार रात कैलिफोर्निया तट पर अपनी 'डूम्सडे' बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। 'मिनटमैन III' नाम की यह मिसाइल बेहद घातक है। यह हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा शक्तिशाली परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखती है। इसे सांता बारबरा के पास वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात 11 बजे लॉन्च किया गया।
अमेरिकी स्पेस फोर्स ने जानकारी दी कि 'जीटी 254' नाम का यह रॉकेट बिना किसी हथियार के छोड़ा गया था। इसने प्रशांत महासागर में मार्शल आइलैंड्स के पास अपने तय लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया। एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने बताया कि इस मिसाइल को इसकी सटीकता और तैयारी को परखने के लिए दागा गया था।
ये भी पढ़ें: MEA: क्या ईरान पर हमलों के लिए भारत के बंदरगाह इस्तेमाल कर रहा अमेरिका? विदेश मंत्रालय बोला- बेबुनियाद रिपोर्ट
576वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी रे ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि इस टेस्ट से मिसाइल सिस्टम के अलग-अलग हिस्सों की कार्यक्षमता का अंदाजा लगाने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि ऐसे परीक्षणों से देश की परमाणु शक्ति के जमीनी हिस्से को और भी मजबूत और तैयार रखा जा सकता है।
यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इस्राइल ने हाल ही में ईरान पर हमला किया था। उस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिससे पूरे इलाके में जंग छिड़ गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले तेज करने चेतावनी दी है और कहा है कि एक बड़ा हमला होने वाला है। हालांकि, एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने यह भी साफ किया कि मंगलवार का यह परीक्षण रूटीन था और इसकी योजना वर्षों पहले ही बना ली गई थी।
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अमेरिकी स्पेस फोर्स ने जानकारी दी कि 'जीटी 254' नाम का यह रॉकेट बिना किसी हथियार के छोड़ा गया था। इसने प्रशांत महासागर में मार्शल आइलैंड्स के पास अपने तय लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया। एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने बताया कि इस मिसाइल को इसकी सटीकता और तैयारी को परखने के लिए दागा गया था।
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576वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी रे ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि इस टेस्ट से मिसाइल सिस्टम के अलग-अलग हिस्सों की कार्यक्षमता का अंदाजा लगाने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि ऐसे परीक्षणों से देश की परमाणु शक्ति के जमीनी हिस्से को और भी मजबूत और तैयार रखा जा सकता है।
यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इस्राइल ने हाल ही में ईरान पर हमला किया था। उस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिससे पूरे इलाके में जंग छिड़ गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले तेज करने चेतावनी दी है और कहा है कि एक बड़ा हमला होने वाला है। हालांकि, एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने यह भी साफ किया कि मंगलवार का यह परीक्षण रूटीन था और इसकी योजना वर्षों पहले ही बना ली गई थी।
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